गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
ले चल री सागर पर नैया
Le Chal Ri Sagar Par Naiya
नाव और सागर के रूपक का गीत, सर्कस मेलोड्रामा से एक मोती बाई एकल।
भावप्रेरणादायक · दार्शनिक
भाषाhindi गतिमध्यम स्वरूपएकल महिला
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
नाव और सागर के रूपक का गीत, सर्कस मेलोड्रामा से एक मोती बाई एकल।
In EnglishA boat-and-ocean metaphor song, a Moti Bai solo from the circus melodrama.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
'ले चल री सागर पर नैया' 1941 की पैरामाउंट फ़िल्म कंपनी की प्रस्तुति सर्कस की सुंदरी से एक मोती बाई एकल है, जिसका संगीत हाफ़िज़ ख़ान मस्ताना का और बोल प्यारेलाल सन्तोषी तथा ए. करीम के हैं। शीर्षक — 'सागर पार नैया ले चल' — नाव और सागर के उस चिरस्थायी भारतीय गीत-काव्य बिम्ब का सहारा लेता है, जो जीवन की पार-यात्रा का रूपक है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
'Le Chal Ri Sagar Par Naiya' is a Moti Bai solo from the 1941 Paramount Film Company production Circus Ki Sundari, with music by Hafiz Khan Mastana and lyrics by Pyarelal Santoshi and A. Karim. The romanized title — 'carry my boat across the sea' — draws on the perennial Indian song-poetry image of the boat and ocean as a metaphor for life's crossing.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Medium
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | ले चल री सागर पर नैया · Le Chal Ri Sagar Par Naiya |
|---|---|
| फ़िल्म | सर्कस की सुंदरी · 1941 |
| वर्ष · युग | 1941 |
| गायक | Moti Bai |
| गीतकार | Pyarelal Santoshi, A. Karim |
| संगीतकार | Khan Mastana |
| स्वरूप | एकल महिला |
| गति | मध्यम |
| भाषा | hindi |
| भाव | प्रेरणादायक · दार्शनिक |
| लोकप्रियता | Obscure |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
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