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इश्क़ वो नख़्ल है जिसपे न लगा फल एक बार — रूप बसंत (1933) YouTube (click-to-load)

गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate

इश्क़ वो नख़्ल है जिसपे न लगा फल एक बार

Ishq Wo Nakhl Hai Jispe Naa Laga Phal Ek Baar

“इश्क़ वो नख़्ल है जिसपे न लगा फल एक बार” — 1933 की फ़िल्म रूप बसंत का एक गीत। संगीत: सुंदर दास भाटिया। बोल: मुंशी ग़ुलाम ज़िलानी 'शाम'। गायन: सरदार अख्तर।

फ़िल्मरूप बसंत (1933)वर्ष1933बोलसार्वजनिक डोमेन

भावउदास · रोमांटिक

भाषाurdu  

श्रेय

The Credits

सूत्र-वाक्य · The Hook

सूत्र-वाक्य

“इश्क़ वो नख़्ल है जिसपे न लगा फल एक बार” — 1933 की फ़िल्म रूप बसंत का एक गीत। संगीत: सुंदर दास भाटिया। बोल: मुंशी ग़ुलाम ज़िलानी 'शाम'। गायन: सरदार अख्तर।

In English“Ishq Wo Nakhl Hai Jispe Naa Laga Phal Ek Baar” — a song from the 1933 film Roop Basant. Music: Sunder Das Bhatia. Lyrics: Munshi Gulam Zilani Sham. Sung by Sardar Akhtar.

पट्टिका-लेख

The Monograph

परिचय Overview

“इश्क़ वो नख़्ल है जिसपे न लगा फल एक बार” 1933 की फ़िल्म रूप बसंत के गीतों में से एक है। इसका संगीत सुंदर दास भाटिया ने दिया। बोल मुंशी ग़ुलाम ज़िलानी 'शाम' के हैं। इसे सरदार अख्तर ने गाया।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

“Ishq Wo Nakhl Hai Jispe Naa Laga Phal Ek Baar” is one of the songs from Roop Basant (1933). The music is by Sunder Das Bhatia. The lyrics are by Munshi Gulam Zilani Sham. It was performed by Sardar Akhtar.

संगीत The Music

“इश्क़ वो नख़्ल है जिसपे न लगा फल एक बार” का संगीत रूप बसंत (1933) के लिए सुंदर दास भाटिया ने रचा। स्वर: सरदार अख्तर।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

“Ishq Wo Nakhl Hai Jispe Naa Laga Phal Ek Baar” was set to music by Sunder Das Bhatia for the 1933 film Roop Basant. It is rendered by Sardar Akhtar.

काव्य The Poetry

“इश्क़ वो नख़्ल है जिसपे न लगा फल एक बार” के बोल मुंशी ग़ुलाम ज़िलानी 'शाम' ने लिखे।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

The words of “Ishq Wo Nakhl Hai Jispe Naa Laga Phal Ek Baar” were written by Munshi Gulam Zilani Sham.

वर्गीकरण

Classification

Genre

FilmiHistoricalRomance

नमूना-पट्टी

The Specimen Table
गीत-नमूना · Song Specimen
शीर्षकइश्क़ वो नख़्ल है जिसपे न लगा फल एक बार · Ishq Wo Nakhl Hai Jispe Naa Laga Phal Ek Baar
फ़िल्मरूप बसंत · 1933
वर्ष · युग1933
गायकSardar Akhtar
गीतकारMunshi Gulam Zilani ‘Sham’
संगीतकारSunder Das Bhatia
भाषाurdu
भावउदास · रोमांटिक
लोकप्रियताObscure
बोल-स्थितिसार्वजनिक

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