गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
मोरे देवर की हो गई सगाई रे
More Dewar Ki Ho Gayi Sagai Re
मेरे देवर की सगाई हो गई! — एक घरेलू उत्सव पर शमशाद बेगम का उल्लासपूर्ण गीत।
भावउत्सव · चुलबुला
भाषाhindi गतितेज़ स्वरूपएकल महिला
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
मेरे देवर की सगाई हो गई! — एक घरेलू उत्सव पर शमशाद बेगम का उल्लासपूर्ण गीत।
In EnglishMy brother-in-law is engaged! — a festive Shamshad Begum number on a household celebration.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
'मोरे देवर की हो गई सगाई रे' ज़मींदार के हल्के, लोक-रंग वाले गीतों में से एक है, शमशाद बेगम द्वारा ग़ुलाम हैदर की धुन पर गाया गया, बोल बेहज़ाद लखनवी के। विषय — देवर की सगाई के इर्द-गिर्द परिवार की उल्लासमय गपशप — इसे उन घरेलू-उत्सव गीतों में रखता है जिनमें पंचोली के वर्षों में शमशाद बेगम पारंगत थीं।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
'More Dewar Ki Ho Gayi Sagai Re' is one of Zamindar's lighter, folk-flavoured songs, sung by Shamshad Begum to Ghulam Haider's tune with words by Behzad Lakhnavi. The theme — the joyful family chatter around a brother-in-law's engagement (sagai) — places it among the domestic-celebration songs Shamshad Begum specialised in during the Pancholi years.
संगीत The Music
यह ग़ुलाम हैदर अपने उत्सवपूर्ण लोक-अंदाज़ में हैं — ढोलक आगे, तेज़ लय, और शमशाद बेगम की उजली, गूँजती आवाज़ उत्सव की अगुवाई करती हुई। संयोजन उसी ताल-प्रधान पंजाबी-लोक खाके की प्रतिध्वनि करता है जिसने दो साल पहले ख़ज़ानची के गीतों को राष्ट्रीय हिट बनाया था, यहाँ एक विवाह-घर के अवसर पर लागू।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
This is Ghulam Haider in his celebratory folk mode — dholak pushed forward, a brisk tempo, and Shamshad Begum's bright, carrying voice leading the festivity. The arrangement echoes the percussive Punjabi-folk template that made the Khazanchi songs national hits two years earlier, here applied to a wedding-household occasion.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Fast
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | मोरे देवर की हो गई सगाई रे · More Dewar Ki Ho Gayi Sagai Re |
|---|---|
| फ़िल्म | ज़मींदार · 1943 |
| वर्ष · युग | 1943 |
| गायक | Shamshad Begum |
| गीतकार | Behzad Lakhnavi |
| संगीतकार | Ghulam Haider |
| स्वरूप | एकल महिला |
| गति | तेज़ |
| भाषा | hindi |
| भाव | उत्सव · चुलबुला |
| लोकप्रियता | Known |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
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