गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
प्रेम का दुख है अपार सखी री
Prem Ka Dukh Hai Apaar Sakhi Ri
“प्रेम का दुख है अपार सखी री” — 1938 की फ़िल्म जेलर का एक गीत। संगीत: मीर साहेब। बोल: कमाल अमरोही। गायन: शीला।
भावअविस्मरणीय · उदास · दार्शनिक
भाषाhindi
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
“प्रेम का दुख है अपार सखी री” — 1938 की फ़िल्म जेलर का एक गीत। संगीत: मीर साहेब। बोल: कमाल अमरोही। गायन: शीला।
In English“Prem Ka Dukh Hai Apaar Sakhi Ri” — a song from the 1938 film Jailor. Music: Mir Saheb. Lyrics: Kamal Amrohi. Sung by Sheela.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
“प्रेम का दुख है अपार सखी री” 1938 की फ़िल्म जेलर के गीतों में से एक है। इसका संगीत मीर साहेब ने दिया। बोल कमाल अमरोही के हैं। इसे शीला ने गाया।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
“Prem Ka Dukh Hai Apaar Sakhi Ri” is one of the songs from Jailor (1938). The music is by Mir Saheb. The lyrics are by Kamal Amrohi. It was performed by Sheela.
संगीत The Music
“प्रेम का दुख है अपार सखी री” का संगीत जेलर (1938) के लिए मीर साहेब ने रचा। स्वर: शीला।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
“Prem Ka Dukh Hai Apaar Sakhi Ri” was set to music by Mir Saheb for the 1938 film Jailor. It is rendered by Sheela.
काव्य The Poetry
“प्रेम का दुख है अपार सखी री” के बोल कमाल अमरोही ने लिखे।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
The words of “Prem Ka Dukh Hai Apaar Sakhi Ri” were written by Kamal Amrohi.
वर्गीकरण
ClassificationGenre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | प्रेम का दुख है अपार सखी री · Prem Ka Dukh Hai Apaar Sakhi Ri |
|---|---|
| फ़िल्म | जेलर · 1938 |
| वर्ष · युग | 1938 |
| गायक | Sheela |
| गीतकार | Kamal Amrohi |
| संगीतकार | Mir Saheb |
| भाषा | hindi |
| भाव | अविस्मरणीय · उदास · दार्शनिक |
| लोकप्रियता | Obscure |
| बोल-स्थिति | सार्वजनिक |
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