हिंदी गीत संगीत का अटलस
तबला - भारतीय ताल वाद्ययंत्र
हिम्मत (1941) wikimedia · CC BY-SA 4.0

सिनेमा विंग · फ़िल्म-पट्टिका · Film Plate

हिम्मत

Himmat

वर्ष1941निर्देशकआर. के. शोरीसंगीतगोबिंद रामनिर्माणKamal Movietone

शैलीSocial · Musical

भाषाhindi   प्रकारकथा-चित्र (फ़ीचर)

गीत10 — नीचे पूरी संगीत-सूची

कथा-सार

Synopsis

1941 की एक सामाजिक संगीतमय फ़िल्म, जिसका निर्देशन आर. के. शोरी ने कमल मूवीटोन के लिए किया, और जिसमें मनोरमा, राधा रानी और रागिनी मुख्य भूमिकाओं में थीं। उस दौर की अधिकांश फ़िल्मों की तरह इसका कथानक केवल अंशों में बचा है, पर हिम्मत संगीत-इतिहास में एक ही कारण से जीवित है — इसने 'इन्हीं लोगों ने ले लीना दुपट्टा मोरा' का पहला रिकॉर्डेड फ़िल्मी संस्करण ढोया, वह तवायफ़ का विलाप जो तीन दशक बाद पाकीज़ा में अमर हो जाएगा।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

A 1941 social musical directed by R. K. Shorey for Kamal Movietone, starring Manorama, Radha Rani and Ragini. Like most films of the period its plot survives only in fragments, but Himmat endures in music history for a single reason — it carried the first recorded film version of 'Inhi Logon Ne Le Leena Dupatta Mora', the tawaif lament that would, three decades later, become immortal in Pakeezah.

संगीत-सूची

The Soundtrack

संगीत पंडित गोबिंद राम का, और सभी गीत अज़ीज़ कश्मीरी के। गायकों की सूची 1940 के दशक के आरंभिक लाहौर-पंजाब रिकॉर्डिंग संसार को दर्शाती है: शमशाद बेगम, ज़ोहराबाई अंबालेवाली, उमराज़िया बेगम, करीमदाद ख़ान, मुन्नी, सतीश और फ़रीदा। हिम्मत को आम तौर पर गोबिंद राम के पहले सफल संगीत के रूप में उद्धृत किया जाता है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Music by Pandit Gobind Ram with all lyrics by Aziz Kashmiri. The vocal roster reflects the Lahore-Punjab recording world of the early 1940s: Shamshad Begum, Zohrabai Ambalewali, Umrazia Begum, Karimdad Khan, Munni, Satish and Farida. Himmat is generally cited as Gobind Ram's first successful score.

  1. किस ऋतु में प्रीतम रूठ गए Kis Ritu Mein Pritam Rooth Gaye स्वर: उमराज़िया बेगम किस ऋतु में प्रीतम रूठ गए — वीडियो थंबनेल
  2. मेरे बस की बात जो होती Mere Bas Ki Baat Jo Hoti स्वर: उमराज़िया बेगम मेरे बस की बात जो होती — वीडियो थंबनेल
  3. ना सजन ना सजनी Na Sajan Na Sajni स्वर: मुन्नी, Satish Batra ना सजन ना सजनी — वीडियो थंबनेल
  4. नई दिल्ली के मीठे बेर Nayi Dehli Ke Mithe Ber स्वर: Zohrabai Ambalewali, फ़रीदा, मुन्नी, Satish Batra
  5. रूह किस मस्त की प्यासी गई मैख़ाने से Ruh Kis Mast Ki Pyasi Gayi Maikhane Se स्वर: करीमदाद ख़ान रूह किस मस्त की प्यासी गई मैख़ाने से — वीडियो थंबनेल
  6. सुन ओ हिम्मत हारने वाले Sun O Himmat Harne Wale स्वर: करीमदाद ख़ान सुन ओ हिम्मत हारने वाले — वीडियो थंबनेल
  7. ये बात बता सजन Ye Baat Bata Sajan स्वर: उमराज़िया बेगम, करीमदाद ख़ान ये बात बता सजन — वीडियो थंबनेल

पट्टिका-लेख

The Monograph

पर्दे के पीछे Behind the Scenes

यह फ़िल्म संगीतकार गोबिंद राम के लिए एक आरंभिक उच्च-बिंदु थी, जिनका कैरियर 1940 के दशक में गति पकड़ता गया। हिंदी और पंजाबी दोनों में काम करने वाले कवि-गीतकार अज़ीज़ कश्मीरी ने फ़िल्म के सभी गीत लिखे।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

The picture marked an early high point for composer Gobind Ram, whose career gathered momentum through the 1940s. Aziz Kashmiri, a poet and lyricist working across Hindi and Punjabi, wrote the film's full set of songs.

महत्व Significance

हिंदी फ़िल्म संगीत में हिम्मत का स्थान 'इन्हीं लोगों ने ले लीना दुपट्टा मोरा' पर टिका है — यहाँ शमशाद बेगम ने गोबिंद राम की धुन और अज़ीज़ कश्मीरी के बोलों पर गाया — एक ऐसे गीत की सबसे पुरानी ज्ञात फ़िल्मी रिकॉर्डिंग, जो आबरू (1943) से होते हुए मीना कुमारी पर फ़िल्माई गई लता मंगेशकर की पाकीज़ा (1972) रचना में चरम पर पहुँचता है। इस प्रकार यह फ़िल्म बॉलीवुड के सबसे टिकाऊ मुजरा गीतों में से एक का प्रलेखित उद्गम-बिंदु है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Himmat's place in Hindi film music is anchored by 'Inhi Logon Ne Le Leena Dupatta Mora', sung here by Shamshad Begum to Gobind Ram's tune and Aziz Kashmiri's words — the earliest known film recording of a song that runs through Aabroo (1943) and culminates in Lata Mangeshkar's Pakeezah (1972) version picturised on Meena Kumari. The film is thus the documented origin point of one of Bollywood's most enduring mujra numbers.

विरासत Legacy

आज हिम्मत लगभग पूरी तरह एक ही गीत के माध्यम से याद की जाती है। लोक-मूल का 'इन्हीं लोगों ने' — माना जाता है कि गोबिंद राम द्वारा परदे के लिए ढाले जाने से पहले यह तवायफ़ों के बीच प्रचलित था — शमशाद बेगम की 1941 की रिकॉर्डिंग से हिंदी सिनेमा की लोकस्मृति में और पाकीज़ा के ज़रिए स्थायित्व में पहुँचा।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Himmat is remembered today almost entirely through one song. The folk-rooted 'Inhi Logon Ne' — believed to have circulated among tawaifs before Gobind Ram set it for the screen — passed from Shamshad Begum's 1941 recording into the popular memory of Hindi cinema and, via Pakeezah, into permanence.

नमूना-पट्टी

The Specimen Table
फ़िल्म-नमूना · Film Specimen
शीर्षकहिम्मत · Himmat
वर्ष · युग1941 — Golden Prewar
निर्देशकआर. के. शोरी · R. K. Shorey
संगीत-निर्देशकगोबिंद राम · Gobind Ram
कलाकार-मंडलीमनोरमा · Manorama · राधा रानी · Radha Rani · रागिनी · Ragini · ज़हूर शाह · Zahur Shah · मजनू · Majnu · बेग · Beg · ग़ुलाम क़ादिर · Ghulam Qadir
निर्माण-गृहKamal Movietone
शैलीSocial · Musical
भाषाhindi
प्रकारकथा-चित्र (फ़ीचर)
गीत10 गीत — ऊपर पूरी संगीत-सूची

जुड़े हुए पन्ने

Connected Plates · The Graph Made Visible

अटलस में कोई पन्ना अकेला नहीं — 'हिम्मत' से उसके गीत, कलाकार, राग और युग, सब जुड़े हैं।

कलाकार · Cast & Crew

कलाकार · निर्देशकआर. के. शोरीकलाकार · संगीतकारगोबिंद रामकलाकार · अभिनयमनोरमाकलाकार · अभिनयराधा रानीकलाकार · अभिनयरागिनीकलाकार · अभिनयज़हूर शाह

साझा कीजिए · Share this Plate

यह पन्ना आगे बढ़ाइए

जुड़ी हुई दुनिया

Explore Connections

Soundtrack · गीत (10)