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तुम समान को उदार मोरे यदुराए — नरसी भगत (1940) YouTube (click-to-load)

गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate

तुम समान को उदार मोरे यदुराए

Tum Samaan Ko Udaar More Yaduraye

“तुम समान को उदार मोरे यदुराए” — 1940 की फ़िल्म नरसी भगत का एक गीत। संगीत: शंकर राव व्यास। बोल: संपत लाल श्रीवास्तव (नरसिंह मेहता के परंपरागत पाठ; पंडित अनुज और त्रिलोकीनाथ बलम द्वारा अतिरिक्त बोल)। गायन: अप्रलेखित।

फ़िल्मनरसी भगत (1940)वर्ष1940बोलसार्वजनिक डोमेन

भावभक्ति · शांत · आध्यात्मिक

भाषाhindi  

श्रेय

The Credits
गायक · Singerअप्रलेखितगीतकार · Lyricistसंपत लाल श्रीवास्तव (नरसिंह मेहता के परंपरागत पाठ; पंडित अनुज और त्रिलोकीनाथ बलम द्वारा अतिरिक्त बोल)संगीतकार · MusicShankar Rao Vyas

सूत्र-वाक्य · The Hook

सूत्र-वाक्य

“तुम समान को उदार मोरे यदुराए” — 1940 की फ़िल्म नरसी भगत का एक गीत। संगीत: शंकर राव व्यास। बोल: संपत लाल श्रीवास्तव (नरसिंह मेहता के परंपरागत पाठ; पंडित अनुज और त्रिलोकीनाथ बलम द्वारा अतिरिक्त बोल)। गायन: अप्रलेखित।

In English“Tum Samaan Ko Udaar More Yaduraye” — a song from the 1940 film Narsi Bhagat. Music: Shankar Rao Vyas. Lyrics: Sampat Lal Shrivastav (traditional texts by Narsinh Mehta; additional lyrics by Pandit Anuj and Trilokinath Balam). Sung by Undocumented.

पट्टिका-लेख

The Monograph

परिचय Overview

“तुम समान को उदार मोरे यदुराए” 1940 की फ़िल्म नरसी भगत के गीतों में से एक है। इसका संगीत शंकर राव व्यास ने दिया। बोल संपत लाल श्रीवास्तव (नरसिंह मेहता के परंपरागत पाठ; पंडित अनुज और त्रिलोकीनाथ बलम द्वारा अतिरिक्त बोल) के हैं। इसे अप्रलेखित ने गाया।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

“Tum Samaan Ko Udaar More Yaduraye” is one of the songs from Narsi Bhagat (1940). The music is by Shankar Rao Vyas. The lyrics are by Sampat Lal Shrivastav (traditional texts by Narsinh Mehta; additional lyrics by Pandit Anuj and Trilokinath Balam). It was performed by Undocumented.

संगीत The Music

“तुम समान को उदार मोरे यदुराए” का संगीत नरसी भगत (1940) के लिए शंकर राव व्यास ने रचा। स्वर: अप्रलेखित।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

“Tum Samaan Ko Udaar More Yaduraye” was set to music by Shankar Rao Vyas for the 1940 film Narsi Bhagat. It is rendered by Undocumented.

काव्य The Poetry

“तुम समान को उदार मोरे यदुराए” के बोल संपत लाल श्रीवास्तव (नरसिंह मेहता के परंपरागत पाठ; पंडित अनुज और त्रिलोकीनाथ बलम द्वारा अतिरिक्त बोल) ने लिखे।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

The words of “Tum Samaan Ko Udaar More Yaduraye” were written by Sampat Lal Shrivastav (traditional texts by Narsinh Mehta; additional lyrics by Pandit Anuj and Trilokinath Balam).

वर्गीकरण

Classification

Genre

BhajanDevotionalFolk

नमूना-पट्टी

The Specimen Table
गीत-नमूना · Song Specimen
शीर्षकतुम समान को उदार मोरे यदुराए · Tum Samaan Ko Udaar More Yaduraye
फ़िल्मनरसी भगत · 1940
वर्ष · युग1940
गायकअप्रलेखित
गीतकारसंपत लाल श्रीवास्तव (नरसिंह मेहता के परंपरागत पाठ; पंडित अनुज और त्रिलोकीनाथ बलम द्वारा अतिरिक्त बोल)
संगीतकारShankar Rao Vyas
भाषाhindi
भावभक्ति · शांत · आध्यात्मिक
लोकप्रियताKnown
बोल-स्थितिसार्वजनिक

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