गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
जो फ़साना-ए-आलम को न सुना सकी ज़बान से
Jo Fasanae Alam Ko Na Suna Saki Zaban Se
जी.एम. दुर्रानी की आवाज़ में एक उर्दू-रंगत भरा विलाप — वह कहानी जो ज़माने की ज़बान न कह सकी।
भावउदास · दार्शनिक
भाषाurdu-hindi गतिधीमी स्वरूपएकल पुरुष
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
जी.एम. दुर्रानी की आवाज़ में एक उर्दू-रंगत भरा विलाप — वह कहानी जो ज़माने की ज़बान न कह सकी।
In EnglishAn Urdu-inflected lament in G.M. Durrani's voice — the tale the world's tongue could not tell.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
जी.एम. दुर्रानी का एक एकल गीत — जो 1940 के दशक के हिंदी सिनेमा की प्रमुख पुरुष पार्श्व आवाज़ों में से थे — किसी से ना कहना (1942) के लिए प्रताप मुखर्जी की रचना पर। शीर्षक — 'दुनिया की वह कहानी जो मैं ज़बान से न कह सकी' — एक चिंतनशील, ग़ज़ल की ओर झुकते गीत का संकेत देता है, जो दुर्रानी की उर्दू काव्य-शैली के अनुरूप है। फ़िल्म के बोल प्रसिद्ध हिंदी उपन्यासकार अमृतलाल नागर ने लिखे।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
A solo by G.M. Durrani, one of the dominant male playback voices of 1940s Hindi cinema, set to Pratap Mukherjee's composition for Kisise Na Kehna (1942). The title — 'the tale of the world I could not tell with my tongue' — signals a reflective, ghazal-leaning number in keeping with the Urdu poetic register Durrani often carried. The film's lyrics were written by the noted Hindi novelist Amritlal Nagar.
संगीत The Music
प्रताप मुखर्जी — इस काल के अल्प-प्रलेखित संगीतकार — गीत को धीमे, मींड-अनुकूल मुहावरे में रचते हैं जो जी.एम. दुर्रानी की स्पष्ट, भावप्रवण आवाज़ के अनुकूल है। शीर्षक की उर्दू-काव्य पदावली एक ग़ज़ल-शैली के, संयमित स्वर-उपचार की ओर संकेत करती है, न कि लोक या ताल-प्रधान संयोजन की।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
Pratap Mukherjee, a sparsely documented composer of the period, sets the verse in the slow, melisma-friendly idiom suited to G.M. Durrani's clear, expressive tenor — the Urdu-poetry phrasing of the title pointing to a ghazal-styled, restrained melodic treatment rather than a folk or rhythm-led arrangement.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Slow
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | जो फ़साना-ए-आलम को न सुना सकी ज़बान से · Jo Fasanae Alam Ko Na Suna Saki Zaban Se |
|---|---|
| फ़िल्म | किसी से ना कहना · 1942 |
| वर्ष · युग | 1942 |
| गायक | G.M. Durrani |
| गीतकार | Amritlal Nagar |
| संगीतकार | Pratap Mukherjee |
| स्वरूप | एकल पुरुष |
| गति | धीमी |
| भाषा | urdu-hindi |
| भाव | उदास · दार्शनिक |
| लोकप्रियता | Obscure |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
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