गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
जहाँ कोई तवंगर न हो (भाग २)
Jaha Koi Tavangar Na Ho (Part 2)
'जहाँ कोई धनवान न हो' — एक समान संसार का स्वप्न देखता एक सामाजिक रंग का सामूहिक गीत।
भावप्रेरणादायक · दार्शनिक
भाषाhindi गतिमध्यम स्वरूपसमूह
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
'जहाँ कोई धनवान न हो' — एक समान संसार का स्वप्न देखता एक सामाजिक रंग का सामूहिक गीत।
In English'A place where no one is wealthy' — a socially tinged group song dreaming of an equal world.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
पनघट (1943) का एक बहु-स्वर गीत, सुमती, एस.एन. त्रिपाठी और अफ़ज़ल द्वारा गाया गया, रमेश गुप्ता द्वारा लिखित और एक युग्म गीत के 'भाग २' के रूप में सूचीबद्ध। 'जहाँ कोई तवंगर न हो' (एक ऐसी दुनिया जहाँ कोई धनी न हो) का भाव इसे एक सामाजिक, स्वप्नदर्शी रंग देता है जो फ़िल्म के साझा-संसाधन रूपी कुएँ के विषय से मेल खाता है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
A multi-voice number from Panghat (1943) sung by Sumati, S.N. Tripathi and Afzal, written by Ramesh Gupta and listed as 'Part 2' of a paired song. The 'jaha koi tavangar na ho' (a world where none is rich) sentiment gives it a social, utopian colouring that fits the film's well-as-shared-resource theme.
संगीत The Music
एस.एन. त्रिपाठी इसे एक साझा, लगभग कोरस-सी रचना के रूप में संयोजित करते हैं, एक स्थिर मध्यम लय पर तीन आवाज़ों को बुनते हुए। लोक-फ़िल्मी परिवेश — हारमोनियम और ढोलक — इसे सहज रखता है, जबकि स्तरित आवाज़ें इसके समतावादी पाठ के अनुकूल एक सामुदायिक, गीत-गान सा भाव देती हैं।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
S.N. Tripathi arranges this as a shared, almost chorus-like piece, weaving three voices over a steady medium tempo. The folk-filmi setting — harmonium and dholak — keeps it accessible while the layered voices lend a communal, anthemic feel suited to its egalitarian text.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Medium
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | जहाँ कोई तवंगर न हो (भाग २) · Jaha Koi Tavangar Na Ho (Part 2) |
|---|---|
| फ़िल्म | पनघट · 1943 |
| वर्ष · युग | 1943 |
| गायक | सुमती, S. N. Tripathi, अफ़ज़ल |
| गीतकार | Ramesh Gupta |
| संगीतकार | S. N. Tripathi |
| स्वरूप | समूह |
| गति | मध्यम |
| भाषा | hindi |
| भाव | प्रेरणादायक · दार्शनिक |
| लोकप्रियता | Obscure |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
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