गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
आ मन तुझको समझाये
Aa Man Tujhko Samjhaye
सरदार अख़्तर अपने भीतर मुड़ती हैं — एक नायिका अपने ही बेचैन मन को समझाती हुई।
भावउदास · दार्शनिक
भाषाhindi-urdu गतिमध्यम स्वरूपएकल महिला
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
सरदार अख़्तर अपने भीतर मुड़ती हैं — एक नायिका अपने ही बेचैन मन को समझाती हुई।
In EnglishSardar Akhtar turns inward — a heroine counselling her own restless heart.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
सोहराब मोदी की 1942 की मिनर्वा सामाजिक फ़िल्म फिर मिलेंगे का एक चिंतनशील एकल गीत, जिसे स्टूडियो की प्रमुख नायिका सरदार अख़्तर ने गाया। शीर्षक — 'आ, तुझे समझाऊँ, मेरे मन' — इसे उस दौर के कई आत्म-संबोधित विलापों में रखता है, जहाँ गायिका किसी प्रिय को संबोधित करने के बजाय अपनी ही भावनाओं को थामती है। पंडित सुदर्शन के लिखे और मीर साहब के स्वरबद्ध किए इस गीत का स्थान फ़िल्म की नौ-गीतों वाली संगीत-पट्टी के अधिक आंतरिक छोर पर है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
A reflective solo from Sohrab Modi's 1942 Minerva social drama Phir Milenge, sung by the studio's leading lady Sardar Akhtar. The title — 'come, let me counsel you, my heart' — places it among the era's many self-addressed laments, where the singer steadies her own emotions rather than addressing a beloved. Written by Pandit Sudarshan and set by Mir Saheb, it sits at the more interior end of the film's nine-song score.
संगीत The Music
मीर साहब इस गीत को एक संयमित, हारमोनियम-प्रधान शैली में बाँधते हैं जो 1940 के दशक के आरंभिक मिनर्वा पार्श्वगायन की विशेषता है, जिससे सरदार अख़्तर की आवाज़ हल्की तबला और सारंगी की संगत पर उभर कर सामने आती है। रचना अलंकार के बजाय स्पष्ट उच्चारण को प्राथमिकता देती है, जो गीत के आत्म-संबोधित, आत्मीय स्वर के अनुरूप है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
Mir Saheb sets the verse in a measured, harmonium-led idiom typical of early-1940s Minerva playback, leaving Sardar Akhtar's voice exposed over a light tabla and sarangi accompaniment. The composition favours clear diction over ornament, in keeping with the song's confessional, self-counselling tone.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Medium
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | आ मन तुझको समझाये · Aa Man Tujhko Samjhaye |
|---|---|
| फ़िल्म | फिर मिलेंगे · 1942 |
| वर्ष · युग | 1942 |
| गायक | Sardar Akhtar |
| गीतकार | Pandit Sudarshan |
| संगीतकार | Mir Saheb |
| स्वरूप | एकल महिला |
| गति | मध्यम |
| भाषा | hindi-urdu |
| भाव | उदास · दार्शनिक |
| लोकप्रियता | Obscure |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
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