गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
ऐ री पथिक
Ae Ri Pathak
स्टूडियो-युग की गायिका-अभिनेत्री सरदार अख़्तर उलझन को इसके एकल क्षणों में से एक देती हैं — एक पथिक को संबोधन, रामचंद्र पाल की संयत धुन में बँधा।
भावउदास · Reflective
भाषाhindi गतिमध्यम स्वरूपएकल महिला
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
स्टूडियो-युग की गायिका-अभिनेत्री सरदार अख़्तर उलझन को इसके एकल क्षणों में से एक देती हैं — एक पथिक को संबोधन, रामचंद्र पाल की संयत धुन में बँधा।
In EnglishSardar Akhtar, a singing actress of the studio era, gives Uljhan one of its solo turns — an address to a wayfarer, set to Ramchandra Pal's restrained melody.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
'ऐ री पथिक' 1942 की आचार्य आर्ट प्रोडक्शन्स की सामाजिक ड्रामा उलझन के लिए सरदार अख़्तर द्वारा परदे पर गाया गया एक एकल गीत है। फ़िल्म के अधिकांश संगीत की तरह यह रामचंद्र पाल के बॉम्बे-काल के मुहावरे में बैठता है और मूल ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर सुरक्षित है। शीर्षक में 'पथिक' को संबोधन इसे संगीत के चिंतनशील गीतों में रखता है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
'Ae Ri Pathak' is a solo sung on screen by Sardar Akhtar for the 1942 Acharya Art Productions social drama Uljhan. Like much of the film's music, it sits in Ramchandra Pal's Bombay-period idiom and is preserved on the original gramophone discs. The title's address to a 'pathak' (wayfarer) places it among the contemplative numbers of the score.
संगीत The Music
रामचंद्र पाल द्वारा रचित यह टुकड़ा 1940 के दशक के आरंभिक बॉम्बे फ़िल्म-गीत के विशिष्ट इत्मीनान भरे, हारमोनियम-और-तबला आधारित संयोजन का अनुसरण करता है, जिसमें धुन को किसी अलग पार्श्व गायिका के बजाय स्वयं सरदार अख़्तर की आवाज़ सँभालती है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
Composed by Ramchandra Pal, the piece follows the unhurried, harmonium-and-tabla led arrangement typical of early-1940s Bombay film song, with Sardar Akhtar's own voice carrying the melody rather than a separate playback singer.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Medium
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | ऐ री पथिक · Ae Ri Pathak |
|---|---|
| फ़िल्म | उलझन · 1942 |
| वर्ष · युग | 1942 |
| गायक | Sardar Akhtar |
| गीतकार | Kailash Matwala |
| संगीतकार | Ramchandra Pal |
| स्वरूप | एकल महिला |
| गति | मध्यम |
| भाषा | hindi |
| भाव | उदास · Reflective |
| लोकप्रियता | Obscure |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
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