गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
मुस्कुराते हुए यूँ आँख चुराया न करो
Muskurate Hue Yun Aankh Churaya Na Karo
एक छेड़ती हुई मुस्कान को कोमल उलाहना — भँवरा की गीत-पोथी से सहगल का नाज़ुक प्रेम-गीत।
भावमीठा-कड़वा · चुलबुला · रोमांटिक
भाषाhindi गतिधीमी स्वरूपएकल पुरुष
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
एक छेड़ती हुई मुस्कान को कोमल उलाहना — भँवरा की गीत-पोथी से सहगल का नाज़ुक प्रेम-गीत।
In EnglishA gentle reproach to a teasing smile — Saigal's tender romance from the Bhanvara songbook.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
'मुस्कुराते हुए यूँ आँख चुराया न करो' भँवरा (1944) से के. एल. सहगल का एकल गीत है, जिसे खेमचंद प्रकाश ने केदार शर्मा के बोलों पर रचा। यह गीत एक कोमल प्रेम-निवेदन है — मुस्कुराते हुए नज़र न चुराने की विनती — और सहगल को इसी फ़िल्म के उनके अधिक गंभीर एकल गीतों की तुलना में एक हल्के, प्रणय-रंगे स्वर में दिखाता है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
'Muskurate Hue Yun Aankh Churaya Na Karo' is a K. L. Saigal solo from Bhanvara (1944), composed by Khemchand Prakash to Kidar Sharma's lyrics. The song is a tender romantic address — a plea not to look away while smiling — and shows Saigal in a lighter, courtship-tinged register than his more sombre solos in the same film.
संगीत The Music
खेमचंद प्रकाश इस गीत को फ़िल्म की विलाप-ग़ज़लों की तुलना में अधिक मुलायम, लहराती धुन देते हैं, लय को कोमल और संगत को हल्का रखते हुए। यह संयोजन सहगल को अदायगी में वह आधी-मुस्कान घोलने देता है जिसकी बोल माँग करते हैं — उदासी और गर्माहट का एक नाज़ुक संतुलन।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
Khemchand Prakash gives the number a softer, more lilting melodic contour than the film's lament-ghazals, keeping the tempo gentle and the accompaniment light. The setting lets Saigal shade the phrasing with the half-smile the lyric calls for, a delicate balance of melancholy and warmth.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Slow
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | मुस्कुराते हुए यूँ आँख चुराया न करो · Muskurate Hue Yun Aankh Churaya Na Karo |
|---|---|
| फ़िल्म | भँवरा · 1944 |
| वर्ष · युग | 1944 |
| गायक | K.L. Saigal |
| गीतकार | Kidar Sharma |
| संगीतकार | Khemchand Prakash |
| स्वरूप | एकल पुरुष |
| गति | धीमी |
| भाषा | hindi |
| भाव | मीठा-कड़वा · चुलबुला · रोमांटिक |
| लोकप्रियता | Known |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
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