गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
दिल ही तो है न संग-ओ-ख़िश्त
Dil Hi To Hai Na Sang-o-Khisht
ग़ालिब की अटूट दिल की सर्वाधिक उद्धृत ग़ज़ल, 1942 में फ़िल्म-संगीत में ढली — सुरैया के अधिक प्रसिद्ध 1954 संस्करण से बहुत पहले।
भावतीव्र · उदास · दार्शनिक
भाषाurdu गतिधीमी स्वरूपएकल महिला
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
ग़ालिब की अटूट दिल की सर्वाधिक उद्धृत ग़ज़ल, 1942 में फ़िल्म-संगीत में ढली — सुरैया के अधिक प्रसिद्ध 1954 संस्करण से बहुत पहले।
In EnglishGhalib's most quoted ghazal of the unbreakable heart, set to film music in 1942 — long before Suraiya's better-known 1954 version.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
एक रात के संगीत का सर्वाधिक उल्लेखनीय गीत: मिर्ज़ा ग़ालिब की प्रसिद्ध ग़ज़ल 'दिल ही तो है न संग-ओ-ख़िश्त' का एक फ़िल्म-रूपांतरण, जिसे पर्दे पर नीना ने एस. के. पाल की रचना पर गाया। यह 1942 का रूपांतरण 1954 की फ़िल्म मिर्ज़ा ग़ालिब के कहीं अधिक प्रसिद्ध सुरैया संस्करण से एक दशक से अधिक पहले का है, जो एक रात को लोकप्रिय फ़िल्म-गीत भंडार में ग़ालिब की शायरी के प्रवेश का एक आरंभिक उदाहरण बनाता है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
The standout of Ek Raat's score: a film setting of Mirza Ghalib's celebrated ghazal 'Dil hi to hai na sang-o-khisht', sung on screen by Neena to S. K. Pal's composition. This 1942 rendering predates the far more famous Suraiya version from the 1954 film Mirza Ghalib by more than a decade, making Ek Raat an early instance of Ghalib's verse entering the popular film-song repertoire.
संगीत The Music
एस. के. पाल ग़ज़ल को धीमी, चिंतनशील लय में बाँधते हैं, जो पीड़ित दिल की ग़ालिब की तत्त्वमीमांसा के अनुकूल है — स्थिर हारमोनियम का आधार, पंक्तियों के बीच विषादपूर्ण सारंगी टिप्पणी, और एक विरल तबला जो शे'र को कभी जल्दी नहीं करता। रचना शब्दों के साथ एक फ़िल्मी टुकड़े के बजाय एक साहित्यिक ग़ज़ल के योग्य श्रद्धा का व्यवहार करती है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
S. K. Pal sets the ghazal at a slow, contemplative tempo suited to Ghalib's metaphysics of the suffering heart — sustained harmonium drone, mournful sarangi commentary between lines, and a sparse tabla that never hurries the verse. The composition treats the words with the reverence due a literary ghazal rather than a film ditty.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Slow
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | दिल ही तो है न संग-ओ-ख़िश्त · Dil Hi To Hai Na Sang-o-Khisht |
|---|---|
| फ़िल्म | एक रात · 1942 |
| वर्ष · युग | 1942 |
| गायक | नीना |
| गीतकार | Mirza Ghalib |
| संगीतकार | S. K. Pal |
| स्वरूप | एकल महिला |
| गति | धीमी |
| भाषा | urdu |
| भाव | तीव्र · उदास · दार्शनिक |
| लोकप्रियता | Known |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
जुड़े हुए पन्ने
Connected Plates · The Graph Made Visibleअटलस में कोई पन्ना अकेला नहीं — इस गीत से जुड़े गीत, कलाकार, फ़िल्म, राग-ताल-विधा, सब यहाँ से खुलते हैं।
मिलते-जुलते गीत · Related Songs
कलाकार · The Artists
फ़िल्म · The Film
साझा कीजिए · Share this Plate

