अहंकार कर के अहंकार कर के हमेशा
Ahankaar Kar Ke Ahankaar Kar Ke Hamesha
कलाकार विंग · कलाकार-पट्टिका · Artist Plate
Vinayakrao Patwardhan
जन्मPune (Poona), Bombay Presidency, India
निधन1975
| नाम | विनायकराव पटवर्धन · Vinayakrao Patwardhan |
|---|---|
| जन्म | Pune (Poona), Bombay Presidency, India |
| निधन | 1975 |
| भूमिकाएँ | गायक |
| विधाएँ | Khayal · शास्त्रीय |
| भाषाएँ | braj |
विनायकराव पटवर्धन (1898–1975) ग्वालियर गायकी के स्तंभ और विष्णु दिगंबर पलुस्कर के अग्रणी शिष्यों में थे। गांधर्व महाविद्यालय परंपरा के संवाहक; 'राग विज्ञान' ग्रंथमाला के लेखक। मंच, ग्रामोफ़ोन और शिक्षण तीनों में सक्रिय; पुणे गांधर्व महाविद्यालय की बागडोर सँभाली। 1972 में पद्म भूषण।
विनायकराव पटवर्धन (1898–1975) ग्वालियर गायकी के स्तंभ और विष्णु दिगंबर पलुस्कर के अग्रणी शिष्यों में थे। गांधर्व महाविद्यालय परंपरा के संवाहक; 'राग विज्ञान' ग्रंथमाला के लेखक, जिसने बंदिशों का विशाल कोश छात्रों तक पहुँचाया। मंच, ग्रामोफ़ोन और शिक्षण — तीनों में सक्रिय; पुणे में गांधर्व महाविद्यालय की बागडोर सँभाली। 1972 में पद्म भूषण।
'राग विज्ञान' आज भी मानक पाठ्य-कोश है; उनके शिष्यों ने संस्थाओं-संस्थाओं में ग्वालियर गायकी रोपी।
Raag Vigyan remains a standard teaching canon; his students seeded Gwalior gayaki across institutions.
ग्वालियर की स्पष्टता — अष्टांग संतुलन, सीधा-सच्चा स्वर, गायन में भी सुनाई देती शिक्षक-दृष्टि।
Gwalior clarity — ashtanga balance, plain-spoken swara, pedagogy audible in performance.
'राग विज्ञान' ने पीढ़ियों के हिंदुस्तानी विद्यार्थियों का पाठ्य-कोश मानकीकृत किया।
Raag Vigyan standardised the teaching canon for generations of Hindustani students.
तालीम · Training
विष्णु दिगंबर पलुस्कर
ग्वालियर ख़याल
विधाएँ · Genres
भाषाएँ · Languages Sung
'राग विज्ञान' आज भी मानक पाठ्य-कोश है; उनके शिष्यों ने संस्थाओं-संस्थाओं में ग्वालियर गायकी रोपी।
Raag Vigyan remains a standard teaching canon; his students seeded Gwalior gayaki across institutions.
ग्वालियर की स्पष्टता — अष्टांग संतुलन, सीधा-सच्चा स्वर, गायन में भी सुनाई देती शिक्षक-दृष्टि।
Gwalior clarity — ashtanga balance, plain-spoken swara, pedagogy audible in performance.
| संग्रह में गीत | 3 — नीचे जुड़े हुए पन्नों में सूचीबद्ध |
|---|---|
| कुल ज्ञात रिकॉर्डिंग | 1 — 1 संग्रह में उपलब्ध |
| रिकॉर्डिंग-काल | 1937 · पहला सत्र 1937 |
| फ़िल्में व डिस्क | His Master'S Voice (C.1937) |
| रिकॉर्ड लेबल | HMV |
| प्रमुख भूमिका | गायक |
| नित्य सहयोगी | Traditional Bandish (Gwalior / Gandharva Mahavidyalaya Repertoire) |
| हस्ताक्षर-गीत | Bihag Khayal — Nand Ke Laala (Vinayakrao Patwardhan) |
| स्रोत | derived from the HindiGeet song archive |
अटलस में कोई पन्ना अकेला नहीं — विनायकराव पटवर्धन से उनके गीत, फ़िल्में, घराना, समकालीन और युग, सब यहाँ से खुलते हैं।
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Ahankaar Kar Ke Ahankaar Kar Ke Hamesha
Bihag Khayal — Nand Ke Laala (Vinayakrao Patwardhan)
Sarita Sugandh Shobhe Vasant Jiyaara Raas Khele Re