गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
हाँ अंबवा पे बोले कोयलिया
Haan Ambva Pe Bole Koyaliya
आम की डाल से कोयल बोलती है — उम्मीद का एक ऋतु-समूह गीत, खेमचंद प्रकाश के सुरीले मुहावरे में।
भावपुरानी यादें · रोमांटिक
भाषाhindi गतिमध्यम स्वरूपसमूह
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
आम की डाल से कोयल बोलती है — उम्मीद का एक ऋतु-समूह गीत, खेमचंद प्रकाश के सुरीले मुहावरे में।
In EnglishThe koel calls from the mango bough — a seasonal group song from Ummeed in Khemchand Prakash's tuneful idiom.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
1941 की रणजीत मूवीटोन फ़िल्म उम्मीद का एक ऋतु-समूह गीत, खेमचंद प्रकाश द्वारा डी.एन. माधोक के बोलों पर रचित, जिसमें आम की डाल पर कोयल की वह कल्पना है जो इस दौर के वसंत-गीतों में प्रिय थी। मिस गुलाब, प्रभा, बृजमाला और मुकुंद द्वारा गाया गया — फ़िल्म के आठ प्रलेखित गीतों में से एक।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
A seasonal group song from the 1941 Ranjit Movietone film Ummeed, composed by Khemchand Prakash to D.N. Madhok's lyrics, with the koel-on-the-mango-branch imagery beloved of spring songs in this era. Sung by Miss Gulab, Prabha, Brijmala and Mukund — one of the film's eight documented numbers.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Medium
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | हाँ अंबवा पे बोले कोयलिया · Haan Ambva Pe Bole Koyaliya |
|---|---|
| फ़िल्म | उम्मीद · 1941 |
| वर्ष · युग | 1941 |
| गायक | Miss Gulab, प्रभा, Brijmala, मुकुंद |
| गीतकार | D. N. Madhok |
| संगीतकार | Khemchand Prakash |
| स्वरूप | समूह |
| गति | मध्यम |
| भाषा | hindi |
| भाव | पुरानी यादें · रोमांटिक |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
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