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सुरतिया नहीं भूले री कैसे धरूँ मन धीर
सुरतिया नहीं भूले री कैसे धरूँ मन धीर — गृहलक्ष्मी (1934)

गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate

सुरतिया नहीं भूले री कैसे धरूँ मन धीर

Suratiya Nahi Bhule Ree Kaise Dharoon Man Dheer

“”सुरतिया नहीं भूले री कैसे धरूँ मन धीर” — गायन: जल मर्चेंट। गृहलक्ष्मी (सागर मूवीटोन, 1934), निर्देशक: सर्वोत्तम बडामी, संगीत: एस.पी. राणे।

फ़िल्मगृहलक्ष्मी (1934)वर्ष1934बोलसार्वजनिक डोमेन

भावमीठा-कड़वा · उदास

भाषाhindi  

श्रेय

The Credits
गायक · Singerजल मर्चेंटसंगीतकार · Musicएस.पी. राणे

सूत्र-वाक्य · The Hook

सूत्र-वाक्य

“”सुरतिया नहीं भूले री कैसे धरूँ मन धीर” — गायन: जल मर्चेंट। गृहलक्ष्मी (सागर मूवीटोन, 1934), निर्देशक: सर्वोत्तम बडामी, संगीत: एस.पी. राणे।

In English“”Suratiya Nahi Bhule Ree Kaise Dharoon Man Dheer” — sung by Jal Merchant in Grihalaxmi (Sagar Movietone, 1934), directed by Sarvottam Badami, music by S.P. Rane.

पट्टिका-लेख

The Monograph

परिचय Overview

“”सुरतिया नहीं भूले री कैसे धरूँ मन धीर” गृहलक्ष्मी (1934) का एक विरह और याद का गीत है जिसे नायक विनोद की भूमिका निभाने वाले जल मर्चेंट ने गाया। यह फ़िल्म सागर मूवीटोन के बैनर तले सर्वोत्तम बडामी के निर्देशन में बनी। संगीत एस.पी. राणे का था। गीतकार का नाम उपलब्ध स्रोतों में नहीं मिलता।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

“”Suratiya Nahi Bhule Ree Kaise Dharoon Man Dheer” is a song of heartfelt longing from Grihalaxmi (1934), a Hindi social drama produced by Sagar Movietone and directed by Sarvottam Badami. It was sung by Jal Merchant, who played the male lead Vinod. The music is by S.P. Rane. The lyricist is not documented in surviving records.

संगीत The Music

“गृहलक्ष्मी (1934) में एस.पी. राणे के संगीत ने विरह और स्मृति को “सुरतिया नहीं भूले री” में जीवंत किया। जल मर्चेंट की आवाज़ और ब्रज-हिंदी शब्दावली (“सुरतिया”, “धरूँ मन धीर”) उस युग की गीत-शैली की विशेषता है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

“S.P. Rane's music for Grihalaxmi (1934) captures the emotional register of longing and memory in “Suratiya Nahi Bhule Ree,” performed by Jal Merchant. The use of the vernacular Braj-Hindi idiom (“suratiya,” “dharoon man dheer”) reflects the period's lyrical aesthetic.

वर्गीकरण

Classification

Genre

FilmiSocial

नमूना-पट्टी

The Specimen Table
गीत-नमूना · Song Specimen
शीर्षकसुरतिया नहीं भूले री कैसे धरूँ मन धीर · Suratiya Nahi Bhule Ree Kaise Dharoon Man Dheer
फ़िल्मगृहलक्ष्मी · 1934
वर्ष · युग1934
गायकजल मर्चेंट
संगीतकारएस.पी. राणे
भाषाhindi
भावमीठा-कड़वा · उदास
लोकप्रियताKnown
बोल-स्थितिसार्वजनिक

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