गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
मोरी अटरिया है सूनी मोहन नहीं आए
Mori Atariya Hai Suni Mohan Nahi Aaye
एक विरह-युगल — सूनी अटारी, अनुपस्थित मोहन — ख़ुर्शीद और स्नेहप्रभा प्रधान के स्वर में।
भावउदास · पुरानी यादें
भाषाhindi गतिधीमी स्वरूपमहिला युगल
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
एक विरह-युगल — सूनी अटारी, अनुपस्थित मोहन — ख़ुर्शीद और स्नेहप्रभा प्रधान के स्वर में।
In EnglishA viraha duet — the lonely terrace, the absent Mohan — sung by Khursheed and Snehprabha Pradhan.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
परदेसी (1941) का एक स्त्री-युगल, स्नेहप्रभा प्रधान और ख़ुर्शीद के स्वर में, संगीत खेमचंद प्रकाश का और बोल डी.एन. माधोक के। शीर्षक — 'मोरी अटरिया है सूनी, मोहन नहीं आए' — एक शास्त्रीय विरह-भाव है, जहाँ प्रिया की अटारी प्रतीक्षा का प्रतीक बन जाती है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
A female duet from Pardesi (1941) sung by Snehprabha Pradhan and Khursheed, set by Khemchand Prakash to words by D.N. Madhok. The title — 'my terrace lies empty, Mohan has not come' — is a classic viraha (separation) motif, the beloved's terrace standing for the wait itself.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Slow
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | मोरी अटरिया है सूनी मोहन नहीं आए · Mori Atariya Hai Suni Mohan Nahi Aaye |
|---|---|
| फ़िल्म | परदेसी · 1941 |
| वर्ष · युग | 1941 |
| गायक | Snehprabha Pradhan, Khursheed |
| गीतकार | D. N. Madhok |
| संगीतकार | Khemchand Prakash |
| स्वरूप | महिला युगल |
| गति | धीमी |
| भाषा | hindi |
| भाव | उदास · पुरानी यादें |
| लोकप्रियता | Known |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
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