हिंदी गीत संगीत का अटलस
15मात्रा
पंचम सवारी ताल-चक्र — 4 विभाग (4+4+4+3) · लाल = सम (मात्रा १) · कटी रेखा = ख़ाली (मात्रा ९) Engraved beat-wheel · 15 matras · vibhag 4+4+4+3

शास्त्र विंग · ताल-पट्टिका · Taal Plate

पंचम सवारी

Pancham Sawari · Pancham Sawārī

विषम, तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण ताल · The asymmetrical, technically demanding rhythm

मात्राएँ१५विभाग४ — 4+4+4+3घरतबला सोलोसम · ख़ालीमात्रा १ · मात्रा ९
ठेका · The Bol

एक पंक्तिपंद्रह मात्रा की विरल ताल, तबला-सोलो के शिखर पर प्रदर्शित, अल्ला राखा की विरासत · A rare fifteen-beat taal, showcased in tabla-solo virtuosity, the legacy of Alla Rakha

अन्य नामपंचम सवारी ताल · Pancham Sawari Taal

ताल-कुंडली · The Taal Specimen

पंचम सवारी का पूरा नक़्शा · Anatomy of the Cycle

पंद्रह मात्रा में विभाजित चार भाग: चार + चार + चार + तीन। विषम संरचना (odd number of beats) तबला-सोलो के लिए जटिल गणनीय संभावनाएँ बनाती है।

विनिर्देश · Specimen Rows
ठेका · बोल धिन् ना धिन् ना | धिन् ना तिन् ना | तिन् ना धिन् ना | धिन् ना ता
Dhin nā dhin nā | Dhin nā tin nā | Tin nā dhin nā | Dhin nā tā
मात्राएँ १५ — 15 मात्राओं का चक्र
विभाग ४ (4+4+4+3) — प्रथम विभाग (4 मात्रा): धिन् ना धिन् ना — मजबूत, साम के साथ शुरुआत द्वितीय विभाग (4 मात्रा): धिन् ना तिन् ना — तीव्र, गहन लय तृतीय विभाग (4 मात्रा): तिन् ना धिन् ना — संतुलन, मध्य-बिंदु चतुर्थ विभाग (3 मात्रा): धिन् ना ता — विषम विभाग, साम की ओर

First Section (4) · Second Section (4) · Third Section (4) · Fourth Section (3)

सम मात्रा १ — प्रथम मात्रा पर साम आता है। १५ मात्रा के विषम चक्र का गणित अत्यंत जटिल है।
ताली · ख़ाली ● ताली — मात्रा १ (मज़बूत ताली — साम, चक्र की शुरुआत) · ● ताली — मात्रा ५ (ताली — द्वितीय विभाग का प्रारंभ) · ● ताली — मात्रा १३ (ताली — चतुर्थ विभाग के पहले) · ○ ख़ाली — मात्रा ९ (खाली — तृतीय विभाग में, लहर)

पंचम सवारी का ताली-खाली पैटर्न इसकी विषम प्रकृति को प्रतिबिंबित करता है।

लिप्यंतरणPancham Sawārī

सीखिए · Learn to Count

गिनती और ताली · How to Count & Clap

कैसे गिनें How to Count

पंचम सवारी को गिनना अत्यंत चुनौतीपूर्ण है। १५ मात्रा के विषम चक्र को समझने के लिए गहन गणितीय दृष्टिकोण आवश्यक है। तबला-सोलो में, तिहाई (३-भाग की रचना) और अन्य जटिल संरचनाओं को साम पर समाप्त करना अत्यंत कठिन माना जाता है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Counting Pancham Sawari is exceptionally challenging. Understanding its asymmetrical 15-beat cycle requires deep mathematical understanding. In tabla solos, ending complex structures like tihai on sam is considered highly difficult.

ताली बजाने का तरीक़ा How to Clap Along

हाथ से ताली देने का पारंपरिक तरीका

ताली-पैटर्न मात्रा १, ५, १३ पर ताली। मात्रा ९ पर खाली। विषम चक्र के कारण, गिनती अपेक्षाकृत जटिल है।
भारतीय ढोल-संस्कृति की छवि, जो पंचम सवारी की प्राचीन जड़ों को दर्शाती है
भारतीय ढोल-संस्कृति की छवि, जो पंचम सवारी की प्राचीन जड़ों को दर्शाती है wikimedia · CC BY-SA

रूप-भेद और नृत्य

Variations & Dance
ताल-रूप · Variantतबला-सोलो पंचम सवारीतबला-सोलो प्रदर्शन में प्रयुक्त, सबसे तकनीकी और सबसे मांगदार संस्करण।Tabla-Solo Pancham Sawariताल-रूप · Variantगुरमत संगीत पंचम सवारीसिख भक्ति-संगीत में प्रयुक्त, कुछ सरल और अधिक प्रवाह-युक्त।Gurmat Sangeet Pancham Sawari
नृत्य-संबंध — नृत्य-संगत तबला पंचम सवारी की विषम प्रकृति के कारण, इसे नृत्य में शायद ही कभी प्रयुक्त किया जाता है। यह मुख्य रूप से शुद्ध तबला-सोलो के लिए है।
Tabla-Accompanying Dance · Due to its asymmetrical nature, Pancham Sawari is rarely used in dance accompaniment. It is primarily for pure tabla solos.

लयकारी की संभावनाएँ

Layakari

पंचम सवारी में लयकारी का प्रयोग अत्यंत उन्नत और तकनीकी है। तबला-सोलो में, खिलाड़ी विविध लयकारी (गति-परिवर्तन) का प्रदर्शन करता है, जिसे साम पर समाप्त करना अत्यंत कठिन माना जाता है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Layakari in Pancham Sawari is highly advanced and technical. In tabla solos, the player demonstrates varied layakari, and ending on sam is considered extremely difficult.

लय १ · Layakari

दो-गुण: ताल की गति को दोगुनी करना, विषम चक्र में गणितीय सटीकता बनाए रखना।

लय २ · Layakari

तीन-गुण: तीन-गुना तेज़, अत्यंत चुनौतीपूर्ण।

लय ३ · Layakari

तिहाई: अल्ला राखा के प्रसिद्ध तिहाई पंचम सवारी में साम पर समाप्त होते हैं।

पट्टिका-लेख

The Monograph

परिचय Introduction

पंचम सवारी एक पंद्रह-मात्रा की ताल है जो हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में सबसे विरल और तकनीकी रूप से मांगदार है। इसका नाम 'पंचम' (पाँचवाँ) + 'सवारी' (सवारी/प्रदर्शनी) से आता है, जो इसके तकनीकी और प्रदर्शनीय प्रकृति को दर्शाता है। पंचम सवारी की सबसे महत्त्वपूर्ण विशेषता है इसकी विषम (odd number) मात्रा-संख्या। १५ मात्रा का एक चक्र, जब आप तिहाई या अन्य जटिल संरचनाओं का निर्माण करते हैं, तो गणितीय रूप से अत्यंत जटिल हो जाता है। साम पर सटीक रूप से समाप्त करना एक विशाल तकनीकी उपलब्धि है। पंचम सवारी का सबसे प्रसिद्ध प्रदर्शन अल्ला राखा (पंडित रविशंकर के तबला-वादक) द्वारा किया गया। अल्ला राखा की प्रसिद्ध तिहाईयाँ, जो पंचम सवारी में साम पर समाप्त होती हैं, तबला-संगीत के इतिहास में अमर हैं। जाकिर हुसैन (अल्ला राखा के पुत्र) ने भी पंचम सवारी को अपनी परंपरा में जीवंत रखा है। आजकल, पंचम सवारी एक अत्यंत विशेषीकृत ताल है, जिसे केवल सबसे उन्नत तबलची ही प्रदर्शित करते हैं। सामान्य संगीत-कार्यक्रमों में इसे सुनना दुर्लभ है। पंचम सवारी को सीखना और प्रदर्शित करना तबला-वादक की सर्वोच्च उपलब्धियों में से एक माना जाता है। गुरमत संगीत (सिख भक्ति-संगीत) में भी कुछ विशिष्ट शबद पंचम सवारी में गाए जाते हैं, यद्यपि यह तबला-सोलो जितना तकनीकी नहीं होता है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Pancham Sawari is a fifteen-beat taal, the rarest and most technically demanding in Hindustani classical music. Its name derives from 'Pancham' (fifth) + 'Sawari' (display/procession), reflecting its technical and virtuosic nature.

Pancham Sawari's defining characteristic is its asymmetrical (odd number) beat count. A fifteen-beat cycle becomes mathematically complex when constructing tihai and other intricate patterns. Ending precisely on sam is a major technical achievement.

Pancham Sawari's most celebrated exponent is Alla Rakha (Pandit Ravi Shankar's tabla accompanist). Alla Rakha's famous tihai compositions ending on sam in Pancham Sawari are immortal in tabla history. His son Zakir Hussain has also kept Pancham Sawari alive in his tradition.

Today, Pancham Sawari is an extremely specialized taal, performed only by the most advanced tabla players. Hearing it in regular concerts is rare. Mastering Pancham Sawari is considered one of a tabla player's highest achievements.

In Gurmat Sangeet (Sikh devotional music), certain shabads are sung in Pancham Sawari, though not as technically demanding as tabla solo versions.

सांस्कृतिक महत्व Cultural Significance

पंचम सवारी तबला-संगीत की सर्वोच्च तकनीकी पिकी को दर्शाती है। यह न केवल एक संगीतात्मक संरचना है, बल्कि यह तबलची की बुद्धिमत्ता, धैर्य, और वर्षों की साधना का प्रतीक है। अल्ला राखा ने पंचम सवारी को तबला-संगीत के 'शिखर' पर रखा। आज, यह ताल किसी भी तबलची के लिए एक लक्ष्य-बिंदु है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Pancham Sawari represents the zenith of tabla's technical artistry. It symbolizes a tabla player's intellect, patience, and years of practice. Alla Rakha elevated Pancham Sawari to the peak of tabla music. Today, it is a goal for any serious tabla artist.

श्रवण-मार्गदर्शिका Listening Guide

पंचम सवारी को सुनते समय, तबलची की गणितीय सटीकता को समझने का प्रयास करें। १५ मात्रा के चक्र को समझना कठिन है, किंतु धीरे-धीरे, पैटर्न स्पष्ट हो जाते हैं। तिहाई और अन्य संरचनाओं को सुनते समय, ध्यान दें कि कैसे प्रत्येक प्रहार (stroke) सटीकता से साम पर आता है। यह एक अद्भुत, बुद्धिमत्तापूर्ण संगीत है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

When listening to Pancham Sawari, try to understand the tabla player's mathematical precision. The 15-beat cycle is complex, but gradually patterns become clear. When hearing tihai and other structures, notice how each stroke lands precisely on sam. This is a remarkable, intellectually sophisticated music.

अन्य विवरण

More Details

References

  • अल्ला राखा की जीवनी और रेकार्डिंग्स
  • जाकिर हुसैन के साक्षात्कार और प्रदर्शन
  • तबला-संगीत के उन्नत ग्रंथ
  • गुरमत संगीत परंपरा

काव्य-पंक्ति · The Couplet

पंचम सवारी पर शेर

पंद्रह मात्राओं की विषम लय में, तबलची की बुद्धि का परिचय है। साम पर टिकना, खिलाना, समाप्त करना— यह तबले की सर्वोच्च कला है।

RenderingIn the asymmetrical rhythm of fifteen beats, Lies the intellect of the tabla master. To play, to build, to end on sam— This is tabla's highest art. — हिंदीगीत.इन

इतिहास

History of the Cycle

उद्भव — मध्य-आधुनिक काल (१७वीं-१९वीं सदी) Origin · Medieval-Modern Period (17th-19th century)

पंचम सवारी की उत्पत्ति अनिश्चित है, किंतु यह माना जाता है कि इसका विकास गुरमत संगीत और शास्त्रीय तबला-परंपरा के मिश्रण से हुआ। अल्ला राखा ने इसे २०वीं सदी में अपने प्रदर्शन से अमर कर दिया।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Pancham Sawari's exact origin is uncertain, but it likely developed from a blend of Gurmat music and classical tabla tradition. Alla Rakha immortalized it through his 20th-century performances.

विकास-क्रम Evolution

  1. १७वीं-१८वीं सदी गुरमत संगीत में पंचम सवारी का प्रयोग।
  2. १९वीं सदी शास्त्रीय तबला-परंपरा में समावेशन।
  3. २०वीं सदी अल्ला राखा द्वारा तबला-सोलो में उत्कर्ष प्रदर्शन और प्रसार।

पड़ाव Key Milestones

  1. १७वीं सदी: गुरमत संगीत में पंचम सवारी का संभावित प्रारंभ गुरमत संगीत में पंचम सवारी का संभावित प्रारंभ
  2. 1900 शास्त्रीय तबला में समावेशन शास्त्रीय तबला में समावेशन
  3. १९३०-१९६०: अल्ला राखा के माध्यम से विश्व-प्रसार अल्ला राखा के माध्यम से विश्व-प्रसार

स्वर्ण काल — १९४०-१९८० The Golden Period

अल्ला राखा के महान प्रदर्शन और रेकार्डिंग्स। यह पंचम सवारी का सर्वश्रेष्ठ काल था।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Period of Alla Rakha's greatest performances and recordings. The golden age of Pancham Sawari.

आज की स्थिति Modern Status

आजकल, पंचम सवारी एक अत्यंत विशेषीकृत और विरल ताल है। केवल सबसे उन्नत तबलची ही इसे प्रदर्शित करते हैं। जाकिर हुसैन और अन्य समकालीन मास्टर्स ने इसकी परंपरा को जीवंत रखा है। यह तबला-सोलो की शिखर-परंपरा का भाग है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Today, Pancham Sawari is an extremely specialized and rare taal. Only the most advanced tabla players perform it. Zakir Hussain and other contemporary masters have kept its tradition alive. It remains part of tabla-solo's highest tradition.

रोचक तथ्य

Margin Notes
General

पंचम सवारी एक पंद्रह-मात्रा की ताल है — एक विषम संख्या, जो इसे अत्यंत असामान्य बनाती है।

General

अल्ला राखा की पंचम सवारी की तिहाईयाँ तबला-संगीत के सबसे प्रसिद्ध उदाहरण हैं।

General

जाकिर हुसैन ने पंचम सवारी को अपने तबला-सोलो प्रदर्शन में प्रमुख स्थान दिया है।

General

पंचम सवारी को सीखना एक तबलची के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण माना जाता है।

General

गणितीय रूप से, पंचम सवारी में तिहाई का गणना अत्यंत जटिल है।

क्या आप जानते हैं?

Did You Know

पंचम सवारी का नाम 'पंचम' (पाँचवाँ राग) से नहीं, बल्कि 'पंचम' (पाँचवाँ स्वर) से जुड़ा हो सकता है।

कुछ विद्वानों का मानना है कि पंचम सवारी का विकास सिख भक्ति-संगीत से हुआ।

पंचम सवारी गुरमत संगीत में भी गाई जाती है, यद्यपि तबला-सोलो की तुलना में कम तकनीकी है।

१५ मात्रा के चक्र में, गणितीय समभाजन अत्यंत दुर्लभ होते हैं।

सूक्तियाँ

Quotes

जुड़े हुए पन्ने

Connected Plates · The Graph Made Visible

अटलस में कोई पन्ना अकेला नहीं — पंचम सवारी से विधाएँ, राग और गीत, सब जुड़े हैं।

इन विधाओं की धड़कन · Vidhas in Pancham Sawari

विधा · Vidhaतबला सोलोपंचम सवारी का प्राथमिक और सबसे महत्त्वपूर्ण प्रयोग। इसमें तबलची अपनी पूरी तकनीकी दक्षता दिखाता है।Tabla Soloविधा · Vidhaगुरमत संगीतसिख परंपरा में, कुछ विशिष्ट शबद (भजन) पंचम सवारी में गाए जाते हैं।Gurmat Sangeet

राग-साथी · Raag Pairings

राग · Raagयमनयमन की प्रखर, शीर्ष-केंद्रित प्रकृति पंचम सवारी की तकनीकी जटिलता के साथ मिलकर एक अद्वितीय अनुभव बनाती है।Yamanराग · Raagभैरवीभैरवी की मधुर, सरल प्रकृति पंचम सवारी की विषम जटिलता के साथ विरोधाभास बनाती है।Bhairavi

श्रवण-कक्ष · The Listening Room

सुनिए — पंचम सवारी · Hear the Cycle

पंचम सवारी — अल्ला राखा द्वारा तबला सोलो — अल्ला राखा की प्रसिद्ध पंचम सवारी प्रस्तुति, जिसमें उनकी प्रसिद्ध तिहाईयाँ शामिल हैं। (19K views) Pancham Sawari — Tabla Solo by Alla Rakha

पंचम सवारी — तकनीकी विश्लेषण और प्रदर्शन — पंचम सवारी की विषम संरचना को विस्तार से समझाया गया है। Pancham Sawari — Technical Analysis and Performance

अल्ला राखा — पंचम सवारी सोलो (क्लासिक रेकार्डिंग) — अल्ला राखा की एक क्लासिक रेकार्डिंग, जिसे तबला-सोलो का एक मास्टरपीस माना जाता है। (9.7K views) Alla Rakha — Pancham Sawari Solo (Classic Recording)

अल्ला राखा की प्रसिद्ध पंचम सवारी तिहाई (रेकार्डिंग, यदि उपलब्ध हो) — See recommended listening section

जाकिर हुसैन द्वारा पंचम सवारी-आधारित तबला सोलो (आधुनिक) — See recommended listening section

पंचम सवारी में गुरमत संगीत (यदि उपलब्ध हो) — See recommended listening section

प्रश्नोत्तर

Questions & Answers
पंचम सवारी क्या है?

पंचम सवारी एक पंद्रह-मात्रा की ताल है जो हिंदुस्तानी शास्त्रीय तबला-संगीत में सबसे तकनीकी और मांगदार है। १५ मात्रा एक विषम संख्या है, जो इसे गणितीय रूप से अत्यंत जटिल बनाती है। यह मुख्य रूप से तबला-सोलो प्रदर्शन में प्रयुक्त होता है।

पंचम सवारी को सीखना कितना कठिन है?

पंचम सवारी को सीखना अत्यंत कठिन है। १५ मात्रा के विषम चक्र को समझना, गणितीय सटीकता बनाए रखना, और विविध लयकारी में साम पर समाप्त करना — ये सभी अत्यंत उन्नत तकनीकें हैं। केवल सबसे अनुभवी तबलची ही इसे प्रदर्शित कर सकते हैं।

अल्ला राखा पंचम सवारी के लिए प्रसिद्ध क्यों हैं?

अल्ला राखा ने पंचम सवारी में अपनी प्रसिद्ध तिहाईयाँ प्रदर्शित कीं, जो तबला-संगीत के इतिहास में अमर हैं। उन्होंने पंचम सवारी को तबला-सोलो के 'शिखर' पर रखा। उनके प्रदर्शन आजकल भी एक आदर्श माने जाते हैं।

पंचम सवारी केवल तबला-सोलो में ही प्रयुक्त होता है?

मुख्य रूप से हाँ। पंचम सवारी का प्राथमिक प्रयोग तबला-सोलो में है। किंतु, सिख भक्ति-संगीत (गुरमत संगीत) में कुछ विशिष्ट शबद पंचम सवारी में गाए जाते हैं।

पंचम सवारी की संरचना क्या है?

पंचम सवारी की थेका है: 'धिन् ना धिन् ना | धिन् ना तिन् ना | तिन् ना धिन् ना | धिन् ना ता'। पंद्रह मात्रा में विभाजित चार भाग: ४+४+४+३। विषम (odd) संरचना इसे अद्वितीय बनाती है।

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सवाल-जवाब

Questions & Answers
पंचम सवारी क्या है? · What is Pancham Sawari?

पंचम सवारी एक पंद्रह-मात्रा की ताल है जो हिंदुस्तानी शास्त्रीय तबला-संगीत में सबसे तकनीकी और मांगदार है। १५ मात्रा एक विषम संख्या है, जो इसे गणितीय रूप से अत्यंत जटिल बनाती है। यह मुख्य रूप से तबला-सोलो प्रदर्शन में प्रयुक्त होता है।

पंचम सवारी को सीखना कितना कठिन है? · How difficult is it to learn Pancham Sawari?

पंचम सवारी को सीखना अत्यंत कठिन है। १५ मात्रा के विषम चक्र को समझना, गणितीय सटीकता बनाए रखना, और विविध लयकारी में साम पर समाप्त करना — ये सभी अत्यंत उन्नत तकनीकें हैं। केवल सबसे अनुभवी तबलची ही इसे प्रदर्शित कर सकते हैं।

अल्ला राखा पंचम सवारी के लिए प्रसिद्ध क्यों हैं? · Why is Alla Rakha famous for Pancham Sawari?

अल्ला राखा ने पंचम सवारी में अपनी प्रसिद्ध तिहाईयाँ प्रदर्शित कीं, जो तबला-संगीत के इतिहास में अमर हैं। उन्होंने पंचम सवारी को तबला-सोलो के 'शिखर' पर रखा। उनके प्रदर्शन आजकल भी एक आदर्श माने जाते हैं।

पंचम सवारी केवल तबला-सोलो में ही प्रयुक्त होता है? · Is Pancham Sawari used only in tabla solo?

मुख्य रूप से हाँ। पंचम सवारी का प्राथमिक प्रयोग तबला-सोलो में है। किंतु, सिख भक्ति-संगीत (गुरमत संगीत) में कुछ विशिष्ट शबद पंचम सवारी में गाए जाते हैं।

पंचम सवारी की संरचना क्या है? · What is the structure of Pancham Sawari?

पंचम सवारी की थेका है: 'धिन् ना धिन् ना | धिन् ना तिन् ना | तिन् ना धिन् ना | धिन् ना ता'। पंद्रह मात्रा में विभाजित चार भाग: ४+४+४+३। विषम (odd) संरचना इसे अद्वितीय बनाती है।

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