गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
सखी री प्रीत न जाने कोई
Sakhi Ri Preet Na Jane Koi
सखी री, इस प्रीत को कोई नहीं जानता — शांता आप्टे और के.सी. डे मोहब्बत (1943) में हृदय के रहस्य पर एक चिंतन साझा करते हैं।
भावउदास · दार्शनिक · रोमांटिक
भाषाhindi गतिधीमी स्वरूपयुगल
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
सखी री, इस प्रीत को कोई नहीं जानता — शांता आप्टे और के.सी. डे मोहब्बत (1943) में हृदय के रहस्य पर एक चिंतन साझा करते हैं।
In EnglishO friend, none can know this love — Shanta Apte and K.C. Dey share a meditation on the secret of the heart in Mohabbat (1943).
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
'सखी री प्रीत न जाने कोई' फणि मजूमदार की मोहब्बत (1943) में शांता आप्टे और न्यू थिएटर्स के नेत्रहीन गायक के.सी. डे का एक युगल गीत है। सखी को संबोधन और एक ऐसी प्रीत का विषय जिसे कोई और नहीं समझ सकता — ये फ़िल्म के संगीत की उस आत्मचिंतनशील, अर्ध-शास्त्रीय धारा से जुड़े हैं, जो इसके भजनों या नोक-झोंक वाले युगल से कहीं अधिक अंतर्मुखी, दार्शनिक भाव रखती है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
'Sakhi Ri Preet Na Jane Koi' is a duet pairing Shanta Apte with the blind New Theatres singer K.C. Dey in Phani Majumdar's Mohabbat (1943). The address to a sakhi (woman confidante) and the theme of a love that no one else can understand belong to the introspective, semi-classical strand of the film's score — a more inward, philosophical mood than its bhajans or its sparring duet.
संगीत The Music
हरि प्रसन्न दास शांता आप्टे की प्रशिक्षित आवाज़ को के.सी. डे की गंभीर, राग-मूल आवाज़ के साथ जोड़ते हैं — आवाज़ों का एक ऐसा विरोधाभास जिसे धीमा, अर्ध-शास्त्रीय बंध भुनाता है। एक चिंतनशील धुन-रेखा पर टिका यह युगल उस ठुमरी-सदृश अभिव्यंजना की ओर झुकता है जिसे न्यू थिएटर्स-शैली के गायक फ़िल्म में लाए, जहाँ बोल की अंतर्मुखता संयमित, अविचल पदावली में प्रतिबिंबित होती है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
Hari Prasanna Das pairs Shanta Apte's trained soprano with K.C. Dey's grave, raga-rooted voice — a contrast of timbres that the slow, semi-classical setting exploits. Built on a reflective melodic line, the duet leans toward the thumri-adjacent expressiveness that New Theatres-school singers brought to film, with the words' inwardness mirrored in restrained, unhurried phrasing.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Slow
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | सखी री प्रीत न जाने कोई · Sakhi Ri Preet Na Jane Koi |
|---|---|
| फ़िल्म | मोहब्बत · 1943 |
| वर्ष · युग | 1943 |
| गायक | Shanta Apte, K.C. Dey |
| संगीतकार | Hari Prasanna Das |
| स्वरूप | युगल |
| गति | धीमी |
| भाषा | hindi |
| भाव | उदास · दार्शनिक · रोमांटिक |
| लोकप्रियता | Obscure |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
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