गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
एक दो तीन चार पाँच
Ek Do Teen Char Panch
एक नवीनता-गीत जो गिनती पर चलता है — 'एक दो तीन चार पाँच' — और टेक है 'तेरी नज़र ने मुझे मारा'।
भावचुलबुला
भाषाhindi गतिमध्यम स्वरूपएकल पुरुष
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
एक नवीनता-गीत जो गिनती पर चलता है — 'एक दो तीन चार पाँच' — और टेक है 'तेरी नज़र ने मुझे मारा'।
In EnglishA novelty count-up number — 'one, two, three, four, five' — built on the line 'teri nazar ne mujhe mara'.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
नूर मोहम्मद चार्ली का एक हास्य एकल गीत, उनकी स्वनिर्देशित 1941 की रणजीत मूवीटोन फ़िल्म 'ढंढोरा' से, जिसे ज्ञान दत्त ने डी.एन. माधोक के बोलों पर रचा। यह गीत गिनती वाला नवीनता-गीत है — 'एक दो तीन चार पाँच...' से शुरू होकर 'तेरी नज़र ने मुझे मारा' टेक के साथ — जो चार्ली की हल्की-फुल्की, चंचल प्रस्तुति-शैली का विशिष्ट उदाहरण है। यह ढंढोरा के उन गिने-चुने गीतों में है जिनकी रिकॉर्डिंग बची हुई है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
A comic solo by Noor Mohammad Charlie from his self-directed 1941 Ranjit Movietone film 'Dhandora', composed by Gyan Dutt to D.N. Madhok's lyrics. The song is a count-up novelty number — opening 'Ek do teen char paanch...' and carrying the refrain 'teri nazar ne mujhe maara' — typical of Charlie's light, playful performing style. It is among the few Dhandora songs whose recording survives.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Medium
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | एक दो तीन चार पाँच · Ek Do Teen Char Panch |
|---|---|
| फ़िल्म | ढंढोरा · 1941 |
| वर्ष · युग | 1941 |
| गायक | Noor Mohammad Charlie |
| गीतकार | D. N. Madhok |
| संगीतकार | Gyan Dutt |
| स्वरूप | एकल पुरुष |
| गति | मध्यम |
| भाषा | hindi |
| भाव | चुलबुला |
| लोकप्रियता | Obscure |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
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