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मैं देख रही हूँ दुनिया के नज़ारे — उजाला (1942) YouTube (click-to-load)

गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate

मैं देख रही हूँ दुनिया के नज़ारे

Mai Dekh Rahi Hu Duniya Ke Nazare

मैं दुनिया के नज़ारे देख रही हूँ — रतन बाई की ग्रामोफ़ोन-युग की आवाज़ एक दर्शक बन जाती है।

भावदार्शनिक · Reflective

भाषाhindi   गतिमध्यम   स्वरूपएकल महिला

श्रेय

The Credits

सूत्र-वाक्य · The Hook

सूत्र-वाक्य

मैं दुनिया के नज़ारे देख रही हूँ — रतन बाई की ग्रामोफ़ोन-युग की आवाज़ एक दर्शक बन जाती है।

In EnglishI am watching the spectacles of the world — Rattan Bai's gramophone-era voice turns observer.

पट्टिका-लेख

The Monograph

परिचय Overview

'मैं देख रही हूँ दुनिया के नज़ारे' 1942 की फ़िल्म उजाला से रतन बाई का एकल गीत है, जिसे बशीर देहलवी ने रचा। रतन बाई, आरंभिक हिंदी सिनेमा के ग्रामोफ़ोन-युग की एक जानी-पहचानी आवाज़, एक चिंतनशील गीत गाती हैं जिसका शीर्षक — 'मैं दुनिया के नज़ारे देख रही हूँ' — फ़िल्म के पारिवारिक नाटक के भीतर एक दर्शक का, लगभग दार्शनिक, स्वर पकड़ता है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

'Mai Dekh Rahi Hu Duniya Ke Nazare' is a Rattan Bai solo from the 1942 film Ujala, composed by Bashir Dehlvi. Rattan Bai, a familiar voice from the gramophone era of early Hindi cinema, sings a reflective number whose title — 'I am watching the spectacles of the world' — strikes an observer's, almost philosophical, note within the film's domestic drama.

संगीत The Music

बशीर देहलवी इसे रतन बाई की अनुभवी ग्रामोफ़ोन-युग की गायकी के लिए ढालते हैं — उसी फ़िल्म की अभिनेत्री-गायिकाओं से अधिक स्थिर और प्रशिक्षित वाद्य। रचना बोल के चिंतनशील भार के लिए जगह छोड़ती है, एक सहज मध्यम-लय में बैठती है और आवाज़ को स्पष्ट रूप से आगे रखती है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Bashir Dehlvi pitches this for Rattan Bai's seasoned gramophone-era delivery, a steadier and more trained instrument than the actress-singers of the same film. The composition leaves room for the contemplative weight of the lyric, sitting in an unhurried mid-tempo with the voice clearly forward.

वर्गीकरण

Classification

Genre

Filmi
Tempo
Medium

नमूना-पट्टी

The Specimen Table
गीत-नमूना · Song Specimen
शीर्षकमैं देख रही हूँ दुनिया के नज़ारे · Mai Dekh Rahi Hu Duniya Ke Nazare
फ़िल्मउजाला · 1942
वर्ष · युग1942
गायकRattan Bai
संगीतकारBashir Dehlvi
स्वरूपएकल महिला
गतिमध्यम
भाषाhindi
भावदार्शनिक · Reflective
लोकप्रियताObscure
बोल-स्थितिकेवल झलक

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