गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
मुझको ख़याल-ए-यार गर सताए
Mujhko Khayal-e-Yaar Gar Sataye
जगमोहन सुरसागर की फ़िल्मी ग़ज़ल — हिमांशु दत्त की भाईचारा के सबसे सराहे गए गीतों में।
भावउदास · रोमांटिक
भाषाhindi-urdu गतिधीमी स्वरूपएकल पुरुष
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
जगमोहन सुरसागर की फ़िल्मी ग़ज़ल — हिमांशु दत्त की भाईचारा के सबसे सराहे गए गीतों में।
In EnglishJagmohan Sursagar's filmy ghazal — among the most admired songs of Himanshu Dutta's Bhaichara.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
'मुझको ख़याल-ए-यार गर सताए' भाईचारा (1943) का सबसे प्रसिद्ध गीत है, जिसे जगमोहन सुरसागर ने गाया — बंगाल में जन्मे ग़ज़ल और गीत गायक, जो अपनी ग़ैर-फ़िल्मी रिकॉर्डिंग्स के लिए अधिक प्रसिद्ध थे — हिमांशु दत्त के संगीत में। उस वर्ष के संगीत पर टिप्पणीकार इसे एक मधुर फ़िल्मी ग़ज़ल के रूप में अलग से चिह्नित करते हैं। फ़िल्म के बोल सामूहिक रूप से कुमार व्यास, उदय शंकर भट्ट, ईश्वर चंद्र कपूर, एम.आर. कपूर और नज़ीर बेदी को श्रेय दिए गए।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
'Mujhko Khayal-e-Yaar Gar Sataye' ('if the thought of my beloved torments me') is the most celebrated number in Bhaichara (1943), sung by Jagmohan Sursagar — the Bengali-born ghazal and geet singer famed more for his non-film recordings — to Himanshu Dutta's music. Commentators on the year's music single it out as a melodious filmy ghazal. The film's lyrics were credited collectively to Kumar Vyas, Uday Shankar Bhatt, Ishwar Chandra Kapoor, M.R. Kapoor and Nazir Bedi.
संगीत The Music
हिमांशु दत्त और जगमोहन सुरसागर दोनों कलकत्ता की ग्रामोफ़ोन-और-गीत दुनिया के उत्पाद थे, और यह ग़ज़ल उनकी साझा शक्ति को उभारती है — एक अविचल धुन-रेखा, विरल संगत, और प्रत्येक वाक्यांश पर ठहरने की छूट पाया हुआ गायक का स्वर। यह बंगाली नज़रूल-गीति संवेदना है जो एक उर्दू-हिंदी फ़िल्मी ग़ज़ल के रूप में प्रस्तुत है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
Himanshu Dutta and Jagmohan Sursagar were both products of the Calcutta gramophone-and-geet world, and this ghazal plays to their shared strength — an unhurried melodic line, sparse accompaniment, and a singer's voice allowed to dwell on each phrase. It is the Bengali Nazrul-Geeti sensibility rendered as an Urdu-Hindi filmy ghazal.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Slow
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | मुझको ख़याल-ए-यार गर सताए · Mujhko Khayal-e-Yaar Gar Sataye |
|---|---|
| फ़िल्म | भाईचारा · 1943 |
| वर्ष · युग | 1943 |
| गायक | Jagmohan Sursagar |
| संगीतकार | Himangshu Dutta |
| स्वरूप | एकल पुरुष |
| गति | धीमी |
| भाषा | hindi-urdu |
| भाव | उदास · रोमांटिक |
| लोकप्रियता | Known |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
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