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निगाहों नाज़ से महफ़िल को — मज़ाक़ (1943) YouTube (click-to-load)

गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate

निगाहों नाज़ से महफ़िल को

Nigaho Naaz Se Mehfil Ko

मज़ाक़ (1943) से एक उर्दू-रंगत महफ़िल गीत, बोल आबिद गुलरेज़ के और संगीत ज़हूर राजा का।

भावरोमांटिक · Wistful

भाषाhindi-urdu   गतिमध्यम   स्वरूपSolo

श्रेय

The Credits

सूत्र-वाक्य · The Hook

सूत्र-वाक्य

मज़ाक़ (1943) से एक उर्दू-रंगत महफ़िल गीत, बोल आबिद गुलरेज़ के और संगीत ज़हूर राजा का।

In EnglishAn Urdu-inflected mehfil song from Mazaaq (1943), with words by Abid Gulrez and music by Zahur Raja.

पट्टिका-लेख

The Monograph

परिचय Overview

'निगाहों नाज़ से महफ़िल को' मज़ाक़ (1943) के दस प्रलेखित गीतों में से एक है। इसका शीर्षक — नाज़ भरी निगाहों से मोहित होती महफ़िल का आह्वान — इसे उस सुसंस्कृत उर्दू महफ़िल मुहावरे में रखता है जिसमें शायर आबिद गुलरेज़ काम करते थे। फ़िल्म के निर्देशक व मुख्य अभिनेता ज़हूर राजा ने इसका संगीत-निर्देशन भी सँभाला।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

'Nigaho Naaz Se Mehfil Ko' is one of the ten documented songs from Mazaaq (1943). Its title — invoking a gathering (mehfil) charmed by graceful glances (nigahon-e-naaz) — places it in the genteel Urdu mehfil register that lyricist Abid Gulrez worked in. Zahur Raja, the film's director and lead, also handled its music direction.

संगीत The Music

ज़हूर राजा इस रचना को चालीस के दशक के आरंभिक फ़िल्मी महफ़िल गीतों की कोमल, ग़ज़ल-झुकी शैली में रखते हैं — हारमोनियम और सारंगी पर आधारित, मृदु तबला-धड़कन के ऊपर, जो 1943 की बॉम्बे रिकॉर्डिंग का मानक ध्वनि-पटल है; इस संगीत में युवा वी. बलसारा सहायक के रूप में प्रलेखित हैं।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Zahur Raja sets the number in the gentle, ghazal-leaning manner of early-forties film mehfil songs, anchored by harmonium and sarangi over a soft tabla pulse — the standard sound palette of 1943 Bombay recording, on a score for which a young V. Balsara is documented as assistant.

वर्गीकरण

Classification

Genre

FilmiGhazal
Tempo
Medium

नमूना-पट्टी

The Specimen Table
गीत-नमूना · Song Specimen
शीर्षकनिगाहों नाज़ से महफ़िल को · Nigaho Naaz Se Mehfil Ko
फ़िल्ममज़ाक़ · 1943
वर्ष · युग1943
गीतकारAbid Gulrez
संगीतकारZahur Raja
स्वरूपSolo
गतिमध्यम
भाषाhindi-urdu
भावरोमांटिक · Wistful
लोकप्रियताObscure
बोल-स्थितिकेवल झलक

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