गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
सैंया साँवरे भये बावरे
Saiya Sanvre Bhaye Bavre
एक प्रिय जो प्रेम में दीवाना हो गया — साँवरा सैंया बावरा बन गया।
भावपुरानी यादें · चुलबुला · रोमांटिक
भाषाhindi गतिमध्यम स्वरूपएकल महिला
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
एक प्रिय जो प्रेम में दीवाना हो गया — साँवरा सैंया बावरा बन गया।
In EnglishA beloved gone besotted — the dark-hued sweetheart turned mad with love.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
चित्रलेखा (1941) के लोकप्रिय गीतों में से एक, जिसे राम दुलारी ने केदार शर्मा के बोलों पर गाया। प्रेम में खोए प्रेमी का इसका विषय फ़िल्म के इच्छा-संबंधी बड़े चिंतन से मेल खाता है, जो मौर्य-कालीन प्रेमकथा में रचा गया है। शास्त्रीय-आधारित संगीत उस्ताद झंडे ख़ान द्वारा आरंभ हुआ और संगीत निर्देशक के बीच-निर्माण बदलाव के बाद ए. एस. ज्ञानी द्वारा पूर्ण किया गया।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
One of the popular numbers from Chitralekha (1941), sung by Ramdulari to Kedar Sharma's lyrics. The song's theme of a lover lost to infatuation fits the film's larger meditation on desire, set in a Mauryan-era romance. The classically grounded score was begun by Ustad Jhande Khan and completed by A. S. Gyani after a mid-production change of music director.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Medium
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | सैंया साँवरे भये बावरे · Saiya Sanvre Bhaye Bavre |
|---|---|
| फ़िल्म | चित्रलेखा · 1941 |
| वर्ष · युग | 1941 |
| गायक | Ramdulari |
| गीतकार | Kidar Sharma |
| संगीतकार | Jhande Khan, A. S. Gyani |
| स्वरूप | एकल महिला |
| गति | मध्यम |
| भाषा | hindi |
| भाव | पुरानी यादें · चुलबुला · रोमांटिक |
| लोकप्रियता | Known |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
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