गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
आग लगा दो (संस्करण 1)
Aag Laga Do (Version 1)
दो रिकॉर्ड किए गए संस्करणों में से पहला, शांता आपटे द्वारा गाया — तरसते हृदय को आग लगा देने की पुकार।
भावतीव्र · उदास
भाषाhindi गतिमध्यम स्वरूपएकल महिला
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
दो रिकॉर्ड किए गए संस्करणों में से पहला, शांता आपटे द्वारा गाया — तरसते हृदय को आग लगा देने की पुकार।
In EnglishThe first of two recorded versions, sung by Shanta Apte — a cry to set the longing heart aflame.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
कादंबरी (1944) में 'आग लगा दो (संस्करण 1)' के रूप में सूचीबद्ध यह शांता आपटे एकल एक से अधिक रिकॉर्ड किए गए रूपों में मौजूद है — उस दौर की एक सामान्य प्रथा, जहाँ 'सुखद' और 'दुखद' संस्करण या भिन्न रूप से मंचित प्रस्तुतियाँ जारी की जाती थीं। 'मिस कमल बी.ए.' के रूप में कवि प्रदीप के बोल आग के बिम्ब से प्रेम और विरह की जलती तीव्रता को स्वर देते हैं, जो फ़िल्म में व्याप्त है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
Listed as 'Aag Laga Do (Version 1)' in Kadambari (1944), this Shanta Apte solo exists in more than one recorded take — a not-uncommon practice in the period, where 'happy' and 'sad' versions or differently staged renditions were released. The lyric, by Kavi Pradeep as 'Miss Kamal B.A.', uses the image of fire to voice the burning intensity of love and separation that runs through the film.
संगीत The Music
हरि प्रसन्न दास रचना को मध्य-लय और भावनात्मक रूप से कसा हुआ रखते हैं, जिससे शांता आपटे की दृढ़, शास्त्रीय-प्रशिक्षित आवाज़ को तीव्रता गढ़ने की जगह मिलती है। दूसरे संस्करण का अस्तित्व सुझाता है कि धुन इतनी सशक्त थी कि भिन्न नाटकीय प्रस्तुतियों को संभाल सके।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
Hari Prasanna Das keeps the composition mid-tempo and emotionally taut, giving Shanta Apte's firm, classically schooled voice room to build the intensity. The existence of a second version suggests the melody was strong enough to carry differing dramatic stagings.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Medium
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | आग लगा दो (संस्करण 1) · Aag Laga Do (Version 1) |
|---|---|
| फ़िल्म | कादंबरी · 1944 |
| वर्ष · युग | 1944 |
| गायक | Shanta Apte |
| गीतकार | Kavi Pradeep |
| संगीतकार | Hari Prasanna Das |
| स्वरूप | एकल महिला |
| गति | मध्यम |
| भाषा | hindi |
| भाव | तीव्र · उदास |
| लोकप्रियता | Obscure |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
जुड़े हुए पन्ने
Connected Plates · The Graph Made Visibleअटलस में कोई पन्ना अकेला नहीं — इस गीत से जुड़े गीत, कलाकार, फ़िल्म, राग-ताल-विधा, सब यहाँ से खुलते हैं।
मिलते-जुलते गीत · Related Songs
कलाकार · The Artists
फ़िल्म · The Film
साझा कीजिए · Share this Plate

