गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
वो अपना जादू निगाहों से आज़मा रहे हैं
Woh Apna Jadu Nigahon Se Azma Rahe Hain
राजकुमारी माधोक की कोमल शिकायत को — कि प्रियतम बस अपनी नज़र का जादू आज़मा रहे हैं — ससुराल के प्रमुख एकल गीतों में बदल देती हैं।
भावचुलबुला · रोमांटिक
भाषाhindi गतिमध्यम स्वरूपएकल महिला
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
राजकुमारी माधोक की कोमल शिकायत को — कि प्रियतम बस अपनी नज़र का जादू आज़मा रहे हैं — ससुराल के प्रमुख एकल गीतों में बदल देती हैं।
In EnglishRajkumari turns Madhok's gentle complaint — that the beloved is merely testing the power of his glance — into one of Sasural's signature solos.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
रणजीत मूवीटोन की 1941 की कॉमेडी ससुराल का एक एकल गीत, जिसे राजकुमारी ने ज्ञान दत्त की धुन और डी. एन. माधोक के बोलों पर गाया है। यह उन दो राजकुमारी एकलों में से एक है जो फ़िल्म की संगीत-सूची को थामते हैं, 1940 के दशक के आरंभ की रणजीत फ़िल्मों की विशिष्ट मधुर, संवादात्मक शैली में।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
A solo from Ranjit Movietone's 1941 comedy Sasural, sung by Rajkumari to Gyan Dutt's tune and D. N. Madhok's lyric. It is one of two Rajkumari solos that anchor the film's soundtrack, in the melodic, conversational style typical of early-1940s Ranjit pictures.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Medium
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | वो अपना जादू निगाहों से आज़मा रहे हैं · Woh Apna Jadu Nigahon Se Azma Rahe Hain |
|---|---|
| फ़िल्म | ससुराल · 1941 |
| वर्ष · युग | 1941 |
| गायक | Rajkumari |
| गीतकार | D. N. Madhok |
| संगीतकार | Gyan Dutt |
| स्वरूप | एकल महिला |
| गति | मध्यम |
| भाषा | hindi |
| भाव | चुलबुला · रोमांटिक |
| लोकप्रियता | Obscure |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
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