गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
हुस्न की ये मेहरबानी फिर कहाँ
Husn Ki Ye Meharbani Phir Kaha
'हुस्न की ये मेहरबानी फिर कहाँ?' — एक क्षणभंगुर कृपा को सँजोता शमशाद बेगम का एकल गीत।
भावमीठा-कड़वा · रोमांटिक
भाषाhindi-urdu गतिमध्यम स्वरूपएकल महिला
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
'हुस्न की ये मेहरबानी फिर कहाँ?' — एक क्षणभंगुर कृपा को सँजोता शमशाद बेगम का एकल गीत।
In English'When will beauty be this kind again?' — a Shamshad Begum solo that savours a fleeting grace.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
'हुस्न की ये मेहरबानी फिर कहाँ' पगली (1943) के दस प्रलेखित गीतों में से एक है, जिसे शमशाद बेगम ने गाया। शीर्षक का उदास प्रश्न — कि हुस्न की कृपा फिर लौटेगी या नहीं — इसे फ़िल्म के उर्दू-रंगत मुहावरे में एक खट्टा-मीठा रोमानी गीत बनाता है। बोल मेलाराम वफ़ा और क़मर जलालाबादी के।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
'Husn Ki Ye Meharbani Phir Kaha' is one of the ten documented songs from Pagli (1943), sung by Shamshad Begum. The title's wistful question — whether beauty's favour will ever return — frames it as a bittersweet romantic number in the film's Urdu-inflected idiom. Lyrics by Melaram Wafa and Qamar Jalalabadi.
संगीत The Music
पगली का संगीत-पट्टा गोबिंद राम, रशीद अत्रे, झंडे ख़ाँ और अमीर अली के बीच बँटा था। इस दौर में शमशाद बेगम के एकल गीत उनकी अचूक खुले-गले की आवाज़ पर टिके रहते थे, जिन्हें इन लाहौर-शैली के संगीतकारों ने पंजाबी लोक-हिलोर और उपशास्त्रीय धुन को जोड़ने वाले संयोजनों पर स्वरबद्ध किया।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
The Pagli soundtrack was divided among Gobind Ram, Rasheed Attre, Jhande Khan and Amir Ali. Shamshad Begum's solos in this era leaned on her unmistakable open-throated timbre, set by these Lahore-school composers over arrangements that married Punjabi folk lilt to light-classical melody.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Medium
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | हुस्न की ये मेहरबानी फिर कहाँ · Husn Ki Ye Meharbani Phir Kaha |
|---|---|
| फ़िल्म | पगली · 1943 |
| वर्ष · युग | 1943 |
| गायक | Shamshad Begum |
| गीतकार | Mela Ram Wafa, Qamar Jalalabadi |
| संगीतकार | Gobind Ram, Rashid Attre |
| स्वरूप | एकल महिला |
| गति | मध्यम |
| भाषा | hindi-urdu |
| भाव | मीठा-कड़वा · रोमांटिक |
| लोकप्रियता | Obscure |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
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