गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
बिताई कहाँ रतियाँ हो महाराजा
Bitayi Kaha Ratiya Ho Maharaja
हुस्न बानो का एक 'महाराजा' से करुण संबोधन — रात कहाँ बीती? — आसरा के लिए अनिल बिस्वास के लोक-रंगत संगीत का आधार है।
भावउदास · पुरानी यादें · Plaintive
भाषाhindi गतिमध्यम स्वरूपएकल महिला
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
हुस्न बानो का एक 'महाराजा' से करुण संबोधन — रात कहाँ बीती? — आसरा के लिए अनिल बिस्वास के लोक-रंगत संगीत का आधार है।
In EnglishHusn Banu's plaintive address to a 'maharaja' — where did the night go? — anchors Anil Biswas's folk-tinged score for Aasra.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
1941 की सामाजिक फ़िल्म आसरा में हुस्न बानो के दो एकल गीतों में से एक, सफ़दर आह के बोलों और अनिल बिस्वास के संगीत पर। यह गीत उस दौर की डिस्कोग्राफ़ियों के माध्यम से जीवित है — फ़िल्म की ग्यारह-गीत संगीत-पट्टी के बेहतर प्रलेखित गीतों में से एक — हालाँकि फ़िल्म स्वयं लुप्त मानी जाती है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
One of two Husn Banu solos in the 1941 social drama Aasra, set to lyrics by Safdar Aah and music by Anil Biswas. The song survives through period discographies — it is among the better-documented numbers from the film's eleven-song soundtrack — though the film itself is presumed lost.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Medium
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | बिताई कहाँ रतियाँ हो महाराजा · Bitayi Kaha Ratiya Ho Maharaja |
|---|---|
| फ़िल्म | आसरा · 1941 |
| वर्ष · युग | 1941 |
| गायक | Husn Banu |
| गीतकार | Safdar Aah |
| संगीतकार | Anil Biswas |
| स्वरूप | एकल महिला |
| गति | मध्यम |
| भाषा | hindi |
| भाव | उदास · पुरानी यादें · Plaintive |
| लोकप्रियता | Obscure |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
जुड़े हुए पन्ने
Connected Plates · The Graph Made Visibleअटलस में कोई पन्ना अकेला नहीं — इस गीत से जुड़े गीत, कलाकार, फ़िल्म, राग-ताल-विधा, सब यहाँ से खुलते हैं।
मिलते-जुलते गीत · Related Songs
कलाकार · The Artists
फ़िल्म · The Film
साझा कीजिए · Share this Plate

