गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
अपने पिया को रिझाऊँ मैं
Apne Piya Ko Rijhaaun Main
नई रोशनी का एक चुलबुला एकल जिसमें नायिका अपने प्रिय को रिझाने निकलती है।
भावचुलबुला · रोमांटिक
भाषाhindi गतिमध्यम स्वरूपएकल महिला
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
नई रोशनी का एक चुलबुला एकल जिसमें नायिका अपने प्रिय को रिझाने निकलती है।
In EnglishA coquettish solo from Nai Roshni in which the heroine sets out to win over her beloved.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
'अपने पिया को रिझाऊँ मैं' नेशनल स्टूडियोज़ की 1941 की सामाजिक ड्रामा नई रोशनी का एक सरदार अख़्तर एकल है, जिसे अनिल बिस्वास ने डॉ. सफ़दर 'आह' के बोलों पर रचा। यह गीत 1940 के दशक के आरंभ के प्रिय-संबोधन गीतों के विशिष्ट रोमांटिक-चुलबुले स्वर में बैठता है, और फ़िल्म की HMV-जारी डिस्कोग्राफ़ी में जीवित है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
'Apne Piya Ko Rijhaaun Main' is a Sardar Akhtar solo from National Studios' 1941 social drama Nai Roshni, composed by Anil Biswas to lyrics by Dr. Safdar 'Aah'. The number sits in the romantic-playful register typical of the heroine's address-to-the-beloved songs of the early 1940s, and survives in the film's HMV-issued discography.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Medium
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | अपने पिया को रिझाऊँ मैं · Apne Piya Ko Rijhaaun Main |
|---|---|
| फ़िल्म | नई रोशनी · 1941 |
| वर्ष · युग | 1941 |
| गायक | Sardar Akhtar |
| गीतकार | Safdar Aah |
| संगीतकार | Anil Biswas |
| स्वरूप | एकल महिला |
| गति | मध्यम |
| भाषा | hindi |
| भाव | चुलबुला · रोमांटिक |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
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