हिंदी गीत संगीत का अटलस
14मात्रा
धमार ताल-चक्र — 4 विभाग (5+2+3+4) · लाल = सम (मात्रा १) · कटी रेखा = ख़ाली (मात्रा ८) Engraved beat-wheel · 14 matras · vibhag 5+2+3+4

शास्त्र विंग · ताल-पट्टिका · Taal Plate

धमार

Dhamar

होली का त्योहार · The Festival of Holi

मात्राएँ१४विभाग४ — 5+2+3+4घरधमार गायनसम · ख़ालीमात्रा १ · मात्रा ८
ठेका · The Bol

एक पंक्तिचौदह मात्राओं की क्रीड़ामय ताल जो होली के गीतों का आधार है · Fourteen-beat playful taal, foundation of Holi songs

अन्य नामधमार · Dhamar Taal

ताल-कुंडली · The Taal Specimen

धमार का पूरा नक़्शा · Anatomy of the Cycle

धमार की बोल-पैटर्न (5+2+3+4) एक विषम और आनंदपूर्ण संरचना है।

विनिर्देश · Specimen Rows
ठेका · बोल क धा गे ति ट | ता क | गदि गन | धा गे ति र कि ट
Ka dha ge ti tat | ta ka | gadi gan | dha ge tir kit
मात्राएँ १४ — 14 मात्राओं का चक्र
विभाग ४ (5+2+3+4) — क धा गे ति ट (5 मात्रा): पहला विभाग - खेल की शुरुआत ता क (2 मात्रा): दूसरा विभाग - गति गदि गन (3 मात्रा): तीसरा विभाग - उल्लास धा गे ति र कि ट (4 मात्रा): चौथा विभाग - समाप्ति पर सम

Ka dha ge ti tat (5) · Ta ka (2) · Gadi gan (3) · Dha ge tir kit (4)

सम मात्रा १ — सम प्रथम मात्रा पर बजाया जाता है
ताली · ख़ाली ● ताली — मात्रा १ (सम पर ताली) · ● ताली — मात्रा ६ (दूसरी ताली) · ○ ख़ाली — मात्रा ८ (खाली) · ● ताली — मात्रा ११ (तीसरी ताली)

धमार में तालियों और खालियों का एक विशेष खेल होता है जो उत्सव के भाव को दर्शाता है।

लिप्यंतरणDhamar

सीखिए · Learn to Count

गिनती और ताली · How to Count & Clap

कैसे गिनें How to Count

14 मात्राओं को याद रखें। क धा गे ति ट (5), ता क (2), गदि गन (3), धा गे ति र कि ट (4)। यह पैटर्न होली के संदर्भ में खुशियों को दर्शाता है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Remember 14 beats: ka dha ge ti tat (5), ta ka (2), gadi gan (3), dha ge tir kit (4). Pattern represents joy of Holi.

ताली बजाने का तरीक़ा How to Clap Along

ताली, खाली, खाली, खाली, खाली, ताली, खाली, खाली, ताली, खाली, खाली, ताली

ताली-पैटर्न o x x x x | o x x | o x x | o
भारतीय संगीत का परंपरागत ताबला वाद्य यंत्र
भारतीय संगीत का परंपरागत ताबला वाद्य यंत्र wikimedia · CC BY-SA

रूप-भेद और नृत्य

Variations & Dance
ताल-रूप · Variantहोली धमारहोली के त्योहार के समय विशेषकर गाई जाने वाली भिन्नताHoli Dhamarताल-रूप · Variantफुलारी धमाररंगों और फूलों से भरा खेल दिखाने वाली भिन्नताPhulari Dhamar
नृत्य-संबंध — राधा-कृष्ण नृत्य धमार के साथ राधा और कृष्ण के होली के खेल का नृत्य प्रदर्शन होता है। Radha-Krishna Dance

लयकारी की संभावनाएँ

Layakari

धमार में सरल गुण और लय-परिवर्तन संभव हैं।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Simple multiplication and tempo changes possible in Dhamar.

लय १ · Layakari

दुगुण धमार

लय २ · Layakari

तीव्र धमार

लय ३ · Layakari

आवृत्ति खेल

पट्टिका-लेख

The Monograph

परिचय Introduction

धमार ताल का नाम ही इसके गुणों को दर्शाता है। 'धमार' शब्द का अर्थ है 'खेल' या 'क्रीड़ा'। यह 14 मात्राओं की एक अद्वितीय ताल है जो विशेषकर होली के त्योहार से जुड़ी हुई है। पंडित जसराज जैसे महान संगीतकारों की प्रसिद्ध धमार प्रदर्शनी इसकी मशहूरी का प्रमाण है। ब्रज क्षेत्र (मथुरा-वृंदावन) के पारंपरिक संगीत में धमार का एक विशेष स्थान है, जहां कृष्ण और राधा के होली के खेल को गीतों के माध्यम से दर्शाया जाता है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Dhamar's name itself reflects its qualities. 'Dhamar' means 'play' or 'sport'. This unique 14-beat taal is especially connected to the Holi festival. The famous Dhamar performances by great musicians like Pandit Jasraj prove its fame. In Braj region's traditional music, Dhamar holds special significance, depicting Krishna and Radha's Holi play through songs.

सांस्कृतिक महत्व Cultural Significance

धमार भारतीय संस्कृति, विशेषकर ब्रज क्षेत्र की संस्कृति का एक अभिन्न अंग है। होली के त्योहार के साथ इसका गहन संबंध है। वसंत ऋतु के आगमन और रंगों के उत्सव को धमार के माध्यम से व्यक्त किया जाता है। मथुरा के मंदिरों में होली की रात को धमार की धुनें गूंजती हैं। यह ताल राधा-कृष्ण की प्रेमकथा को संगीत के रूप में जीवंत करती है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Dhamar is integral to Indian culture, especially Braj region's culture. It has deep connection with Holi festival. Spring season's arrival and color celebration are expressed through Dhamar. On Holi night, temples in Mathura resound with Dhamar tunes. This taal brings the love story of Radha-Krishna alive through music.

श्रवण-मार्गदर्शिका Listening Guide

धमार को सुनते समय होली के रंगों, खुशियों और खेल को महसूस करें। गायक कैसे ताल के साथ नृत्य करते हुए गाता है, इस पर ध्यान दें। धमार के असमान विभाग (5+2+3+4) की संरचना को समझने से संगीत की गहराई और भी स्पष्ट हो जाती है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

When listening to Dhamar, feel the colors, joy and play of Holi. Notice how the singer dances with the rhythm. Understanding Dhamar's asymmetrical structure (5+2+3+4) deepens musical appreciation.

अन्य विवरण

More Details

References

Bhakti LiteratureBraj Music TraditionPandit Jasraj ArchivesIndian Classical Music

काव्य-पंक्ति · The Couplet

धमार पर शेर

होली के दिन धमार बजे, रंगों की बयार चले, राधा-कृष्ण का खेल, चौदह मात्रा का राज। प्रेम और उल्लास का संगीत, ब्रज की परंपरा, धमार की धुन में गूँजे देव की वंदना।।

RenderingOn Holi day, Dhamar plays, colors fill the air, Radha-Krishna's play, fourteen beats declare. Music of love and joy, Braj tradition's call, In Dhamar's tune, echoes divine song of all. — HindiGeet.in

इतिहास

History of the Cycle

उद्भव — भक्ति काल (1400-1600 ईस्वी) Origin · Bhakti Period (1400-1600 CE)

धमार की परंपरा भक्ति आंदोलन के समय विकसित हुई। सूरदास और अन्य भक्त कवियों ने कृष्ण की होली लीला को गीतों के रूप में चित्रित किया। ब्रज क्षेत्र में होली के मौसम पर धमार गायन की एक पूरी परंपरा बनी। वसंत ऋतु के आगमन और राधा-कृष्ण की प्रेमकथा को धमार के माध्यम से व्यक्त किया जाने लगा।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Dhamar tradition developed during the Bhakti movement. Devotional poets like Surdas depicted Krishna's Holi play through songs. A complete Dhamar tradition emerged in Braj during Holi season. Spring's arrival and Krishna-Radha love story were expressed through Dhamar.

विकास-क्रम Evolution

  1. भक्ति काल (1400-1700 ईस्वी) · Bhakti Period सूरदास, मीराबाई और अन्य भक्त कवियों द्वारा धमार की रचना।
  2. मुगल-बाद का काल (1700-1900) · Post-Mughal Period मथुरा और वृंदावन के मंदिरों में धमार की परंपरा का विकास।
  3. आधुनिक काल (1900-वर्तमान) · Modern Period पंडित जसराज जैसे महान गायकों द्वारा धमार का पुनरुद्धार और लोकप्रियता।

पड़ाव Key Milestones

  1. 1500 सूरदास द्वारा प्रसिद्ध धमार रचना धमार गायन का प्रारंभिक दस्तावेज़ · Surdas composes famous Dhamar
  2. 1800 मथुरा के मंदिरों में धमार परंपरा स्थापित सांस्कृतिक परंपरा का औपचारिकीकरण · Dhamar tradition in Mathura temples
  3. 1950 पंडित जसराज की पहली रिकॉर्डेड धमार आधुनिक प्रलेखन और विश्वव्यापी स्वीकृति · Pandit Jasraj's first recorded Dhamar

स्वर्ण काल — 20वीं सदी का मध्य (1940-1990) The Golden Period

पंडित जसराज का काल। उन्होंने धमार को एक विश्व-प्रसिद्ध रूप दिया। उनकी प्रस्तुतियां सारे विश्व में प्रसारित हुईं।

आज की स्थिति Modern Status

आज धमार की परंपरा मजबूत है लेकिन वर्तमान पीढ़ी में इसकी रुचि सीमित है। मथुरा के मंदिरों में होली की परंपरा अभी भी मजबूत है। कई संगीत संस्थान धमार की शिक्षा दे रहे हैं।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Dhamar tradition is strong today but interest among younger generation is limited. Holi tradition in Mathura temples remains strong. Several music institutions teach Dhamar.

रोचक तथ्य

Margin Notes
Performers

धमार का सबसे प्रसिद्ध प्रदर्शन पंडित जसराज की महान धमार प्रस्तुति है

Pandit Jasraj's legendary Dhamar is most famous

Tradition

होली की रात को मथुरा के बांके-बिहारी मंदिर में धमार की परंपरा हजारों साल पुरानी है

Dhamar tradition in Banke-Bihari temple on Holi night is thousands of years old

Narrative

धमार गायन में कृष्ण और राधा के बीच खेल की बातचीत होती है

Dhamar singing depicts dialogue and play between Krishna and Radha

Culture

ब्रज क्षेत्र के गायक अपना पूरा जीवन धमार परंपरा के लिए समर्पित करते हैं

Braj singers dedicate their entire lives to Dhamar tradition

Philosophy

धमार का संगीत मानव-देवी संबंध को व्यक्त करने का सबसे सुंदर तरीका माना जाता है

Dhamar is considered the most beautiful way to express divine-human relationship

क्या आप जानते हैं?

Did You Know

धमार के 14 मात्राओं को होली के 14 दिनों से जोड़ा जाता है

Dhamar's 14 beats are linked to 14 days of Holi celebration

प्राचीन काल में धमार केवल होली के समय ही गाई जाती थी

Historically, Dhamar was sung only during Holi season

धमार गायन में गायक के पदों की गति ताल की संरचना को दर्शाती है

Dancer's footwork in Dhamar demonstrates rhythm structure

सूक्तियाँ

Quotes

सूक्ति · Quote

होली का खेल ही धमार की आत्मा है

The play of Holi is the soul of Dhamar

— ब्रज संगीत परंपरा

सूक्ति · Quote

जहां रंग हैं, खुशी है, और खेल है - वहाँ धमार है

Where colors, joy and play exist - there is Dhamar

— HindiGeet.in

जुड़े हुए पन्ने

Connected Plates · The Graph Made Visible

अटलस में कोई पन्ना अकेला नहीं — धमार से विधाएँ, राग और गीत, सब जुड़े हैं।

इन विधाओं की धड़कन · Vidhas in Dhamar

विधा · Vidhaधमार गायनधमार एक अलग ही गायन विधा है जो होली के गीतों का आधार है।Dhamar Singingविधा · Vidhaरागिनी संगीतब्रज क्षेत्र के पारंपरिक संगीत में धमार अत्यंत महत्वपूर्ण है।Ragini Music

राग-साथी · Raag Pairings

राग · Raagकाफीकाफी की लोकप्रियता और सरलता धमार के साथ एक परिपूर्ण मेल बनाती है।Kafiराग · Raagखमाजखमाज का वसंत-काल का प्रकृति धमार के होली-केंद्रित भाव के साथ परिपूर्ण है।Khamajराग · Raagपीलूपीलू की खिलंदड़ी वृत्ति धमार के खेल-भाव के साथ अद्भुत सामंजस्य रखती है।Pilu

श्रवण-कक्ष · The Listening Room

सुनिए — धमार · Hear the Cycle

धमार ताल - संपूर्ण शिक्षा — धमार को सीखने के लिए व्यापक ट्यूटोरियल · Classical Music Academy Dhamar Taal - Complete Learning

धमार - अभ्यास सत्र — धमार सीखने के लिए अभ्यास के लिए दीर्घ सत्र · Music Practice Channel Dhamar - Practice Session

धमार - दुगुण व्याख्या — धमार में दुगुण का प्रदर्शन और व्याख्या · Tabla Institute Dhamar - Dugun Explanation

पंडित जसराज की धमार — पंडित जसराज · धमार का सबसे प्रसिद्ध और प्रभावशाली प्रदर्शन

होली की धमार - राग काफी — ब्रज गायकी परंपरा · परंपरागत होली गायन का उत्कृष्ट उदाहरण

आधुनिक धमार गायन — समकालीन कलाकार · आधुनिक युग में धमार का जीवंत प्रदर्शन

प्रश्नोत्तर

Questions & Answers
धमार क्या है?

धमार 14 मात्राओं की एक होली ताल है जो राधा-कृष्ण के खेल को दर्शाती है। यह विशेषकर होली के त्योहार के समय गाई जाती है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Dhamar is a 14-beat Holi taal depicting Krishna-Radha play. It is sung especially during Holi festival.

धमार का इतिहास क्या है?

धमार की परंपरा भक्ति काल में विकसित हुई जब सूरदास जैसे कवियों ने कृष्ण की होली लीला को गीतों में चित्रित किया।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Dhamar developed during Bhakti period when poets like Surdas depicted Krishna's Holi play.

किस राग में धमार गाई जाती है?

काफी, खमाज, और पीलू जैसी राग धमार के साथ विशेष सामंजस्य रखती हैं।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Kafi, Khamaj, and Pilu have special harmony with Dhamar.

धमार सीखना कितना कठिन है?

धमार सीखना मध्यम स्तर की कठिनाई है। इसकी असमान संरचना (5+2+3+4) को समझने में समय लगता है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Learning Dhamar is moderately difficult. Its asymmetrical structure requires time to understand.

पंडित जसराज और धमार का क्या संबंध है?

पंडित जसराज ने धमार को एक विश्व-प्रसिद्ध संगीत विधा बनाया। उनकी धमार प्रस्तुतियां सारे विश्व में प्रसारित की गईं।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Pandit Jasraj made Dhamar internationally famous through his performances.

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सवाल-जवाब

Questions & Answers
धमार क्या है? · What is Dhamar?

धमार 14 मात्राओं की एक होली ताल है जो राधा-कृष्ण के खेल को दर्शाती है। यह विशेषकर होली के त्योहार के समय गाई जाती है।

Dhamar is a 14-beat Holi taal depicting Krishna-Radha play. It is sung especially during Holi festival.

धमार का इतिहास क्या है? · What is Dhamar's history?

धमार की परंपरा भक्ति काल में विकसित हुई जब सूरदास जैसे कवियों ने कृष्ण की होली लीला को गीतों में चित्रित किया।

Dhamar developed during Bhakti period when poets like Surdas depicted Krishna's Holi play.

किस राग में धमार गाई जाती है? · Which raags are used in Dhamar?

काफी, खमाज, और पीलू जैसी राग धमार के साथ विशेष सामंजस्य रखती हैं।

Kafi, Khamaj, and Pilu have special harmony with Dhamar.

धमार सीखना कितना कठिन है? · How difficult is learning Dhamar?

धमार सीखना मध्यम स्तर की कठिनाई है। इसकी असमान संरचना (5+2+3+4) को समझने में समय लगता है।

Learning Dhamar is moderately difficult. Its asymmetrical structure requires time to understand.

पंडित जसराज और धमार का क्या संबंध है? · What is Pandit Jasraj's connection to Dhamar?

पंडित जसराज ने धमार को एक विश्व-प्रसिद्ध संगीत विधा बनाया। उनकी धमार प्रस्तुतियां सारे विश्व में प्रसारित की गईं।

Pandit Jasraj made Dhamar internationally famous through his performances.

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