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कैसे निभेगी प्रीत सजनी — कविता (1944) YouTube (click-to-load)

गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate

कैसे निभेगी प्रीत सजनी

Kaise Nibhegi Preet Sajni

संदेह और समर्पण का एक युगल — ज़ोहराबाई अम्बालेवाली और जी.एम. दुर्रानी, इस सवाल पर पंक्तियाँ बाँटते हुए कि प्रीत निभेगी या नहीं।

भावमीठा-कड़वा · रोमांटिक

भाषाhindi   गतिमध्यम   स्वरूपयुगल

श्रेय

The Credits

सूत्र-वाक्य · The Hook

सूत्र-वाक्य

संदेह और समर्पण का एक युगल — ज़ोहराबाई अम्बालेवाली और जी.एम. दुर्रानी, इस सवाल पर पंक्तियाँ बाँटते हुए कि प्रीत निभेगी या नहीं।

In EnglishA male-female duet of doubt and devotion — Zohrabai Ambalewali and G. M. Durrani trading lines on whether love will last.

पट्टिका-लेख

The Monograph

परिचय Overview

'कैसे निभेगी प्रीत सजनी' प्रकाश पिक्चर्स की 1944 की सामाजिक फ़िल्म कविता का एक युगल गीत है, जिसमें ज़ोहराबाई अम्बालेवाली और जी.एम. दुर्रानी की जोड़ी है, संगीत शंकरराव व्यास का और बोल रमेश गुप्ता के। शीर्षक — 'कैसे निभेगी प्रीत सजनी' — इसे एक प्रेम-संवाद के रूप में बाँधता है। यह 1940 के दशक के मध्य की दो सबसे अधिक रिकॉर्ड हुई पार्श्व-आवाज़ों को मिलाता है और फ़िल्म की दौर-कालीन गीत-सूचियों में दर्ज है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

'Kaise Nibhegi Preet Sajni' is a duet from Prakash Pictures' 1944 social film Kavita, pairing Zohrabai Ambalewali with G. M. Durrani over Shankar Rao Vyas's composition and Ramesh Gupta's lyrics. The title — 'how will this love endure, beloved' — frames it as a romantic exchange. It pairs two of the most-recorded playback voices of the mid-1940s and is documented in period film-song listings for the picture.

संगीत The Music

यह गीत दो स्वर-रंगों के विरोधाभास पर बना है — ज़ोहराबाई की सशक्त, गमक-भरी शास्त्रीय आवाज़ बनाम जी.एम. दुर्रानी का हल्का, अधिक संवादी स्वर — शंकरराव व्यास की धुन-प्रधान रचना पर, हारमोनियम, तबला और सारंगी के साथ। ग्वालियर ख़याल परंपरा में प्रशिक्षित व्यास अपने फ़िल्मी युगलों को पाश्चात्य प्रतिवाद के बजाय राग-रंजित पदावली के निकट रखते थे।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

The number is built on the contrast of two timbres — Zohrabai's robust, gamak-laden classical voice against G. M. Durrani's lighter, more conversational tenor — over Shankar Rao Vyas's melody-led writing for harmonium, tabla and sarangi. Vyas, trained in the Gwalior khayal tradition, kept his film duets close to raga-tinted phrasing rather than Western counterpoint.

वर्गीकरण

Classification

Genre

Filmi
Tempo
Medium

नमूना-पट्टी

The Specimen Table
गीत-नमूना · Song Specimen
शीर्षककैसे निभेगी प्रीत सजनी · Kaise Nibhegi Preet Sajni
फ़िल्मकविता · 1944
वर्ष · युग1944
गायकZohrabai Ambalewali, G.M. Durrani
गीतकारRamesh Gupta
संगीतकारShankar Rao Vyas
स्वरूपयुगल
गतिमध्यम
भाषाhindi
भावमीठा-कड़वा · रोमांटिक
लोकप्रियताObscure
बोल-स्थितिकेवल झलक

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फ़िल्म · The Film

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