गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate
दीपक जो गाये सो पाये ग्यान ध्यान
Deepak Jo Gaye So Paye Gyan Dhyan
किंवदंती का दीपक राग — जो अपनी शक्ति से दीप जला देता है — परदे पर उतरा।
भावतीव्र · आध्यात्मिक
भाषाhindi गतिमध्यम स्वरूपयुगल
श्रेय
The Creditsसूत्र-वाक्य · The Hook
सूत्र-वाक्य
किंवदंती का दीपक राग — जो अपनी शक्ति से दीप जला देता है — परदे पर उतरा।
In EnglishThe legendary Deepak raag, said to kindle lamps by its sheer power, set to film.
पट्टिका-लेख
The Monographपरिचय Overview
'शहंशाह अकबर' (1943) की एक शास्त्रीय प्रस्तुति, जो किंवदंती के दीपक राग का आह्वान करती है — अग्नि का राग, जिसके बारे में पारंपरिक मान्यता है कि पूर्णता से गाने पर वह दीप जला देता है। अकबर के संगीत-दिग्गजों के दरबार पर आधारित एक फ़िल्म में यह एक उपयुक्त रूपक है। इसे स्वयं उस्ताद झंडे ख़ान ने रचा और शास्त्रीय गायक पंडित कृष्णराव चोंकर के साथ गाया भी।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
A classical showpiece from Shahenshah Akbar (1943) invoking the legendary Deepak raag — the raga of fire, traditionally believed to light lamps when sung with perfection, a fitting motif in a film about Akbar's court of musical legends. Both composed and co-sung by Ustad Jhande Khan himself, alongside the classical vocalist Pandit Krishnarao Chonkar.
संगीत The Music
यह संगीत का सबसे स्पष्ट शास्त्रीय क्षण है: भेंडी बाज़ार-प्रशिक्षित संगीतकार उस्ताद झंडे ख़ान दुर्लभ और कठिन दीपक राग को अपना विषय बनाते हैं और स्वयं पंडित कृष्णराव चोंकर के साथ माइक्रोफ़ोन पर आते हैं। शीर्षक का भाव — कि जो दीपक गाता है वह ग्यान और ध्यान पाता है — प्रस्तुति को एक कथात्मक गीत के बजाय भक्ति-शास्त्रीय प्रदर्शन के रूप में ढालता है।
अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English
This is the score's most explicitly classical moment: Ustad Jhande Khan, the Bhendi Bazaar–trained composer, takes the rare and difficult Deepak raag as his subject and steps to the microphone himself alongside Pandit Krishnarao Chonkar. The title's text — that one who sings Deepak attains gyan and dhyan (knowledge and meditation) — frames the performance as a devotional-classical demonstration rather than a narrative song.
वर्गीकरण
Classification- Tempo
- Medium
Genre
नमूना-पट्टी
The Specimen Table| शीर्षक | दीपक जो गाये सो पाये ग्यान ध्यान · Deepak Jo Gaye So Paye Gyan Dhyan |
|---|---|
| फ़िल्म | शहंशाह अकबर · 1943 |
| वर्ष · युग | 1943 |
| गायक | पंडित कृष्णराव चोंकर, Jhande Khan |
| गीतकार | Jhande Khan |
| संगीतकार | Jhande Khan |
| स्वरूप | युगल |
| गति | मध्यम |
| भाषा | hindi |
| भाव | तीव्र · आध्यात्मिक |
| लोकप्रियता | Known |
| बोल-स्थिति | केवल झलक |
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