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बिताई कहाँ रतियाँ हो महाराजा — आसरा (1941) YouTube (click-to-load)

गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate

बिताई कहाँ रतियाँ हो महाराजा

Bitayi Kaha Ratiya Ho Maharaja

हुस्न बानो का एक 'महाराजा' से करुण संबोधन — रात कहाँ बीती? — आसरा के लिए अनिल बिस्वास के लोक-रंगत संगीत का आधार है।

भावउदास · पुरानी यादें · Plaintive

भाषाhindi   गतिमध्यम   स्वरूपएकल महिला

श्रेय

The Credits

सूत्र-वाक्य · The Hook

सूत्र-वाक्य

हुस्न बानो का एक 'महाराजा' से करुण संबोधन — रात कहाँ बीती? — आसरा के लिए अनिल बिस्वास के लोक-रंगत संगीत का आधार है।

In EnglishHusn Banu's plaintive address to a 'maharaja' — where did the night go? — anchors Anil Biswas's folk-tinged score for Aasra.

पट्टिका-लेख

The Monograph

परिचय Overview

1941 की सामाजिक फ़िल्म आसरा में हुस्न बानो के दो एकल गीतों में से एक, सफ़दर आह के बोलों और अनिल बिस्वास के संगीत पर। यह गीत उस दौर की डिस्कोग्राफ़ियों के माध्यम से जीवित है — फ़िल्म की ग्यारह-गीत संगीत-पट्टी के बेहतर प्रलेखित गीतों में से एक — हालाँकि फ़िल्म स्वयं लुप्त मानी जाती है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

One of two Husn Banu solos in the 1941 social drama Aasra, set to lyrics by Safdar Aah and music by Anil Biswas. The song survives through period discographies — it is among the better-documented numbers from the film's eleven-song soundtrack — though the film itself is presumed lost.

वर्गीकरण

Classification

Genre

FilmiFolk-inspired
Tempo
Medium

नमूना-पट्टी

The Specimen Table
गीत-नमूना · Song Specimen
शीर्षकबिताई कहाँ रतियाँ हो महाराजा · Bitayi Kaha Ratiya Ho Maharaja
फ़िल्मआसरा · 1941
वर्ष · युग1941
गायकHusn Banu
गीतकारSafdar Aah
संगीतकारAnil Biswas
स्वरूपएकल महिला
गतिमध्यम
भाषाhindi
भावउदास · पुरानी यादें · Plaintive
लोकप्रियताObscure
बोल-स्थितिकेवल झलक

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फ़िल्म · The Film

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