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साधो जल में मछली प्यासी
साधो जल में मछली प्यासी — भक्त कबीर (1942)

गीत विंग · गीत-पट्टिका · Song Plate

साधो जल में मछली प्यासी

Sadho Jal Me Machali Pyasi

साधो — मछली जल में रहकर भी प्यासी है। उस आत्मा की कबीर की सबसे तीखी छवि जो अपने चारों ओर बसे परमात्मा को नहीं देख पाती।

भावभक्ति · दार्शनिक · आध्यात्मिक

भाषाhindi   गतिधीमी   स्वरूपSolo

श्रेय

The Credits

सूत्र-वाक्य · The Hook

सूत्र-वाक्य

साधो — मछली जल में रहकर भी प्यासी है। उस आत्मा की कबीर की सबसे तीखी छवि जो अपने चारों ओर बसे परमात्मा को नहीं देख पाती।

In EnglishO seekers — the fish thirsts though it swims in water. Kabir's most piercing image of the soul that cannot see the divine surrounding it.

पट्टिका-लेख

The Monograph

परिचय Overview

कबीर के सबसे प्रसिद्ध और विरोधाभासी पदों में से एक, भक्त कबीर (1942) के लिए रचा गया: मछली उसी जल में प्यासी जो उसे जिलाता है — सर्वव्यापी परमात्मा के प्रति अंधे साधक की छवि। संगीत-सूची में केवल कबीर को श्रेयित, यह हिमांशु दत्ता द्वारा उनके हिंदी-फ़िल्म पदार्पण में रचित सम्पूर्ण-कबीर संगीत का अंग है।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

One of Kabir's most celebrated and paradoxical verses, set for Bhakta Kabir (1942): the fish parched in the very water that sustains it, an image of the seeker blind to the omnipresent divine. Credited solely to Kabir on the soundtrack listing, it belongs to the all-Kabir score composed by Himangshu Dutta in his Hindi-film debut.

संगीत The Music

हिमांशु दत्ता इस विरोधाभासी पद को हारमोनियम और सारंगी पर धीमे और गंभीर ढंग से रचते हैं, मितव्ययी संयोजन केंद्रीय छवि को पूरे भार के साथ उतरने देता है — उस न्यू थिएटर्स वंश का अविचल, वाणी-प्रथम सौंदर्यबोध जिससे संगीतकार संबंधित थे।

अंग्रेज़ी में पढ़ें · Read in English

Himangshu Dutta sets this paradoxical verse slowly and gravely on harmonium and sarangi, the spare arrangement letting the central image land with full weight — the unhurried, verse-first sensibility of the New Theatres lineage the composer belonged to.

वर्गीकरण

Classification

Genre

BhajanDevotionalFilmi
Tempo
Slow

नमूना-पट्टी

The Specimen Table
गीत-नमूना · Song Specimen
शीर्षकसाधो जल में मछली प्यासी · Sadho Jal Me Machali Pyasi
फ़िल्मभक्त कबीर · 1942
वर्ष · युग1942
गीतकारKabir
संगीतकारHimangshu Dutta
स्वरूपSolo
गतिधीमी
भाषाhindi
भावभक्ति · दार्शनिक · आध्यात्मिक
लोकप्रियताObscure
बोल-स्थितिकेवल झलक

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