गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
माशूक़ तो क्या मिलते
Maashuk To Kya Milte
'बदला' का एक उदास प्रेमी-विलाप — माशूक़ से मिलना भी क्या — एहसान रिज़वी और सी. रामचंद्र की रचना।
भावउदास · रोमांटिक
भाषाhindi स्वरूपSolo
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
'बदला' का एक उदास प्रेमी-विलाप — माशूक़ से मिलना भी क्या — एहसान रिज़वी और सी. रामचंद्र की रचना।
In EnglishA wistful lover's lament from 'Badla' — even meeting the beloved brings little — by Ehsan Rizvi and C. Ramchandra.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
मास्टर भगवान की 1943 की फ़िल्म 'बदला' का एक ग़ज़ल-रंगत वाला विलाप, जिसका शीर्षक प्रेम की निराशाओं पर विचार करता है। बोल एहसान रिज़वी के, संगीत सी. रामचंद्र का — उनके मूल नाम राम चितलकर के तहत।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
A ghazal-flavoured lament from Master Bhagwan's 1943 film 'Badla', its title reflecting on the disappointments of love. Lyrics by Ehsan Rizvi, music by C. Ramchandra under his given name Ram Chitalkar.
संगीत The Music
सी. रामचंद्र (राम चितलकर) यहाँ एक चिंतनशील, संयमित मनोभाव की ओर झुकते हैं; एहसान रिज़वी की पंक्तियों की उर्दू-काव्यात्मक वाक्य-रचना एक धीमी, ग़ज़ल-रंगत वाली धुन के अनुकूल है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
C. Ramchandra (Ram Chitalkar) leans into a reflective, restrained mood here, the Urdu-poetic phrasing of Ehsan Rizvi's lines suiting a slow, ghazal-inflected melodic line.
वर्गीकरण
ClassificationGenre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | माशूक़ तो क्या मिलते · Maashuk To Kya Milte |
|---|---|
| फ़िल्म | बदला · 1943 |
| वर्ष · युग | 1943 |
| गीतकार | Ehsan Rizvi |
| संगीतकार | C. Ramchandra |
| स्वरूप | Solo |
| भाषा | hindi |
| भाव | उदास · रोमांटिक |
| लोकप्रियता | Obscure |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
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