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बेदर्द को बुलाओ (भाग 1) — कारवाँ (1944) YouTube (click-to-load)

गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate

बेदर्द को बुलाओ (भाग 1)

Bedard Ko Bulao (Version 1)

बेदर्द को बुलाओ — बुलो सी. रानी के पहले संगीत पर अरुण कुमार की पुकार, दो रिकॉर्ड किए गए रूपों में से पहला।

भावउदास · Yearning

भाषाhindi-urdu   गतिधीमी   स्वरूपएकल पुरुष

श्रेय

The Credits
गायक · Singerअरुण कुमारगीतकार · Lyricistमुंशी अज़ीज़संगीतकार · MusicBulo C. Rani

सूत्र-वाक्य · The Hook

सूत्र-वाक्य

बेदर्द को बुलाओ — बुलो सी. रानी के पहले संगीत पर अरुण कुमार की पुकार, दो रिकॉर्ड किए गए रूपों में से पहला।

In EnglishCall the heartless one — Arun Kumar's plea on Bulo C. Rani's first score, the first of two recorded versions.

पट्टिका-लेख

The Monograph

परिचय Overview

'बेदर्द को बुलाओ (भाग 1)' कारवाँ (1944) के पंद्रह गीतों में से एक है — रणजीत मूवीटोन के लिए एक स्वतंत्र संगीतकार के रूप में बुलो सी. रानी का पदार्पण। नायक अरुण कुमार द्वारा मुंशी अज़ीज़ के बोल पर गाया गया, यह साउंडट्रैक पर दो अलग रिकॉर्ड किए गए रूपों में मौजूद है — उस दौर में किसी विशेष नाटकीय भार वाले गीत के लिए यह असामान्य प्रथा नहीं थी। शीर्षक का 'बेदर्द' (निर्मम, क्रूर प्रिय) को संबोधन इसे उलाहना-भरे विरह का गीत बनाता है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

'Bedard Ko Bulao (Version 1)' is one of the fifteen songs of Caravan (1944), Bulo C. Rani's debut as an independent composer for Ranjit Movietone. Sung by the hero Arun Kumar to a lyric by Munshi Aziz, it survives in two distinct recorded versions on the soundtrack — a not-uncommon practice in the period for a song carrying particular dramatic weight. The title's address to the 'bedard' (the unfeeling, cruel beloved) marks it as a song of reproachful longing.

संगीत The Music

बुलो सी. रानी अपनी पहली फ़िल्म में मुंशी अज़ीज़ की पुकार को एक धीमी, उलाहना-भरी धुन के रूप में बाँधते हैं, जहाँ सारंगी अरुण कुमार की पुरुष-पंक्ति को रेखांकित करती है। संगीतकार द्वारा एक ही साउंडट्रैक पर इस गीत के दो रूप रिकॉर्ड करना यह संकेत देता है कि यह फ़िल्म का एक प्रमुख नाटकीय क्षण था।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Bulo C. Rani frames Munshi Aziz's plea as a slow, reproachful melody on his first film, the sarangi underlining Arun Kumar's male line. That the composer recorded two versions of this number on a single soundtrack suggests it was a key dramatic moment of the picture.

वर्गीकरण

Classification

Genre

Filmi
Tempo
Slow

नमूना-पट्टी

The Specimen Table
गीत-नमूना · Song Specimen
शीर्षकबेदर्द को बुलाओ (भाग 1) · Bedard Ko Bulao (Version 1)
फ़िल्मकारवाँ · 1944
वर्ष · युग1944
गायकअरुण कुमार
गीतकारमुंशी अज़ीज़
संगीतकारBulo C. Rani
स्वरूपएकल पुरुष
गतिधीमी
भाषाhindi-urdu
भावउदास · Yearning
लोकप्रियताObscure
बोल-स्थितिकेवल झलक

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