हिंदी गीत संगीत का अटलस
मोरे सैयाँ जी ने भेजी चुनरी — पहले आप (1944) YouTube (click-to-load)

गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate

मोरे सैयाँ जी ने भेजी चुनरी

More Saiyya Ji Ne Bheji Chunri

सैयाँ ने चुनरी भेजी है — ज़ोहराबाई प्रेम के एक चिह्न को विरह के पूरे संसार में बदल देती हैं।

भावचुलबुला · रोमांटिक

भाषाhindi   गतिमध्यम   स्वरूपएकल महिला

श्रेय

The Credits

सूत्र-वाक्य · The Hook

सूत्र-वाक्य

सैयाँ ने चुनरी भेजी है — ज़ोहराबाई प्रेम के एक चिह्न को विरह के पूरे संसार में बदल देती हैं।

In EnglishThe beloved has sent a chunri — Zohrabai turns a token of love into a whole world of longing.

पट्टिका-लेख

The Monograph

परिचय Overview

'मोरे सैयाँ जी ने भेजी चुनरी' पहले आप में नौशाद के लिए ज़ोहराबाई अंबालेवाली के एकल गीतों में से एक है, जिसे डी. एन. माधोक ने लिखा। प्रेमी द्वारा भेजी गई चुनरी (रंगी हुई ओढ़नी) की उत्तर भारतीय चिरपरिचित छवि के इर्द-गिर्द बना, यह फ़िल्म के संगीत की उस गीतात्मक, अर्ध-शास्त्रीय धारा से है जिसे ज़ोहराबाई की सशक्त, शास्त्रीय रूप से जड़ी आवाज़ ने थामा।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

'More Saiyya Ji Ne Bheji Chunri' is one of Zohrabai Ambalewali's solo numbers for Naushad in Pehle Aap, written by D. N. Madhok. Built around the classic North Indian image of the chunri (a dyed scarf) sent by a lover, it belongs to the lyrical, semi-classical strand of the film's score that Zohrabai's robust, classically rooted voice carried.

संगीत The Music

नौशाद गीत को लोक की ओर झुकते अर्ध-शास्त्रीय मुहावरे में रचते हैं, जहाँ धुन केंद्रीय टेक के इर्द-गिर्द मुड़ती है और सारंगी पंक्ति को इस तरह छाया देती है जो महिला आवाज़ों के साथ उनके प्रसिद्ध बाद के काम का पूर्वाभास देती है। ज़ोहराबाई की आवाज़ — खुली, वज़नदार, पुरानी महफ़िल परंपरा में प्रशिक्षित — सादे छंद को वह गहराई देती है जो उस दौर की हल्की गायिकाएँ नहीं दे पातीं।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Naushad sets the song in a folk-leaning semi-classical idiom, with the melody curving around the central refrain and sarangi shading the line in a way that anticipates his celebrated later work with female voices. Zohrabai's voice — open, weighty, trained in the older mehfil tradition — gives the simple verse a depth that lighter singers of the period could not.

वर्गीकरण

Classification

Genre

FilmiSemi-Classical
Tempo
Medium

नमूना-पट्टी

The Specimen Table
गीत-नमूना · Song Specimen
शीर्षकमोरे सैयाँ जी ने भेजी चुनरी · More Saiyya Ji Ne Bheji Chunri
फ़िल्मपहले आप · 1944
वर्ष · युग1944
गायकZohrabai Ambalewali
गीतकारD. N. Madhok
संगीतकारNaushad
स्वरूपएकल महिला
गतिमध्यम
भाषाhindi
भावचुलबुला · रोमांटिक
लोकप्रियताKnown
बोल-स्थितिकेवल झलक

जुड़े हुए पन्ने

Connected Plates · The Graph Made Visible

अटलस में कोई पन्ना अकेला नहीं — इस गीत से जुड़े गीत, कलाकार, फ़िल्म, राग-ताल-विधा, सब यहाँ से खुलते हैं।

फ़िल्म · The Film

साझा कीजिए · Share this Plate

यह पन्ना आगे बढ़ाइए

जुड़ी हुई दुनिया

Explore Connections