हिंदी गीत संगीत का अटलस
कुन्दन लाल सैगल - महान गायक अभिनेता
आरज़ू (1942) wikimedia · Public domain

सिनेमा विंग · फ़िल्म-पट्टिका · Film Plate

आरज़ू

Arzoo

वर्ष1942निर्देशकएम. ईसा, आर. एम. वैद्यसंगीतसुबल दासगुप्तानिर्माणI.B. Pictures, Calcutta

शैलीSocial · Musical

भाषाhindi   प्रकारकथा-चित्र (फ़ीचर)

गीत3 — नीचे पूरी संगीत-सूची

कथा-सार

Synopsis

कलकत्ता की आई.बी. पिक्चर्स द्वारा निर्मित और एम. ईसा तथा आर. एम. वैद्य द्वारा निर्देशित एक सामाजिक ड्रामा, जिसमें बंगाली मैटिनी अभिनेता धीरज भट्टाचार्य के साथ पूर्णिमा और पन्ना हैं। 1940 के दशक के आरंभिक कलकत्ता निर्माण की तरह यह फ़िल्म अपने मेलोड्रामाई कथानक से कम और सुबल दासगुप्ता के छोटे, ग़ज़ल-रंगे संगीत से अधिक याद की जाती है — ऐसे गीत जो उस दौर के परिष्कृत कलकत्ता स्टूडियो मुहावरे पर आधारित थे।

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A social drama produced by I.B. Pictures of Calcutta and directed by M. Issa and R. M. Vaidya, featuring the Bengali matinee star Dhiraj Bhattacharya alongside Purnima and Panna. Like much of the early-1940s Calcutta output, the film survives less for its melodramatic plot than for its small, ghazal-tinted score by Subal Dasgupta — songs that drew on the refined Calcutta studio idiom of the period.

संगीत-सूची

The Soundtrack

आरज़ू के लिए सुबल दासगुप्ता का संगीत कलकत्ता की लघु-शास्त्रीय शैली का एक सघन समूह है — जगमोहन सुरसागर और बीना चौधरी द्वारा गाई ग़ज़ल-झुकी धुनें, ख़्वाजा किदवई के उर्दू कलाम के साथ। सबसे प्रमुख है ग़ज़ल 'कश्ती-ए-शौक़ को मौजों का सहारा न मिला', जिसे जगमोहन की आरंभिक रिकॉर्डिंग के संग्रहकर्ता लंबे समय से सराहते आए हैं।

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Subal Dasgupta's score for Arzoo is a compact set in the Calcutta light-classical mould — ghazal-leaning melodies carried by Jagmohan Sursagar and Bina Chowdhury, with Khwaja Kidwai's Urdu verse. The standout is the ghazal 'Kashti-e-Shauq Ko Maujon Ka Sahara Na Mila', long prized by collectors of Jagmohan's early recordings.

  1. दिल है ख़याले Dil Hai Khayale स्वर: बीना चौधरी दिल है ख़याले — वीडियो थंबनेल

पट्टिका-लेख

The Monograph

महत्व Significance

आरज़ू 1940 के दशक के आरंभ की कम-प्रलेखित कलकत्ता टॉकी परंपरा से संबंधित है, जब बॉम्बे-लाहौर धुरी से बाहर के स्टूडियो भी बंगाली संगीत-संवेदना पर आधारित हिंदी फ़िल्में बनाते थे। इसका मुख्य महत्त्व जगमोहन 'सुरसागर' (जगन्मय मित्र) के एक माध्यम के रूप में है — उस दौर की सबसे विशिष्ट ग़ैर-फ़िल्मी और फ़िल्मी ग़ज़ल आवाज़ों में से एक — जो यहाँ सुबल दासगुप्ता के निर्देशन में गाते हैं।

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Arzoo belongs to the lesser-documented Calcutta talkie tradition of the early 1940s, when studios outside the Bombay-Lahore axis still produced Hindi films built around Bengali musical sensibility. Its chief importance is as a vehicle for Jagmohan 'Sursagar' (Jaganmoy Mitra), one of the era's most distinctive non-film and film ghazal voices, here singing under Subal Dasgupta's baton.

नमूना-पट्टी

The Specimen Table
फ़िल्म-नमूना · Film Specimen
शीर्षकआरज़ू · Arzoo
वर्ष · युग1942 — Golden Prewar
निर्देशकएम. ईसा, आर. एम. वैद्य · M. Issa, R. M. Vaidya
संगीत-निर्देशकसुबल दासगुप्ता · Subal Dasgupta
गीतकारख़्वाजा किदवई · Khwaja Kidwai
कलाकार-मंडलीधीरज भट्टाचार्य · Dhiraj Bhattacharya · पूर्णिमा · Purnima · पन्ना · Panna
निर्माण-गृहI.B. Pictures, Calcutta
शैलीSocial · Musical
भाषाhindi
प्रकारकथा-चित्र (फ़ीचर)
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जुड़े हुए पन्ने

Connected Plates · The Graph Made Visible

अटलस में कोई पन्ना अकेला नहीं — 'आरज़ू' से उसके गीत, कलाकार, राग और युग, सब जुड़े हैं।

कलाकार · Cast & Crew

कलाकार · निर्देशकएम. ईसा, आर. एम. वैद्यकलाकार · संगीतकारसुबल दासगुप्ताकलाकार · गीतकारख़्वाजा किदवईकलाकार · leadधीरज भट्टाचार्यकलाकार · leadपूर्णिमाकलाकार · supportingपन्ना

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