गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
प्रेम ही जाने प्रेम की माया
Prem Hi Jane Prem Ki Maya
प्रेम ही प्रेम की माया जानता है — चित्रलेखा के केंद्र में एक दार्शनिक चिंतन।
भावतीव्र · उदास · दार्शनिक
भाषाhindi गतिधीमी स्वरूपएकल पुरुष
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
प्रेम ही प्रेम की माया जानता है — चित्रलेखा के केंद्र में एक दार्शनिक चिंतन।
In EnglishOnly love knows the illusion of love — a philosophical reflection at the heart of Chitralekha.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
शास्त्रीय उस्ताद झंडे ख़ान का स्वयं किसी फ़िल्म में गाने का एक दुर्लभ उदाहरण — चित्रलेखा (1941) के इस दार्शनिक गीत का श्रेय उन्हें संगीतकार और गायक दोनों रूपों में जाता है। प्रेम की माया पर इसका चिंतन इच्छा और त्याग की मौर्य-कालीन कथा के विषयगत केंद्र में बैठता है। झंडे ख़ान केदार शर्मा से मतभेदों के कारण फ़िल्म छोड़ देंगे, और ए. एस. ज्ञानी संगीत पूरा करेंगे।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
A rare instance of the classical master Ustad Jhande Khan himself singing in a film — this philosophical number from Chitralekha (1941) is credited to him as both composer and voice. Its meditation on the illusion (maya) of love sits at the thematic core of the Mauryan-era story of desire and renunciation. Jhande Khan would leave the production over differences with Kidar Sharma, with A. S. Gyani completing the score.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Slow
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | प्रेम ही जाने प्रेम की माया · Prem Hi Jane Prem Ki Maya |
|---|---|
| फ़िल्म | चित्रलेखा · 1941 |
| वर्ष · युग | 1941 |
| गायक | Jhande Khan |
| गीतकार | Kidar Sharma |
| संगीतकार | Jhande Khan, A. S. Gyani |
| स्वरूप | एकल पुरुष |
| गति | धीमी |
| भाषा | hindi |
| भाव | तीव्र · उदास · दार्शनिक |
| लोकप्रियता | Known |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
जुड़े हुए पन्ने
Connected Plates · The Graph Made Visibleअटलस में कोई पन्ना अकेला नहीं — इस गीत से जुड़े गीत, कलाकार, फ़िल्म, राग-ताल-विधा, सब यहाँ से खुलते हैं।
मिलते-जुलते गीत · Related Songs
कलाकार · The Artists
फ़िल्म · The Film
साझा कीजिए · Share this Plate
