गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
दुख दर्द के मारे हैं
Dukh Dard Ke Mare Hai
जो दुख और दर्द के मारे हैं — सितारा देवी फ़िल्म के दुख को स्वर देती हैं।
भावउदास · Sorrowful
भाषाhindi गतिधीमी स्वरूपएकल महिला
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
जो दुख और दर्द के मारे हैं — सितारा देवी फ़िल्म के दुख को स्वर देती हैं।
In EnglishWe who are stricken by sorrow and pain — Sitara Devi voices the film's grief.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
आबरू (1943) का सितारा देवी का एक शोकपूर्ण एकल गीत, फ़िल्म के उन दुख-भरे गीतों में से जो सामाजिक-मेलोड्रामा के भावनात्मक केंद्र को सँभालते हैं। पंडित गोबिंदराम इसे एक धीमी, विलापमय फ़िल्मी धुन के रूप में रचते हैं।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
A sorrowful Sitara Devi solo from Aabroo (1943), among the film's grief-laden numbers that carry the social-melodrama's emotional core. Pandit Gobindram sets it as a slow, lamenting film-melody.
संगीत The Music
गोबिंदराम धुन को एक नीचे, शोकाकुल सप्तक में धीमी गति और न्यूनतम अलंकरण के साथ रखते हैं, और सितारा देवी को दुख के शब्दों की छाया गहराने देते हैं; छरहरी संगत ध्यान को स्वर के विलाप पर केंद्रित रखती है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
Gobindram pitches the melody in a low, mournful register with a slow tempo and minimal ornament, letting Sitara Devi shade the words of sorrow; the sparse accompaniment keeps the focus on the vocal lament.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Slow
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | दुख दर्द के मारे हैं · Dukh Dard Ke Mare Hai |
|---|---|
| फ़िल्म | आबरू · 1943 |
| वर्ष · युग | 1943 |
| गायक | Sitara Devi |
| संगीतकार | Gobind Ram |
| स्वरूप | एकल महिला |
| गति | धीमी |
| भाषा | hindi |
| भाव | उदास · Sorrowful |
| लोकप्रियता | Obscure |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
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