हिंदी गीत संगीत का अटलस
गिरिजा देवी — कजरी और ठुमरी की प्रसिद्ध उस्ताद
कजरी CC BY-SA 4.0

शास्त्र विंग · विधा-पट्टिका · Vidha Plate

कजरी

Kajri

वर्षा ऋतु का उल्लासपूर्ण लोक गीत · Joyful monsoon season folk song

श्रेणीलोक संगीतपरंपराfolkकाल16वीं-17वीं शताब्दीसभी विधाएँ26

अन्य नामकजरी

एक पंक्तिकजरी उत्तर भारत का एक महत्वपूर्ण सावन गीत विधा है जो प्रेम, विरह और मानसून की सुंदरता को गाती है।

परिचय

Overview

कजरी उत्तर भारत की सबसे महत्वपूर्ण और जीवंत लोक संगीत विधाओं में से एक है। यह विशेषकर सावन माह (जुलाई-अगस्त) में प्रचलित है जब मानसून की बारिश पूरे भारत को नव-जीवन से भर देती है। कजरी का शाब्दिक अर्थ 'आंखों में काजल' है, जो आंखों की सुंदरता और नायिका के आकर्षण को दर्शाता है। यह विधा मुख्यतः महिलाओं द्वारा गाई जाती है, विशेषकर घरों के आंगन में, मेलों में और सड़कों पर। कजरी के गीत प्रेम, विरह, मानसून की सुंदरता, और पति की प्रतीक्षा जैसे विषयों को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करते हैं। वाराणसी इसका मुख्य केंद्र है, जहां यमुना के घाटों पर महिलाएं सावन के मौसम में एकजुट होकर कजरी गाती हैं। संगीतकार गिरिजा देवी ने इस लोक विधा को शास्त्रीय संगीत की मंच पर प्रतिष्ठित किया और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहचान करवाई। आधुनिक समय में भी कजरी फिल्मों और संगीत समारोहों में अपनी उपस्थिति बनाए रखती है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Kajri is one of North India's most vibrant and significant folk music forms. Predominantly performed during Sawan (July-August) when monsoon rains revive the entire landscape, Kajri literally means 'kohl in the eyes,' symbolizing beauty and feminine allure. Primarily sung by women in courtyards, fairs, and streets, Kajri songs address themes of love, separation, monsoon beauty, and the longing for a husband. Varanasi is its cultural heart, where women gather on Yamuna ghats during monsoon to sing Kajri collectively. Legendary maestro Girija Devi elevated this folk form to the classical concert stage and international recognition. Today, Kajri remains integral to films and music festivals, adapting to contemporary contexts while preserving its essential folk character.

काव्य-पंक्ति · The Verse

काव्य-पंक्ति

सावन आय गुलाबी बदरिया, बिजली की चमकार। कजरा बिंदी लगा के नायिका, बैठी यमुना की पार।।

— परंपरागत कजरी The monsoon cloud arrives, lightning dances bright. The maiden applies kohl and dot, waiting on the far shore.

वर्गीकरण

Classification

श्रेणी

लोक संगीत

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Folk Music

परंपरा

folk

संबंधित विधाएँ

sawanchaitihori

संरचना

Structure

अंग

मुखड़ाMukhda

मुख्य दोहा या छंद जो बार-बार दोहराया जाता है और रचना की पहचान होती है

Main couplet repeated throughout the composition, serving as the identity of the piece

Is Mandatory: 1
अंतराAntara

विभिन्न कथाएं और भाव प्रस्तुत करने वाले छंद जो गीत को विस्तृत करते हैं

Verses presenting different narratives and emotions that expand the composition

Is Mandatory: 1
संवादDialogue

कभी-कभी नायक-नायिका के बीच संवाद होता है

Occasional dialogue between lovers or characters

सामान्य अवधि

2-5 मिनट

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

2-5 minutes

लय-पद्धति

मध्यम से तीव्र — आमतौर पर वज्र या दादरा ताल में

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Moderate to brisk — usually in Vajra or Dada taal

विस्तार-क्षेत्र

मध्यम — मुखड़े का संरचना बना रहता है लेकिन अंतरों में रचनात्मकता होती है

Form

Kajri has a simple yet effective structure. It typically features a mukhda (couplet) that is repeated, followed by multiple antaras presenting different themes. Each atra introduces new subjects while maintaining the mukhda's melodic and rhythmic framework.

Form Hindi

कजरी का संरचना सरल और प्रभावशाली है। इसमें आमतौर पर एक मुखड़ा (दोहा) होता है जो बार-बार दोहराया जाता है, और कई अंतरे होते हैं जो विभिन्न भाव और कथाएं प्रस्तुत करते हैं। प्रत्येक अंतरा नए विषय को लेकर आता है लेकिन मुखड़े की संरचना बनी रहती है।

संगीत-लक्षण

Music Characteristics

प्रमुख राग

यमनYaman
Context: सबसे लोकप्रिय और आनंदपूर्ण कजरी के लिए
भैरवBhairav
Context: गंभीर और दर्द भरी कजरी के लिए
खमाजKhamaj
Context: हल्की-फुल्की और मजेदार कजरी के लिए

प्रमुख ताल

दादराDada
Beats: 6
वज्रVajra
Beats: 12

रस

श्रृंगार (प्रेम)करुणा (विरह)हास्य (हल्के-फुल्के रूप में)

वाद्य यंत्र

ढोलकDholak
Role: मुख्य लय वाद्य
करतालKartal
Role: ताल को चिह्नित करते हैं
बांसुरी / सारंगीFlute/Sarangi
Role: मेलोडिक आधार

गायन-शैली

लोकोपयोगी, सहज और भावपूर्ण — गलियों में गाई जाने वाली शैली

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Colloquial, straightforward and emotional — performed in streets and homes

गीत-भाषा

अवधी, भोजपुरी, और हिंदी का मिश्रण

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Mixture of Awadhi, Bhojpuri, and Hindi

गीत-विषय

बारिश और बादलों का आगमनप्रेम और विरहपति की प्रतीक्षायौवन का उल्लासमानसून की सुंदरता

प्रस्तुति-प्रसंग

Performance Context

प्रदर्शन-स्थान

घरों में, सड़कों पर, मेलों में, विशेषकर यमुना के घाटों पर (वाराणसी, मथुरा)

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

In homes, streets, fairs, especially on Yamuna ghats (Varanasi, Mathura)

श्रोता

महिलाएं (विशेषकर), बच्चे, गली मोहल्लों के सामान्य लोग

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Women (especially), children, common people of neighborhoods

अवसर

सावन माह (जुलाई-अगस्त), बारिश के मौसम में, विवाह से पहले की तैयारी के समय

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Sawan month (July-August), rainy season, marriage season preparations

घराना

वाराणसी परंपराVaranasi tradition
Significance: कजरी का मूल केंद्र और उसके विकास का जन्मस्थान

नृत्य-संबंध

महिलाओं का सामूहिक नृत्यWomen's group dance

कजरी के साथ घूमर या स्वैच्छिक नृत्य गति

उस्ताद

Masters

महान कलाकार

गिरिजा देवीGirija Devi
Life: 1929-2017Significance: कजरी की सबसे प्रसिद्ध और सम्मानित गायिका, उन्होंने इस विधा को शास्त्रीय मंच पर प्रतिष्ठित किया
रामबारे यादवRambhare Yadav
Life: 20वीं शताब्दीSignificance: कजरी के पारंपरिक प्रदर्शनकर्ता और संरक्षक

समकालीन कलाकार

शारदा सहायSharda Sahai
Specialization: कजरी, ठुमरी, दादराAchievements: गिरिजा देवी की परंपरा को जारी रखने वाली प्रख्यात गायिका
मालिनी अवस्थीMalini Awasthi
Specialization: भोजपुरी लोक गीत और कजरीAchievements: समकालीन भोजपुरी कजरी गायन की अग्रदूत

फ़िल्म-संगीत में

In Film Music

विवरण

कजरी का प्रभाव हिंदी फिल्मों में बहुत स्पष्ट है। कई प्रसिद्ध गीतकारों ने कजरी की भावना को अपने गीतों में समाहित किया है। यह केवल शास्त्रीय संगीत में सीमित नहीं है बल्कि फिल्मी संगीत में भी इसका पूर्ण आधुनिकीकरण हुआ है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Kajri's influence is evident in Hindi film music. Many lyricists and composers have incorporated the Kajri spirit into their songs. It has transcended classical music to become fully modernized in film music as well.

अनुकूलन

फिल्मों में कजरी को आधुनिक वाद्यों (स्ट्रिंग्स, हारमोनियम) के साथ प्रस्तुत किया गया है, जबकि इसका लोक सार बना रहा है। बोल (lyrics) को आधुनिक प्रेम कहानियों के अनुरूप ढाला गया है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Kajri in films has been presented with modern instruments (strings, harmonium) while retaining its folk essence. Lyrics are adapted to modern love narratives.

प्रसिद्ध फ़िल्मी उदाहरण

बसंत (1942)Basant (1942)
Composer: मदन मोहनLyricist: राज प्रदीपFamous Song: बरसों भीगी बदरिया छाई
सरकार (1982)Sarkar (1982)
Composer: कलियनजी-अनुराधाLyricist: राज कुमारFamous Song: सावन के महीने में (कजरी शैली में)

सांस्कृतिक महत्व

Cultural Significance

कजरी उत्तर भारतीय समाज की मां-बहनों की आवाज है। यह विधा सामाजिक और व्यक्तिगत भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम है। इसके माध्यम से महिलाएं अपनी खुशियां, दुःख, और आशाएं साझा करती हैं। कजरी न केवल संगीत है बल्कि सांस्कृतिक पहचान है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Kajri is the voice of North Indian women, providing a medium for expressing social and personal emotions. Through Kajri, women share their joys, sorrows, and hopes. It is not merely music but a cultural identity.

सुनने का मार्गदर्शन

The Listening Guide

कजरी सुनते समय मानसून की सुगंध को महसूस करें। ध्यान दें कि कैसे गायिका मुखड़े को दोहराती है और हर बार नया भाव लाती है। ढोलक की लय पर ध्यान दें — यह गीत का हृदय है। घर बैठे सावन का अनुभव करें और कजरी के साथ मानसून का स्वागत करें।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

When listening to Kajri, feel the fragrance of monsoon. Notice how the singer repeats the mukhda while bringing fresh emotion each time. Pay attention to the dholak's rhythm — it is the heart of the song. Experience Sawan from home and welcome the monsoon with Kajri.

श्रवण-कक्ष · The Listening Room

देखें-सुनें

कजरी गीत — सावन विशेष · मालिनी अवस्थी · 4:22

कजरी समूह नृत्य — लोक नृत्य · समूह नृत्य · 5:03

अन्य विवरण

More Details

Form

Kajri has a simple yet effective structure. It typically features a mukhda (couplet) that is repeated, followed by multiple antaras presenting different themes. Each atra introduces new subjects while maintaining the mukhda's melodic and rhythmic framework.

और जानें

More to Know

Recommended Listening

  • कजरी के क्लासिक रेंडरिंग · Classic Kajri Renderings

रोचक तथ्य

Margin Notes

कजरी का नाम — कजरी शब्द 'काजल' (kohl) से बना है क्योंकि इस गीत में नायिका की सुंदरता और आंखों की खोज होती है।

सावन के साथ संबंध — कजरी सावन माह के साथ इतनी जुड़ी है कि 'सावन की कजरी' एक पर्यायवाची बन गया है। यह बारिश के मौसम की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति है।

महिला-केंद्रित विधा — कजरी मुख्यतः महिलाओं द्वारा गाई जाती है और इसमें महिलाओं के अनुभव, भावनाएं और आकांक्षाएं प्रतिबिंबित होती हैं।

यमुना का गीत — वाराणसी में यमुना के घाटों पर कजरी गाने की परंपरा सदियों पुरानी है। इसे 'घाटों की संगीत परंपरा' भी कहा जाता है।

गिरिजा देवी का योगदान — गिरिजा देवी ने कजरी को केवल लोक-संगीत से शास्त्रीय संगीत में उन्नीत नहीं किया, बल्कि इसे विश्वव्यापी पहचान दिलवाई। भारत सरकार ने उन्हें 'पद्मविभूषण' से सम्मानित किया।

क्या आप जानते हैं?

Did You Know

प्रत्येक कजरी में कम से कम तीन-चार अंतरे होते हैं, जो तीन-चार अलग कहानियां या दृश्य प्रस्तुत करते हैं।

कजरी को कभी-कभी 'सावन की नौ रातें' के लिए नौ गीतों की श्रृंखला में गाया जाता है, हर रात एक नया पहलू।

कजरी की परंपरा में महिलाएं एक-दूसरे को 'तंज' (हल्के-फुल्के व्यंग्य) देती हैं जो मजेदार और शिक्षाप्रद दोनों होते हैं।

सूक्तियाँ

Words of the Masters

“कजरी शब्द कजरा (काजल) से बना है, यह रूप-सौंदर्य का गीत है।”

“Kajri comes from the word for kohl, it is a song of beauty and allure.”

— — संगीत शास्त्रीय परंपरा

“सावन बिना कजरी अधूरा है, और कजरी बिना महिला की आवाज अधूरी है।”

“Sawan is incomplete without Kajri, and Kajri is incomplete without a woman's voice.”

— — वाराणसी परंपरा

अनुशंसित श्रवण

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सवाल-जवाब

Questions & Answers
कजरी क्या है?

कजरी उत्तर भारत का एक महत्वपूर्ण लोक संगीत विधा है जो सावन के मौसम में गाई जाती है। यह प्रेम, विरह, और मानसून की सुंदरता को दर्शाती है।

कजरी के मुख्य गायक कौन हैं?

गिरिजा देवी सबसे प्रसिद्ध कजरी गायिका हैं। शारदा सहाय और मालिनी अवस्थी समकालीन प्रसिद्ध गायिकाएं हैं।

कजरी में कौन सी राग का प्रयोग होता है?

कजरी में मुख्यतः यमन, भैरव, और खमाज राग का प्रयोग होता है।

इतिहास

The History

उत्पत्ति — 16वीं-17वीं शताब्दी Origin

कजरी का उदभव उत्तर भारत में, विशेषकर वाराणसी क्षेत्र में हुआ। यह विधा लोकजीवन से उत्पन्न हुई और सदियों से महिलाओं की सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा रही है। शुरुआत में यह महत्वहीन माना जाता था, लेकिन समय के साथ इसे महत्व मिला।

विकास-यात्रा · Evolution

  1. 16वीं-18वीं शताब्दी कजरी केवल महिलाओं द्वारा घरों में और गलियों में गाई जाती थी। इस समय इसका कोई लिखित रूप नहीं था। यह पूरी तरह मौखिक परंपरा थी।
  2. 19वीं-20वीं शताब्दी औपनिवेशिक काल में भारतीय संगीत और लोक विधाओं को संरक्षित करने के प्रयास शुरू हुए। कजरी को रिकॉर्ड किया जाने लगा। संगीत विद्वानों ने इसका महत्व समझा।
  3. 20वीं शताब्दी से आजतक गिरिजा देवी के आगमन के साथ कजरी को शास्त्रीय संगीत की मंच पर स्थान मिला। रेडियो, रिकॉर्ड, और बाद में फिल्मों ने इसे व्यापक दर्शकों तक पहुंचाया। आज कजरी अंतर्राष्ट्रीय संगीत समारोहों में प्रदर्शित होती है।

प्रमुख पड़ाव · Key Milestones

  1. 1960s गिरिजा देवी का संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार
  2. 1977 गिरिजा देवी को पद्मश्री से सम्मानित
  3. 1999 गिरिजा देवी को पद्मविभूषण से सम्मानित

नमूना-पट्टी

The Specimen Table
विधा-नमूना · Specimen
नामकजरी · Kajri
अन्य नामकजरी
श्रेणीलोक संगीत
परंपराfolk
काल16वीं-17वीं शताब्दी
प्रकारविधाएँ · Vidhas

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Connected Plates · The Graph Made Visible

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