गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
मोहब्बत में रास्ते वो पेश आ रहे हैं
Mohabbat Me Raste Wo Pesh Aa Rahe Hai
गायक अनिल बिस्वास, संगीतकार नहीं — मोहब्बत के बिछाए रास्तों पर एक ग़ज़ल-रंग का एकल।
भावदार्शनिक · रोमांटिक
भाषाurdu गतिधीमी स्वरूपएकल पुरुष
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
गायक अनिल बिस्वास, संगीतकार नहीं — मोहब्बत के बिछाए रास्तों पर एक ग़ज़ल-रंग का एकल।
In EnglishAnil Biswas the singer, not the composer — a ghazal-toned solo on the paths that love lays out.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
'मोहब्बत में रास्ते वो पेश आ रहे हैं' 1942 की फ़िल्म लालाजी के लिए अनिल बिस्वास द्वारा गाया एक पुरुष-एकल है, जिसके बोल आरज़ू लखनवी के और संगीत वसंत कुमार नायडू का है। यह फ़िल्म की परिभाषक विचित्रता का मुख्य उदाहरण है — संगीतकार अनिल बिस्वास का केवल नायडू की धुनों के पार्श्व-गायक के रूप में आना — और इसकी ग़ज़ल-झुकाव वाली उर्दू भाषा संगीत-पट्टी के साहित्यिक पक्ष की है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
'Mohabbat Me Raste Wo Pesh Aa Rahe Hai' is a male solo sung by Anil Biswas for the 1942 film Lalaji, with lyrics by Arzoo Lakhnavi and music by Vasant Kumar Naidu. It is a key example of the film's defining oddity — the composer Anil Biswas appearing purely as a playback singer for Naidu's tunes — and its ghazal-leaning Urdu diction belongs to the literary side of the soundtrack.
संगीत The Music
वसंत कुमार नायडू इस एकल को फ़िल्मी ग़ज़ल की अविचल, अर्ध-शास्त्रीय रूपरेखा में ढालते हैं, और उन मींड व ठहरावों के लिए जगह छोड़ते हैं जिन्हें उर्दू शेर की संरचना पुरस्कृत करती है। अनिल बिस्वास का संयमित, धुन-साक्षर गायन — एक संगीतकार की सहज प्रवृत्ति — पंक्ति को उसका नपा-तुला भार देता है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
Vasant Kumar Naidu frames the solo in the unhurried, semi-classical contour of a film ghazal, leaving space for the meend and pauses that the Urdu couplet structure rewards. Anil Biswas's controlled, melodically literate singing — the instinct of a composer — gives the line its measured weight.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Slow
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | मोहब्बत में रास्ते वो पेश आ रहे हैं · Mohabbat Me Raste Wo Pesh Aa Rahe Hai |
|---|---|
| फ़िल्म | लालाजी · 1942 |
| वर्ष · युग | 1942 |
| गायक | Anil Biswas |
| गीतकार | Arzoo Lakhnavi |
| संगीतकार | Vasant Kumar Naidu |
| स्वरूप | एकल पुरुष |
| गति | धीमी |
| भाषा | urdu |
| भाव | दार्शनिक · रोमांटिक |
| लोकप्रियता | Obscure |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
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