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देविका रानी अछूत कन्या 1936 में
देविका रानी अछूत कन्या 1936 में wikimedia · Public domain

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ऑल इंडिया रेडियो: आज़ादी के बाद का संगीत संरक्षक

All India Radio: Post-Independence Guardian of Music

वह माध्यम जिसने शास्त्रीय संगीत को जन-जन तक पहुँचाया

प्रकाशित31 March 2026

आमुख

1936 में स्थापित ऑल इंडिया रेडियो (AIR) ने आज़ादी के बाद भारतीय संगीत को संरक्षित और प्रचारित किया। शास्त्रीय संगीत, भजन, कव्वाली — सब AIR पर सुने जाते हैं। यह भारतीय संगीत संस्कृति का जीवंत माध्यम है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

All India Radio, established in 1936, became post-independence India's most powerful guardian of music — broadcasting classical raags timed to the hour of day, giving classical masters like Pt. Jasraj and Ustad Bismillah Khan a national platform, and reaching millions of homes where no gramophone or cinema had ever gone.

ऑल इंडिया रेडियो: आज़ादी के बाद का संगीत संरक्षक

All India Radio: Post-Independence Guardian of Music

1936 में स्थापित ऑल इंडिया रेडियो (AIR) ने आज़ादी के बाद भारतीय संगीत को संरक्षित और प्रचारित किया। शास्त्रीय संगीत, भजन, कव्वाली — सब AIR पर सुने जाते हैं। यह भारतीय संगीत संस्कृति का जीवंत माध्यम है। जब भारत आज़ाद हुआ, तो नेहरू जैसे नेताओं ने माना कि संगीत राष्ट्र की आत्मा है। AIR के माध्यम से रविशंकर, अल्लारक्षा बनर्जी, लता मंगेशकर और अनगिनत संगीतकारों की आवाज़ें देश भर में सुनी जाने लगीं। गाँव-गाँव में, शहर-शहर में AIR की तरंगें भारतीय संगीत को पहुँचाती थीं। यह केवल रेडियो प्रसारण नहीं था, यह एक सांस्कृतिक मिशन था। शास्त्रीय संगीत के कलाकारों को AIR पर प्लेटफ़ॉर्म देकर, भारत ने अपनी परंपरा को जीवंत रखा। हर शुक्रवार की रात, AIR पर क़व्वाली की महफ़िलें होती हैं। हर सुबह भजन सुनाई देते हैं। यह एक जीवंत, साँस लेती हुई परंपरा है जो आज भी जारी है।

आकाशवाणी की स्थापना

1936 में, भारत में रेडियो प्रसारण की आधिकारिक शुरुआत हुई जब 'इंडियन ब्रॉडकास्टिंग सर्विस' को 'ऑल इंडिया रेडियो' (AIR) में पुनः नाम दिया गया। दिल्ली में पहला AIR स्टेशन खोला गया। उस समय, भारत में रेडियो मालिकों की संख्या बहुत कम थी—केवल बड़े शहरों में ही रेडियो सेट उपलब्ध थे। लेकिन AIR का एक बड़ा सपना था: भारतीय संगीत और संस्कृति को राष्ट्र के हर कोने तक पहुंचाना। 1947 में जब भारत स्वतंत्र हुआ, तो AIR ने राष्ट्र निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वतंत्रता संघर्ष के गीत, राष्ट्रगान, और संस्कृति संबंधी कार्यक्रम AIR पर प्रसारित हुए। राष्ट्र के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने माना कि संगीत देश की आत्मा है, और AIR को इस संगीत को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी दी। धीरे-धीरे, देश भर में AIR के नए स्टेशन खुलने लगे, और दूरदराज़ गाँवों में भी संगीत की आवाज़ें पहुँचने लगीं।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

In 1936, Indian radio broadcasting officially began when the 'Indian Broadcasting Service' was renamed 'All India Radio' (AIR). The first AIR station opened in Delhi. At that time, radio ownership in India was limited—only major cities had radio sets. But AIR had a grand vision: to bring Indian music and culture to every corner of the nation.

When India became independent in 1947, AIR played a crucial role in nation-building. Songs of the freedom struggle, the national anthem, and cultural programs were broadcast on AIR. The nation's first Prime Minister Pandit Jawaharlal Nehru recognized that music is the soul of the nation, and entrusted AIR with the responsibility of preserving this musical heritage. Gradually, new AIR stations opened across the country, and the voice of music reached remote villages.

आकाशवाणी भवन, नई दिल्ली — ऑल इंडिया रेडियो का मुख्यालय (स्थापना 1936); यहाँ से AIR ने राग-आधारित शास्त्रीय कार्यक्रम प्रसारित किए, पं. जसराज और उस्ताद बिस्मिल्लाह खान को राष्ट्रीय मंच दिया, और सात दशकों तक भारतीय संगीत संस्कृति को आकार दिया
आकाशवाणी भवन, नई दिल्ली — ऑल इंडिया रेडियो का मुख्यालय (स्थापना 1936); यहाँ से AIR ने राग-आधारित शास्त्रीय कार्यक्रम प्रसारित किए, पं. जसराज और उस्ताद बिस्मिल्लाह खान को राष्ट्रीय मंच दिया, और सात दशकों तक भारतीय संगीत संस्कृति को आकार दिया Wikimedia Commons · CC BY-SA 3.0

विविध भारती: लोकप्रिय संगीत का चैनल

1957 में, AIR ने एक नया रेडियो चैनल शुरू किया जिसे 'विविध भारती' कहा जाता था। यह चैनल शास्त्रीय संगीत की जगह फिल्म गीतों और लोकप्रिय संगीत के लिए समर्पित था। राष्ट्रीय प्रसारण सेवा (National Service) पर शास्त्रीय संगीत प्रसारित होता था, जबकि विविध भारती पर फिल्मी गीत सुने जाते थे। यह एक बुद्धिमान कदम था क्योंकि यह विभिन्न संगीत प्रेमियों को संतुष्ट करता था। विविध भारती पर लता मंगेशकर, आशा पारेख, राज कपूर, शमशाद बेगम जैसे दिग्गजों के गीत प्रसारित होते थे। रेडियो पर सुबह शुरू होने से रात को आधी रात तक, संगीत का प्रवाह चलता रहता था। घर-घर में महिलाओं को बिस्तर से उठने का संकेत देने वाली भोर की धुन, और रात को सोने का समय बताने वाली 'विविध भारती' की विदाई धुन—यह भारतीय परिवारों की दिनचर्या का हिस्सा बन गया। विविध भारती न केवल एक संगीत चैनल था, बल्कि भारतीय परिवार का एक सदस्य था।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

In 1957, AIR launched a new radio channel called 'Vividh Bharati'. This channel was dedicated to film songs and popular music rather than classical music. The National Service broadcast classical music, while Vividh Bharati featured film songs. It was a wise decision because it satisfied different music lovers.

On Vividh Bharati, songs of legends like Lata Mangeshkar, Asha Parekh, Raj Kapoor, and Shamshad Begum were broadcast. From early morning till midnight, music flowed continuously. The dawn tune that woke families in the morning, and the farewell tune of 'Vividh Bharati' at night—these became part of the daily routine of Indian families. Vividh Bharati was not just a music channel, but a member of the Indian family.

शास्त्रीय संगीत का संरक्षण: राग आधारित कार्यक्रम

AIR के मिशन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा था शास्त्रीय संगीत को संरक्षित करना। राष्ट्रीय प्रसारण सेवा पर, AIR ने एक अद्वितीय कार्यक्रम संरचना तैयार की जो विभिन्न राग और समय से जुड़ी थी। सुबह के समय, सूर्योदय के साथ, भैरव और अन्य सुबह के राग प्रसारित होते थे। दोपहर में ख़ामाज़ राग सुने जाते थे। शाम को यमन और भैरवी जैसे संवेदनशील राग आते थे। यह एक ज्ञान आधारित प्रसारण था। दर्शकों को सिर्फ संगीत नहीं, बल्कि ज्ञान भी मिलता था—किस राग को कब गाया जाता है, उसकी विशेषताएं क्या हैं, और किस घराने की परंपरा यह है। प्रसिद्ध संगीतकारों जैसे पंडित कुमार गंधर्व, पंडित जसराज, और उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के संगीत को AIR पर प्रसारित किया जाता था। यह न केवल संगीत प्रसारण था, बल्कि शास्त्रीय संगीत की एक जीवंत पाठशाला थी। AIR ने हज़ारों संगीतकारों को प्रोत्साहित किया, उन्हें मंच दिया, और भारतीय शास्त्रीय संगीत को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित रखा।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

The most important part of AIR's mission was preserving classical music. On the National Service, AIR created a unique program structure that was linked to different raags and times of day. In the morning, with sunrise, Bhairav and other morning raags were broadcast. At noon, Khamaj raag was played. In the evening, sensitive raags like Yaman and Bhairavi were featured.

This was knowledge-based broadcasting. Listeners didn't just get music, but also education—which raag is sung when, what are its characteristics, and which gharana tradition it belongs to. Music of famous musicians like Pt. Kumar Gandharva, Pt. Jasraj, and Ustad Bismillah Khan was broadcast on AIR. It wasn't just music broadcasting, but a living school of classical music. AIR encouraged thousands of musicians, gave them a platform, and preserved Indian classical music for future generations.

रेडियो की विरासत: AIR ने भारतीय संगीत को कैसे आकार दिया

70 से अधिक सालों तक, AIR ने भारतीय संगीत के विकास में एक केंद्रीय भूमिका निभाई है। AIR ने न केवल संगीत सुना, बल्कि संगीत को परिभाषित भी किया। जब कोई राग को 'शास्त्रीय' माना जाए, तो वह AIR पर आता था। जब कोई गायक को स्वीकृति चाहिए होती थी, तो वह AIR के लिए गाता था। AIR के अभिलेखागार में भारतीय संगीत का एक विशाल भंडार है—हज़ारों घंटों का संगीत, दर्जनों पीढ़ियों के कलाकारों की आवाज़ें। डिजिटल युग में, जब Spotify और YouTube जैसी सेवाएं आईं, तब भी AIR की प्रासंगिकता नहीं घटी। AIR ने लाखों संगीत प्रेमियों को, विशेषकर भारत के दूरदराज़ क्षेत्रों में, उन तक संगीत पहुंचाया जहां इंटरनेट अभी भी दुर्लभ है। आज भी, गाँवों में बुजुर्ग AIR के प्रसारण पर अपने प्रिय गीत सुनते हैं, और युवा पीढ़ी के कुछ सदस्य AIR पर शास्त्रीय संगीत सुनकर संगीत में दीक्षा ले रहे हैं। भारतीय संगीत की यात्रा—गौहर जान से लेकर आधुनिक गायकों तक—AIR के इतिहास के साथ जुड़ी हुई है। AIR ने संगीत को न केवल संरक्षित किया, बल्कि उसे एक राष्ट्रीय संपत्ति में परिणत कर दिया।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

For over 70 years, AIR has played a central role in the development of Indian music. AIR didn't just broadcast music; it defined music. When a raag was deemed 'classical', it was broadcast on AIR. When a singer wanted recognition, they sang for AIR. AIR's archives contain a vast treasury of Indian music—thousands of hours of music, voices of musicians from dozens of generations.

In the digital age, with services like Spotify and YouTube, AIR's relevance hasn't diminished. AIR reaches millions of music lovers, especially in remote regions of India, where internet is still rare. Today, elders in villages still listen to their favorite songs on AIR, and some of the younger generation are learning classical music through AIR broadcasts.

The journey of Indian music—from Gauhar Jaan to modern singers—is intertwined with AIR's history. AIR didn't just preserve music; it transformed it into a national treasure.

परिचय

Identity
Epithet
वह माध्यम जिसने शास्त्रीय संगीत को जन-जन तक पहुँचाया · The medium that brought classical music to every Indian home

अन्य विवरण

More Details

References

Music historyTechnology history

श्रवण-कक्ष · The Listening Room

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ऑल इंडिया रेडियो: आज़ादी के बाद का संगीत संरक्षक

ऑल इंडिया रेडियो: आज़ादी के बाद का संगीत संरक्षक (भाग 2)

कहानी-नमूना

The Story Specimen
कहानी-नमूना · Story Specimen
शीर्षकऑल इंडिया रेडियो: आज़ादी के बाद का संगीत संरक्षक · All India Radio: Post-Independence Guardian of Music
प्रकाशित31 March 2026 — admin

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सवाल-जवाब

Questions & Answers
ऑल इंडिया रेडियो ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को कैसे संरक्षित किया? · How did All India Radio preserve Indian classical music?

AIR ने राग-आधारित प्रसारण कार्यक्रम बनाया — सुबह भैरव, दोपहर खमाज, शाम यमन। इससे श्रोताओं को सिर्फ संगीत नहीं, शास्त्रीय ज्ञान भी मिला। AIR के अभिलेखागार में हज़ारों घंटों की रिकॉर्डिंग है जो अन्यथा नष्ट हो जाती।

AIR created raag-based programming — Bhairav in the morning, Khamaj at noon, Yaman in the evening — giving listeners not just music but classical knowledge. AIR's archives contain thousands of hours of recordings that would otherwise have been lost.

विविध भारती और AIR की राष्ट्रीय सेवा में क्या अंतर था? · What was the difference between Vividh Bharati and AIR's National Service?

राष्ट्रीय सेवा पर शास्त्रीय संगीत और शैक्षणिक कार्यक्रम प्रसारित होते थे, जबकि 1957 में शुरू हुई विविध भारती पर फ़िल्मी गीत और लोकप्रिय संगीत आता था। इस विभाजन ने दोनों प्रकार के श्रोताओं को संतुष्ट किया।

The National Service broadcast classical music and educational programmes, while Vividh Bharati, launched in 1957, carried film songs and popular music. This division satisfied both types of listeners.