गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
बरस गई राम बदरिया कारी
Baras Gayi Ram Badariya Kari
नौशाद के बॉम्बे के शुरुआती वर्षों का एक बारहमासा-रंग वाला सावन-युगल — काली बदली बरस कर बीत गई, फिर भी प्यास बाक़ी है।
भावउदास · रोमांटिक
भाषाhindi गतिमध्यम स्वरूपयुगल
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
नौशाद के बॉम्बे के शुरुआती वर्षों का एक बारहमासा-रंग वाला सावन-युगल — काली बदली बरस कर बीत गई, फिर भी प्यास बाक़ी है।
In EnglishA barahmasa-flavoured monsoon duet from Naushad's earliest Bombay years — the dark cloud has rained and passed, yet the thirst remains.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
'बरस गई राम बदरिया कारी' प्रकाश पिक्चर्स की स्टेशन मास्टर (1942) के लिए नौशाद के संगीत का एक प्रमुख गीत है, जिसे जी. एम. दुर्रानी और अनुभवी पार्श्वगायिका राजकुमारी ने प्यारेलाल संतोषी के बोलों पर युगल के रूप में गाया है। मानसून से जुड़ी विरह की बारहमासा परंपरा में ढला यह गीत उन रचनाओं में है जिन्हें फ़िल्म-संगीत इतिहासकार नौशाद की इस आरंभिक संगीत-पट्टी से विशेष रूप से उद्धृत करते हैं।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
'Baras Gayi Ram Badariya Kari' is one of the standout numbers from Naushad's 1942 score for Prakash Pictures' Station Master, sung as a duet by G. M. Durrani and the veteran playback singer Rajkumari to lyrics by Pyarelal Santoshi. Cast in the seasonal barahmasa idiom of longing tied to the monsoon, it is among the songs film-music historians single out from this early Naushad soundtrack.
संगीत The Music
युवा नौशाद अली द्वारा रचित यह गीत उनकी आरंभिक, लोक-झुकाव वाली शैली का है — हारमोनियम और सारंगी पर टिकी एक संयमित, सावन-भाव की धुन, जिसमें राजकुमारी की स्पष्ट शास्त्रीय-प्रशिक्षित आवाज़ जी. एम. दुर्रानी के स्वर के साथ संतुलित है। यह उस बारहमासा परंपरा को दर्शाती है जिसका सहारा नौशाद ने अपनी अधिक वाद्य-समृद्ध 1950 के दशक की शैली से पहले लिया।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
Composed by the young Naushad Ali, the song belongs to his early, folk-leaning manner — a measured, monsoon-mood melody carried by harmonium and sarangi, with Rajkumari's clear classical-trained voice balanced against G. M. Durrani's. It reflects the seasonal barahmasa tradition Naushad drew on before his more orchestrated 1950s style.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Medium
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | बरस गई राम बदरिया कारी · Baras Gayi Ram Badariya Kari |
|---|---|
| फ़िल्म | स्टेशन मास्टर · 1942 |
| वर्ष · युग | 1942 |
| गायक | G.M. Durrani, Rajkumari |
| गीतकार | Pyarelal Santoshi |
| संगीतकार | Naushad |
| स्वरूप | युगल |
| गति | मध्यम |
| भाषा | hindi |
| भाव | उदास · रोमांटिक |
| लोकप्रियता | Known |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
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