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मुस्कुराते हुए यूँ आँख चुराया न करो — भँवरा (1944) YouTube (click-to-load)

गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate

मुस्कुराते हुए यूँ आँख चुराया न करो

Muskurate Hue Yun Aankh Churaya Na Karo

एक छेड़ती हुई मुस्कान को कोमल उलाहना — भँवरा की गीत-पोथी से सहगल का नाज़ुक प्रेम-गीत।

भावमीठा-कड़वा · चुलबुला · रोमांटिक

भाषाhindi   गतिधीमी   स्वरूपएकल पुरुष

श्रेय

The Credits

सूत्र-वाक्य · The Hook

सूत्र-वाक्य

एक छेड़ती हुई मुस्कान को कोमल उलाहना — भँवरा की गीत-पोथी से सहगल का नाज़ुक प्रेम-गीत।

In EnglishA gentle reproach to a teasing smile — Saigal's tender romance from the Bhanvara songbook.

पट्टिका-लेख

The Monograph

परिचय Overview

'मुस्कुराते हुए यूँ आँख चुराया न करो' भँवरा (1944) से के. एल. सहगल का एकल गीत है, जिसे खेमचंद प्रकाश ने केदार शर्मा के बोलों पर रचा। यह गीत एक कोमल प्रेम-निवेदन है — मुस्कुराते हुए नज़र न चुराने की विनती — और सहगल को इसी फ़िल्म के उनके अधिक गंभीर एकल गीतों की तुलना में एक हल्के, प्रणय-रंगे स्वर में दिखाता है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

'Muskurate Hue Yun Aankh Churaya Na Karo' is a K. L. Saigal solo from Bhanvara (1944), composed by Khemchand Prakash to Kidar Sharma's lyrics. The song is a tender romantic address — a plea not to look away while smiling — and shows Saigal in a lighter, courtship-tinged register than his more sombre solos in the same film.

संगीत The Music

खेमचंद प्रकाश इस गीत को फ़िल्म की विलाप-ग़ज़लों की तुलना में अधिक मुलायम, लहराती धुन देते हैं, लय को कोमल और संगत को हल्का रखते हुए। यह संयोजन सहगल को अदायगी में वह आधी-मुस्कान घोलने देता है जिसकी बोल माँग करते हैं — उदासी और गर्माहट का एक नाज़ुक संतुलन।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Khemchand Prakash gives the number a softer, more lilting melodic contour than the film's lament-ghazals, keeping the tempo gentle and the accompaniment light. The setting lets Saigal shade the phrasing with the half-smile the lyric calls for, a delicate balance of melancholy and warmth.

वर्गीकरण

Classification

Genre

FilmiGhazal
Tempo
Slow

नमूना-पट्टी

The Specimen Table
गीत-नमूना · Song Specimen
शीर्षकमुस्कुराते हुए यूँ आँख चुराया न करो · Muskurate Hue Yun Aankh Churaya Na Karo
फ़िल्मभँवरा · 1944
वर्ष · युग1944
गायकK.L. Saigal
गीतकारKidar Sharma
संगीतकारKhemchand Prakash
स्वरूपएकल पुरुष
गतिधीमी
भाषाhindi
भावमीठा-कड़वा · चुलबुला · रोमांटिक
लोकप्रियताKnown
बोल-स्थितिकेवल झलक

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