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ले चल री सागर पर नैया — सर्कस की सुंदरी (1941) YouTube (click-to-load)

गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate

ले चल री सागर पर नैया

Le Chal Ri Sagar Par Naiya

नाव और सागर के रूपक का गीत, सर्कस मेलोड्रामा से एक मोती बाई एकल।

भावप्रेरणादायक · दार्शनिक

भाषाhindi   गतिमध्यम   स्वरूपएकल महिला

श्रेय

The Credits

सूत्र-वाक्य · The Hook

सूत्र-वाक्य

नाव और सागर के रूपक का गीत, सर्कस मेलोड्रामा से एक मोती बाई एकल।

In EnglishA boat-and-ocean metaphor song, a Moti Bai solo from the circus melodrama.

पट्टिका-लेख

The Monograph

परिचय Overview

'ले चल री सागर पर नैया' 1941 की पैरामाउंट फ़िल्म कंपनी की प्रस्तुति सर्कस की सुंदरी से एक मोती बाई एकल है, जिसका संगीत हाफ़िज़ ख़ान मस्ताना का और बोल प्यारेलाल सन्तोषी तथा ए. करीम के हैं। शीर्षक — 'सागर पार नैया ले चल' — नाव और सागर के उस चिरस्थायी भारतीय गीत-काव्य बिम्ब का सहारा लेता है, जो जीवन की पार-यात्रा का रूपक है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

'Le Chal Ri Sagar Par Naiya' is a Moti Bai solo from the 1941 Paramount Film Company production Circus Ki Sundari, with music by Hafiz Khan Mastana and lyrics by Pyarelal Santoshi and A. Karim. The romanized title — 'carry my boat across the sea' — draws on the perennial Indian song-poetry image of the boat and ocean as a metaphor for life's crossing.

वर्गीकरण

Classification

Genre

Filmi
Tempo
Medium

नमूना-पट्टी

The Specimen Table
गीत-नमूना · Song Specimen
शीर्षकले चल री सागर पर नैया · Le Chal Ri Sagar Par Naiya
फ़िल्मसर्कस की सुंदरी · 1941
वर्ष · युग1941
गायकMoti Bai
गीतकारPyarelal Santoshi, A. Karim
संगीतकारKhan Mastana
स्वरूपएकल महिला
गतिमध्यम
भाषाhindi
भावप्रेरणादायक · दार्शनिक
लोकप्रियताObscure
बोल-स्थितिकेवल झलक

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