ग़ज़ल और हास्य-गीत — पीरा साहब के उत्तर-काल के तवे
Ghazal and Comic Sides — Peara Saheb’s Late Discs
नाट्य-पद और ख़याल — मास्टर कृष्णराव के तवे
Natya-Pad and Khayal Sides — Master Krishnarao
क़व्वाली के तवे — दरगाह से दुकान तक
Qawwali on Disc — From the Dargah to the Record Shop
1920 के दशक के उत्तरार्ध के कैटलॉगों की क़व्वाल पार्टियाँ (लेबल-नाम; जीवनियाँ अदर्ज)





