गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
तैलप की नगरी में गाना नहीं है
Tailap Ki Nagri Me Gana Nahi Hai
मिनर्वा के ऐतिहासिक मुहावरे की दरबारी भव्यता में डूबा एक युगल — रफ़ीक़ ग़ज़नवी और मेनका बाई की आवाज़ें तैलप की नगरी का भार उठाती हुईं।
भावतीव्र · दार्शनिक
भाषाhindi गतिमध्यम स्वरूपयुगल
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
मिनर्वा के ऐतिहासिक मुहावरे की दरबारी भव्यता में डूबा एक युगल — रफ़ीक़ ग़ज़नवी और मेनका बाई की आवाज़ें तैलप की नगरी का भार उठाती हुईं।
In EnglishA duet steeped in the courtly grandeur of Minerva's historical idiom — the voices of Rafiq Ghaznavi and Menka Bai carrying the weight of King Tailap's city.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
सोहराब मोदी की 1943 की ऐतिहासिक फ़िल्म पृथ्वी वल्लभ के सात गीतों में से एक, जिसे रफ़ीक़ ग़ज़नवी और सरस्वती देवी ने संयुक्त रूप से, पंडित सुदर्शन के बोलों पर संगीतबद्ध किया। यह गीत रफ़ीक़ ग़ज़नवी और मेनका बाई द्वारा युगल रूप में गाया गया है, जो फ़िल्म के नाटक को घेरने वाले चालुक्य नरेश तैलप के दरबारी परिवेश में रचा गया है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
One of seven songs in Sohrab Modi's 1943 historical Prithvi Vallabh, scored jointly by Rafiq Ghaznavi and Saraswati Devi to lyrics by Pandit Sudarshan. The number is performed as a duet by Rafiq Ghaznavi and Menka Bai, set against the courtly milieu of the Chalukya monarch Tailap that frames the film's drama.
संगीत The Music
रचना उस शास्त्रीय, घोषणात्मक मुहावरे को दर्शाती है जो रफ़ीक़ ग़ज़नवी और सरस्वती देवी मिनर्वा की वेशभूषा-प्रधान ऐतिहासिक फ़िल्मों में लाए — हारमोनियम और सारंगी एक गरिमामय धुन को सहारा देते हुए, न कि उस समय लाहौर सिनेमा में फैली लोक-पॉप लय, जो परिवेश की कालिक भव्यता के अनुकूल था।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
The composition reflects the classical, declamatory register that Rafiq Ghaznavi and Saraswati Devi brought to Minerva's costume historicals — harmonium and sarangi anchoring a stately melodic line rather than the folk-pop rhythms then sweeping Lahore cinema, suiting the period grandeur of the setting.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Medium
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | तैलप की नगरी में गाना नहीं है · Tailap Ki Nagri Me Gana Nahi Hai |
|---|---|
| फ़िल्म | पृथ्वी वल्लभ · 1943 |
| वर्ष · युग | 1943 |
| गायक | Rafiq Ghaznavi, Menka Bai |
| गीतकार | Pandit Sudarshan |
| संगीतकार | Rafiq Ghaznavi, Saraswati Devi |
| स्वरूप | युगल |
| गति | मध्यम |
| भाषा | hindi |
| भाव | तीव्र · दार्शनिक |
| लोकप्रियता | Obscure |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
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