गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
बदनाम न हो जाना ऐ दिल दीवाना
Badnaam Na Ho Jana Ae Dil Diwana
अपने ही दिल को दी गई एक चेतावनी — 'बदनाम न हो जाना ऐ दिल दीवाना' — एक ऐसी फ़िल्म से सुरक्षित जिसे समय ने लगभग मिटा दिया।
भावउदास · रोमांटिक
भाषाhindi गतिधीमी स्वरूपएकल महिला
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
अपने ही दिल को दी गई एक चेतावनी — 'बदनाम न हो जाना ऐ दिल दीवाना' — एक ऐसी फ़िल्म से सुरक्षित जिसे समय ने लगभग मिटा दिया।
In EnglishA cautionary address to one's own heart — 'don't let yourself be disgraced, O foolish heart' — preserved from a film time nearly erased.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
ए. आर. कारदार की 1943 की रहस्य-फ़िल्म ख़ूनी लाश के दो प्रलेखित गीतों में से दूसरा, जिसे नसीम अख़्तर ने गाया, संगीत के. नारायण राव का और बोल शेवन रिज़वी के हैं। 'लूट लिया लूट लिया नैनन ने हाय री' के साथ, यह फ़िल्म की संगीत-पट्टी के उन गिने-चुने अंशों में से एक है जो मूल ग्रामोफ़ोन रिकॉर्डों पर बचे हैं। अपने ही मन को चेतावनी देती रोमांटिक पंक्ति और राव के संयमित संगीत का यह मेल इस गीत को 1940 के दशक की शुरुआत के नायिका-पार्श्वगायन में आम अंतर्मुखी, ग़ज़ल-झुकाव वाली धारा में रखता है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
The second of two documented songs from A. R. Kardar's 1943 mystery Khooni Laash, sung by Naseem Akhtar with music by K. Narayan Rao and lyrics by Shevan Rizvi. Together with 'Loot Liya Loot Liya Nainan Ne Haaye Ree', it is one of the only fragments of the film's soundtrack to survive on the original gramophone pressings. The pairing of a self-admonishing romantic lyric with Rao's restrained scoring places the number squarely in the introspective ghazal-leaning vein common to early-1940s heroine playback.
संगीत The Music
के. नारायण राव संगीत-संयोजन को सरल रखते हैं — हारमोनियम और तबले के नीचे एक सारंगी-रेखा जो गायन का प्रतिबिंब है — और धीमी, सुविचारित लय पर गीत का चिंतनशील भार नसीम अख़्तर पर छोड़ देते हैं। दशक के सबसे कम-प्रलेखित संगीतकारों में से एक होने के नाते, राव लगभग पूर्णतः इस तरह की रिकॉर्डिंग्स के ज़रिए ही जीवित हैं, जिससे यह गीत उनकी शैली का एक दुर्लभ श्रव्य नमूना बन जाता है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
K. Narayan Rao keeps the arrangement spare — harmonium and tabla under a sarangi line that mirrors the vocal — letting Naseem Akhtar carry the song's reflective weight at a slow, deliberate tempo. As one of the decade's most thinly documented composers, Rao survives almost entirely through recordings like this one, making the track a rare audible sample of his style.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Slow
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | बदनाम न हो जाना ऐ दिल दीवाना · Badnaam Na Ho Jana Ae Dil Diwana |
|---|---|
| फ़िल्म | ख़ूनी लाश · 1943 |
| वर्ष · युग | 1943 |
| गायक | Naseem Akhtar |
| गीतकार | Shewan Rizvi |
| संगीतकार | के. नारायण राव |
| स्वरूप | एकल महिला |
| गति | धीमी |
| भाषा | hindi |
| भाव | उदास · रोमांटिक |
| लोकप्रियता | Obscure |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
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