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चुभ गई रे मन में तेरी तिरछी नज़रिया, हर गई रे मनवा — होठल पद्मिनी (1934) YouTube (click-to-load)

गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate

चुभ गई रे मन में तेरी तिरछी नज़रिया, हर गई रे मनवा

Chubh Gai Re Man Mein Teri Tirachhi Nazariya Har Gai Re Manwa

“चुभ गई रे मन में तेरी तिरछी नज़रिया, हर गई रे मनवा” — 1934 की फ़िल्म होठल पद्मिनी का एक गीत। संगीत: सुंदरदास। बोल: मुंशी नज़ा देहावाली। गायन: सरदार अख़्तर।

फ़िल्महोठल पद्मिनी (1934)वर्ष1934बोलसार्वजनिक डोमेन

भावउदास · रोमांटिक

भाषाhindi  

श्रेय

The Credits
गायक · SingerSardar Akhtarगीतकार · Lyricistमुंशी नज़ा देहावालीसंगीतकार · Musicसुंदरदास

सूत्र-वाक्य · The Hook

सूत्र-वाक्य

“चुभ गई रे मन में तेरी तिरछी नज़रिया, हर गई रे मनवा” — 1934 की फ़िल्म होठल पद्मिनी का एक गीत। संगीत: सुंदरदास। बोल: मुंशी नज़ा देहावाली। गायन: सरदार अख़्तर।

In English“Chubh Gai Re Man Mein Teri Tirachhi Nazariya Har Gai Re Manwa” — a song from the 1934 film Hothal Padmini. Music: Sunderdas. Lyrics: Munshi Naza Dehawali. Sung by Sardar Akhtar.

पट्टिका-लेख

The Monograph

परिचय Overview

“चुभ गई रे मन में तेरी तिरछी नज़रिया, हर गई रे मनवा” 1934 की फ़िल्म होठल पद्मिनी के गीतों में से एक है। इसका संगीत सुंदरदास ने दिया। बोल मुंशी नज़ा देहावाली के हैं। इसे सरदार अख़्तर ने गाया।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

“Chubh Gai Re Man Mein Teri Tirachhi Nazariya Har Gai Re Manwa” is one of the songs from Hothal Padmini (1934). The music is by Sunderdas. The lyrics are by Munshi Naza Dehawali. It was performed by Sardar Akhtar.

संगीत The Music

“चुभ गई रे मन में तेरी तिरछी नज़रिया, हर गई रे मनवा” का संगीत होठल पद्मिनी (1934) के लिए सुंदरदास ने रचा। स्वर: सरदार अख़्तर।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

“Chubh Gai Re Man Mein Teri Tirachhi Nazariya Har Gai Re Manwa” was set to music by Sunderdas for the 1934 film Hothal Padmini. It is rendered by Sardar Akhtar.

काव्य The Poetry

“चुभ गई रे मन में तेरी तिरछी नज़रिया, हर गई रे मनवा” के बोल मुंशी नज़ा देहावाली ने लिखे।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

The words of “Chubh Gai Re Man Mein Teri Tirachhi Nazariya Har Gai Re Manwa” were written by Munshi Naza Dehawali.

वर्गीकरण

Classification

Genre

FilmiLegendDevotional

नमूना-पट्टी

The Specimen Table
गीत-नमूना · Song Specimen
शीर्षकचुभ गई रे मन में तेरी तिरछी नज़रिया, हर गई रे मनवा · Chubh Gai Re Man Mein Teri Tirachhi Nazariya Har Gai Re Manwa
फ़िल्महोठल पद्मिनी · 1934
वर्ष · युग1934
गायकSardar Akhtar
गीतकारमुंशी नज़ा देहावाली
संगीतकारसुंदरदास
भाषाhindi
भावउदास · रोमांटिक
लोकप्रियताObscure
बोल-स्थितिसार्वजनिक

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