गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
ये दर्दे मोहब्बत है कैसे वो भला जाने
Ye Dard-E-Mohabbat Hai Kaise Wo Bhala Jane
ग़ज़ल-रंगत वाला ख़ुर्शीद का एकल: मोहब्बत का दर्द वही जान सकता है जिसने उसे महसूस किया हो।
भावउदास · रोमांटिक
भाषाhindi-urdu गतिधीमी स्वरूपएकल महिला
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
ग़ज़ल-रंगत वाला ख़ुर्शीद का एकल: मोहब्बत का दर्द वही जान सकता है जिसने उसे महसूस किया हो।
In EnglishA ghazal-tinged Khursheed solo: only one who has felt the pain of love can know it.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
'ये दर्दे मोहब्बत है कैसे वो भला जाने' 1941 की रणजीत मूवीटोन फ़िल्म बेटी के अधिक याद किए जाने वाले गीतों में से एक है, जिसे ख़ुर्शीद ने गाया और ज्ञान दत्त ने बी.आर. शर्मा तथा डी.एन. माधोक के बोलों पर रचा। उर्दू-रंगत वाला इसका शीर्षक — कि मोहब्बत का दर्द वही समझ सकता है जिसने उसे सहा हो — इसे 1940 के दशक की शुरुआत की फ़िल्मी ग़ज़ल की विरह-परंपरा में रखता है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
'Ye Dard-E-Mohabbat Hai Kaise Wo Bhala Jane' is among the better-remembered songs of the 1941 Ranjit Movietone film Beti, sung by Khursheed and composed by Gyan Dutt to lyrics by B.R. Sharma and D.N. Madhok. Its Urdu-inflected title — that one who has not suffered love's pain cannot understand it — places it in the romantic-lament tradition of early-1940s film ghazal.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Slow
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | ये दर्दे मोहब्बत है कैसे वो भला जाने · Ye Dard-E-Mohabbat Hai Kaise Wo Bhala Jane |
|---|---|
| फ़िल्म | बेटी · 1941 |
| वर्ष · युग | 1941 |
| गायक | Khursheed |
| गीतकार | B. R. Sharma, D. N. Madhok |
| संगीतकार | Gyan Dutt |
| स्वरूप | एकल महिला |
| गति | धीमी |
| भाषा | hindi-urdu |
| भाव | उदास · रोमांटिक |
| लोकप्रियता | Known |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
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