गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
मैं देख रही हूँ दुनिया के नज़ारे
Mai Dekh Rahi Hu Duniya Ke Nazare
मैं दुनिया के नज़ारे देख रही हूँ — रतन बाई की ग्रामोफ़ोन-युग की आवाज़ एक दर्शक बन जाती है।
भावदार्शनिक · Reflective
भाषाhindi गतिमध्यम स्वरूपएकल महिला
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
मैं दुनिया के नज़ारे देख रही हूँ — रतन बाई की ग्रामोफ़ोन-युग की आवाज़ एक दर्शक बन जाती है।
In EnglishI am watching the spectacles of the world — Rattan Bai's gramophone-era voice turns observer.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
'मैं देख रही हूँ दुनिया के नज़ारे' 1942 की फ़िल्म उजाला से रतन बाई का एकल गीत है, जिसे बशीर देहलवी ने रचा। रतन बाई, आरंभिक हिंदी सिनेमा के ग्रामोफ़ोन-युग की एक जानी-पहचानी आवाज़, एक चिंतनशील गीत गाती हैं जिसका शीर्षक — 'मैं दुनिया के नज़ारे देख रही हूँ' — फ़िल्म के पारिवारिक नाटक के भीतर एक दर्शक का, लगभग दार्शनिक, स्वर पकड़ता है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
'Mai Dekh Rahi Hu Duniya Ke Nazare' is a Rattan Bai solo from the 1942 film Ujala, composed by Bashir Dehlvi. Rattan Bai, a familiar voice from the gramophone era of early Hindi cinema, sings a reflective number whose title — 'I am watching the spectacles of the world' — strikes an observer's, almost philosophical, note within the film's domestic drama.
संगीत The Music
बशीर देहलवी इसे रतन बाई की अनुभवी ग्रामोफ़ोन-युग की गायकी के लिए ढालते हैं — उसी फ़िल्म की अभिनेत्री-गायिकाओं से अधिक स्थिर और प्रशिक्षित वाद्य। रचना बोल के चिंतनशील भार के लिए जगह छोड़ती है, एक सहज मध्यम-लय में बैठती है और आवाज़ को स्पष्ट रूप से आगे रखती है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
Bashir Dehlvi pitches this for Rattan Bai's seasoned gramophone-era delivery, a steadier and more trained instrument than the actress-singers of the same film. The composition leaves room for the contemplative weight of the lyric, sitting in an unhurried mid-tempo with the voice clearly forward.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Medium
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | मैं देख रही हूँ दुनिया के नज़ारे · Mai Dekh Rahi Hu Duniya Ke Nazare |
|---|---|
| फ़िल्म | उजाला · 1942 |
| वर्ष · युग | 1942 |
| गायक | Rattan Bai |
| संगीतकार | Bashir Dehlvi |
| स्वरूप | एकल महिला |
| गति | मध्यम |
| भाषा | hindi |
| भाव | दार्शनिक · Reflective |
| लोकप्रियता | Obscure |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
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