गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
नैनन में लाली छाई रे
Nainan Me Laali Chai Re
नैनन में लाली छा गई — कंचन (1941) का लीला चिटणीस गाया एकल गीत।
भावरोमांटिक · Tender
भाषाhindi गतिमध्यम स्वरूपएकल महिला
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
नैनन में लाली छा गई — कंचन (1941) का लीला चिटणीस गाया एकल गीत।
In EnglishA blush spreads across the eyes — a Leela Chitnis solo from Kanchan (1941).
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
कंचन (1941) का एक स्त्री-एकल गीत, लीला चिटणीस द्वारा गाया, डी.एन. माधोक द्वारा लिखित और ज्ञान दत्त द्वारा स्वरबद्ध। आँखों में लाली छाने की छवि — प्रेम, लज्जा या विरह का चिह्न — उस दौर के फ़िल्मी गीत का एक परिचित शृंगार-रूपक है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
A female solo from Kanchan (1941), sung by Leela Chitnis, written by D.N. Madhok and composed by Gyan Dutt. The image of redness flooding the eyes — a sign of love, shyness or longing — is a familiar shringaar motif in the film lyric of the era.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Medium
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | नैनन में लाली छाई रे · Nainan Me Laali Chai Re |
|---|---|
| फ़िल्म | कंचन · 1941 |
| वर्ष · युग | 1941 |
| गायक | Leela Chitnis |
| गीतकार | D. N. Madhok |
| संगीतकार | Gyan Dutt |
| स्वरूप | एकल महिला |
| गति | मध्यम |
| भाषा | hindi |
| भाव | रोमांटिक · Tender |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
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