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नैनन में लाली छाई रे — कंचन (1941) YouTube (click-to-load)

गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate

नैनन में लाली छाई रे

Nainan Me Laali Chai Re

नैनन में लाली छा गई — कंचन (1941) का लीला चिटणीस गाया एकल गीत।

भावरोमांटिक · Tender

भाषाhindi   गतिमध्यम   स्वरूपएकल महिला

श्रेय

The Credits

सूत्र-वाक्य · The Hook

सूत्र-वाक्य

नैनन में लाली छा गई — कंचन (1941) का लीला चिटणीस गाया एकल गीत।

In EnglishA blush spreads across the eyes — a Leela Chitnis solo from Kanchan (1941).

पट्टिका-लेख

The Monograph

परिचय Overview

कंचन (1941) का एक स्त्री-एकल गीत, लीला चिटणीस द्वारा गाया, डी.एन. माधोक द्वारा लिखित और ज्ञान दत्त द्वारा स्वरबद्ध। आँखों में लाली छाने की छवि — प्रेम, लज्जा या विरह का चिह्न — उस दौर के फ़िल्मी गीत का एक परिचित शृंगार-रूपक है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

A female solo from Kanchan (1941), sung by Leela Chitnis, written by D.N. Madhok and composed by Gyan Dutt. The image of redness flooding the eyes — a sign of love, shyness or longing — is a familiar shringaar motif in the film lyric of the era.

वर्गीकरण

Classification

Genre

Filmi
Tempo
Medium

नमूना-पट्टी

The Specimen Table
गीत-नमूना · Song Specimen
शीर्षकनैनन में लाली छाई रे · Nainan Me Laali Chai Re
फ़िल्मकंचन · 1941
वर्ष · युग1941
गायकLeela Chitnis
गीतकारD. N. Madhok
संगीतकारGyan Dutt
स्वरूपएकल महिला
गतिमध्यम
भाषाhindi
भावरोमांटिक · Tender
बोल-स्थितिकेवल झलक

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